14 वर्षीय यासिर ने ताशकंद में जीता गोल्ड, सीएम उमर अब्दुल्ला ने बताया 'आइडल'

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14 वर्षीय यासिर ने ताशकंद में जीता गोल्ड, सीएम उमर अब्दुल्ला ने बताया 'आइडल'

सारांश

राजौरी का 14 वर्षीय यासिर — जिसने पिता की मौत, घर का छिनना और गरीबी झेली — ताशकंद में एशियन बॉक्सिंग अंडर-15 चैंपियनशिप 2026 का गोल्ड जीतकर लौटा। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उसे 'आइडल' बताया। यह जीत खेल से कहीं बड़ी है।

मुख्य बातें

मोहम्मद यासिर (14 वर्ष, राजौरी) ने ताशकंद में एशियन बॉक्सिंग अंडर-15 चैंपियनशिप 2026 के 58 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीता।
फाइनल में उज्बेकिस्तान के अब्दुललोह करीमजोनोव को 3:2 से हराया; पूरे टूर्नामेंट में ताजिकिस्तान, कजाकिस्तान और ईरान को भी पराजित किया।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यासिर को 'आइडल' बताया और क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत करार दिया।
2018 में पिता की मौत के बाद माँ नसीम अख्तर ने दूसरों के घरों में काम कर परिवार पाला; यासिर खुद छोटे काम कर भाई-बहनों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं।
भारत ने अंडर-15 चैंपियनशिप में कुल 27 पदक ( 9 गोल्ड, 6 सिल्वर, 12 ब्रॉन्ज ) और अंडर-17 में 17 पदक जीते।

राजौरी के 14 वर्षीय मुक्केबाज मोहम्मद यासिर ने ताशकंद में आयोजित एशियन बॉक्सिंग अंडर-15 चैंपियनशिप 2026 के 58 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर जम्मू-कश्मीर का नाम रोशन किया है। फाइनल में यासिर ने उज्बेकिस्तान के अब्दुललोह करीमजोनोव को 3:2 के करीबी मुकाबले में हराकर यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस उपलब्धि पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यासिर को 'आइडल' बताते हुए उन्हें क्षेत्र के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत करार दिया।

मुकाबलों का सफर: एकतरफा दबदबे से करीबी फाइनल तक

यासिर का टूर्नामेंट में सफर उतना ही प्रभावशाली रहा जितनी उनकी अंतिम जीत। प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने ताजिकिस्तान के मुक्केबाज को 5:0 से एकतरफा शिकस्त दी। क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान के बॉक्सर को भी 5:0 से मात देकर यासिर ने अपना दबदबा बनाए रखा। सेमीफाइनल में ईरानी मुक्केबाज से कड़ी टक्कर मिली, लेकिन यासिर ने 4:1 से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई।

संघर्ष की कहानी: पिता की मौत, घर का छिनना, फिर भी हौसला बरकरार

यासिर की यह जीत केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि एक असाधारण व्यक्तिगत संघर्ष की परिणति है। 2018 में जब यासिर मात्र 6-7 वर्ष के थे, तब उनके पिता का निधन हो गया और परिवार का घर भी छिन गया। इस दोहरे संकट के बाद परिवार दो वक्त के भोजन का भी मोहताज हो गया। उनकी माँ नसीम अख्तर ने दूसरों के घरों में काम करके परिवार को संभाला। इन विपरीत परिस्थितियों में यासिर ने न केवल राजौरी के गवर्नमेंट बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल की 9वीं कक्षा में पढ़ाई जारी रखी, बल्कि छोटे-मोटे काम करके अपने छोटे भाई-बहनों की पढ़ाई का खर्च भी उठाया।

सीएम की प्रतिक्रिया: मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पर दी बधाई

मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट किए गए संदेश में कहा गया कि उमर अब्दुल्ला ने यासिर की इस उपलब्धि को जम्मू-कश्मीर के गौरव से जोड़ा और उम्मीद जताई कि यह युवा खिलाड़ी पूरे क्षेत्र के उभरते बॉक्सरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

