राजौरी के युवा मुक्केबाजों ने पीएम मोदी को किया धन्यवाद, कहा- उनका मंच है प्रेरणा का स्रोत
सारांश
Key Takeaways
- खेलो इंडिया नीति का प्रभावी कार्यान्वयन
- राजौरी में मुक्केबाजी का विकास
- युवाओं को प्रतिस्पर्धात्मक मंच प्रदान करना
- अनुभवी कोचों का योगदान
- राष्ट्रीय पदक जीतने की प्रेरणा
राजौरी, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के गठन के बाद से जम्मू-कश्मीर में खेलों का परिदृश्य बदल गया है। राज्य के खिलाड़ी विभिन्न खेलों में न केवल राज्य स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें केंद्र सरकार की 'खेलो इंडिया' नीति का बड़ा योगदान है।
राजौरी के स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेलो इंडिया सेंटर में 8 से 18 साल के बच्चों को मुक्केबाजी की ट्रेनिंग दी जा रही है। यह प्रशिक्षण अनुभवी कोच के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इस सेंटर की वजह से राजौरी जिला युवा बॉक्सिंग प्रतिभाओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है।
प्रशिक्षण ले रहे मोहम्मद तोएद खान ने राष्ट्र प्रेस को बताया, "मैं खेलो इंडिया सेंटर में बेहतरीन कोच के साथ अपनी ट्रेनिंग कर रहा हूँ। वे हमें उचित दिशा-निर्देश देते हैं। मैं पीएम नरेंद्र मोदी का आभारी हूँ कि उन्होंने हमें यह शानदार मंच प्रदान किया है, जो हमें प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने का साहस देता है।"
मोहम्मद यासिर ने कहा, "मैं राजौरी में खेलो इंडिया सेंटर में अभ्यास कर रहा हूँ, जो 2022 में स्थापित हुआ था। मैंने 2025 में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीता। मुझे यह मंच देने के लिए अपने कोच और सेंटर का दिल से धन्यवाद देता हूँ।"
राजौरी स्पोर्ट्स स्टेडियम के खेलो इंडिया सेंटर की सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो में यह स्पष्ट है कि 8 से 18 वर्ष के कई युवा प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में मुक्केबाजी का अभ्यास कर रहे हैं। इन सभी मुक्केबाजों का उद्देश्य कठिन परिश्रम करना और राज्य तथा देश में अपने जिले का नाम रोशन करना है। इस केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे बच्चे ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए पदक जीतने की आकांक्षा रखते हैं।