सियालदह से शुरू हुआ '30-मिनट स्पार्कल' अभियान, पूर्व रेलवे के 15 स्टेशनों पर एकसाथ सफाई मुहिम
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर ने 17 मई 2025 को सियालदह स्टेशन पर पखवाड़े भर चलने वाले '30-मिनट स्पार्कल' अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस मुहिम के तहत यदि कोई यात्री स्टेशन पर गंदगी देखता है, तो शिकायत मिलने के 30 मिनट के भीतर समर्पित सफाई दल उस स्थान को स्वच्छ करेगा। यह अभियान एकसाथ 15 प्रमुख स्टेशनों पर शुरू किया गया, जो पूर्व रेलवे के चारों मंडलों — सियालदह, हावड़ा, आसनसोल और मालदा — को जोड़ता है।
मुख्य घटनाक्रम
सियालदह में शनिवार की सुबह भाषणों से नहीं, बल्कि पूर्व रेलवे भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के एक जीवंत नुक्कड़ नाटक से हुई। युवा स्काउट्स ने संगीत, अभिनय और सशक्त संवादों के ज़रिए कूड़ा फैलाने के दुष्प्रभाव और नई डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली की उपयोगिता को प्रभावी ढंग से दर्शाया। इसके बाद महाप्रबंधक ने अभियान का औपचारिक उद्घाटन किया।
महाप्रबंधक देऊस्कर ने स्टेशन पर विक्रेताओं और यात्रियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद किया। विक्रेताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'आप हमारे स्टेशन का चेहरा हैं। अपने स्टॉल और आसपास के क्षेत्र को कचरा-मुक्त रखने के प्रति आपकी प्रतिबद्धता हर यात्री के लिए एक उदाहरण स्थापित करती है।'
ईआर चैलेंज: यात्री बनेंगे स्वच्छता दूत
अभियान का केंद्रबिंदु है ईआर चैलेंज — एक त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली जो प्रत्येक यात्री को स्वच्छता दूत में बदल देती है। गंदगी दिखने पर यात्री उसकी तस्वीर खींचकर आधिकारिक मंडलीय सोशल मीडिया हैंडल को टैग कर सकते हैं या रेल मदद पोर्टल के माध्यम से सीधे शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत मिलते ही समर्पित त्वरित सफाई दल 30 मिनट की निर्धारित समयसीमा के भीतर उस स्थान को स्वच्छ करेगा। शुभारंभ के दौरान कई यात्रियों ने तुरंत आवश्यक डिजिटल माध्यम डाउनलोड किए।
हावड़ा समेत 15 स्टेशनों पर समानांतर आयोजन
सियालदह के साथ-साथ हावड़ा स्टेशन पर अपर महाप्रबंधक शीलेंद्र प्रताप सिंह ने समानांतर कार्यक्रम का नेतृत्व किया और यात्रियों को नई डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली के उपयोग के लिए प्रेरित किया।
सियालदह मंडल में दमदम जंक्शन, बैरकपुर, नैहाटी, कांचरापाड़ा और बारासात को शामिल किया गया। हावड़ा मंडल में लिलुआ, बैंडेल जंक्शन और रामपुरहाट भी इस अभियान का हिस्सा बने। आसनसोल मंडल में आसनसोल और दुर्गापुर पर विशेष ध्यान दिया गया, जबकि मालदा मंडल में मालदा, जमालपुर और भागलपुर को इस मुहिम से जोड़ा गया।
सरकार और रेलवे की प्रतिक्रिया
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझी ने कहा, 'आज हमने केवल एक सेवा की शुरुआत नहीं की है, बल्कि ऐसी संस्कृति की नींव रखी है जिसमें स्टेशन को अपने घर जैसा सम्मान दिया जाएगा।' उन्होंने जोड़ा कि ईआर चैलेंज इस विश्वास का प्रतीक है कि रेलवे और आम जनता के सहयोग से स्वच्छ यात्रा एक सुनिश्चित वास्तविकता बन सकती है।
महाप्रबंधक देऊस्कर ने यात्रियों को संबोधित करते हुए कहा, 'यह 30 मिनट का वादा आपकी ओर हमारी सफाई गारंटी है, लेकिन इस परिवर्तन की असली ताकत आपकी भागीदारी है।' उन्होंने यात्रियों को रेलवे को जवाबदेह बनाने का अधिकार देने की बात भी कही।
आगे क्या
यह पखवाड़े भर का अभियान 24×7 सतर्कता को पूर्व रेलवे की नई कार्यसंस्कृति बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो इसे स्थायी व्यवस्था के रूप में लागू किए जाने की संभावना है — जो भारतीय रेलवे के स्वच्छता मानकों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बन सकता है।