भारत का शानदार प्रदर्शन: 27 पदकों के साथ अंडर-15 में शीर्ष

एशियन बॉक्सिंग अंडर-15 चैंपियनशिप 2026 में भारत ने कुल 27 पदक जीते — 9 गोल्ड, 6 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज। अंडर-15 लड़कियों की टीम ने 7 गोल्ड, 2 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज के साथ मेडल टैली में शीर्ष स्थान हासिल किया। अंडर-15 लड़कों ने 2 गोल्ड, 4 सिल्वर और 7 ब्रॉन्ज जीते। इसके अलावा, एशियन बॉक्सिंग अंडर-17 चैंपियनशिप 2026 में भारत ने कुल 17 पदक हासिल किए — 2 गोल्ड, 7 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज — जिनमें अंडर-17 लड़कियों का योगदान सर्वाधिक रहा।

आगे की राह

यासिर की यह जीत जम्मू-कश्मीर के खेल परिदृश्य में एक नई उम्मीद जगाती है। यह ऐसे समय में आई है जब क्षेत्र में युवा प्रतिभाओं को आगे लाने की कोशिशें तेज हो रही हैं। आलोचकों का कहना है कि ऐसी प्रतिभाओं को संस्थागत समर्थन और दीर्घकालिक प्रशिक्षण सुविधाओं की ज़रूरत है, ताकि ये खिलाड़ी ओलंपिक स्तर तक अपनी यात्रा जारी रख सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या जम्मू-कश्मीर की खेल व्यवस्था ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों को संस्थागत सहारा देने में सक्षम है। सीएम की बधाई स्वागत योग्य है, पर बधाई से आगे — प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोज़र — की ज़िम्मेदारी सरकार की है। यह ऐसे समय में और भी ज़रूरी है जब भारत 2028 और 2032 ओलंपिक के लिए मुक्केबाजी में पदक पाइपलाइन बनाने की कोशिश कर रहा है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहम्मद यासिर ने एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में कौन सा पदक जीता?
मोहम्मद यासिर ने ताशकंद में आयोजित एशियन बॉक्सिंग अंडर-15 चैंपियनशिप 2026 के 58 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। फाइनल में उन्होंने उज्बेकिस्तान के अब्दुललोह करीमजोनोव को 3:2 से हराया।
सीएम उमर अब्दुल्ला ने यासिर के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यासिर को 'आइडल' बताया और कहा कि इस उपलब्धि से जम्मू-कश्मीर का गौरव बढ़ा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यासिर पूरे क्षेत्र के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।
मोहम्मद यासिर की व्यक्तिगत पृष्ठभूमि क्या है?
यासिर राजौरी के गवर्नमेंट बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल में 9वीं कक्षा के छात्र हैं। 2018 में पिता की मौत के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया; माँ नसीम अख्तर ने दूसरों के घरों में काम करके परिवार को पाला और यासिर ने खुद छोटे काम करके भाई-बहनों की पढ़ाई का खर्च उठाया।
एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में भारत का कुल प्रदर्शन कैसा रहा?
भारत ने अंडर-15 चैंपियनशिप में कुल 27 पदक जीते — 9 गोल्ड, 6 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज — और अंडर-15 लड़कियों की मेडल टैली में शीर्ष स्थान हासिल किया। अंडर-17 वर्ग में भारत ने 17 पदक (2 गोल्ड, 7 सिल्वर, 8 ब्रॉन्ज) जीते।
यासिर ने टूर्नामेंट में किन-किन देशों के बॉक्सरों को हराया?
यासिर ने प्री-क्वार्टर फाइनल में ताजिकिस्तान को 5:0, क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान को 5:0, सेमीफाइनल में ईरान को 4:1 और फाइनल में उज्बेकिस्तान को 3:2 से हराकर गोल्ड मेडल जीता।
राष्ट्र प्रेस
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