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नोएडा में गर्मी का कहर: OPD में ३,०२२ मरीज, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामले बढ़े

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नोएडा में गर्मी का कहर: OPD में ३,०२२ मरीज, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामले बढ़े

सारांश

नोएडा में भीषण गर्मी का कहर — २७ अप्रैल को सरकारी अस्पताल की ओपीडी में ३,०२२ मरीज पहुंचे। डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और डॉग बाइट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। विशेषज्ञों ने दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह दी।

मुख्य बातें

२७ अप्रैल २०२६ को नोएडा की सरकारी अस्पताल ओपीडी में ३,०२२ मरीज पहुंचे — तीन दिनों में सर्वाधिक।
२४ अप्रैल को २,७६९ और २५ अप्रैल को २,६५३ मरीज दर्ज किए गए।
२७ अप्रैल को डॉग बाइट के ४२७ मामले दर्ज हुए, जो स्वास्थ्य विभाग के लिए अलग चिंता का विषय है।
डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और उल्टी-दस्त के मामलों में तेजी से वृद्धि; बच्चे और बुजुर्ग सर्वाधिक प्रभावित।
विशेषज्ञों ने दोपहर १२ से ४ बजे के बीच बाहर न निकलने और ओआरएस का उपयोग करने की सलाह दी।
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में लू का येलो अलर्ट जारी किया हुआ है।

नोएडा, २८ अप्रैल २०२६ (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा में इन दिनों भीषण गर्मी और लू का प्रकोप चरम पर है, जिसका सीधा असर आम लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों के चलते जिले के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। २७ अप्रैल को एक ही दिन में ३,०२२ मरीज ओपीडी में पहुंचे, जो इस सीजन का अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है।

मुख्य घटनाक्रम: तीन दिनों में मरीजों की बाढ़

आंकड़ों के अनुसार २४ अप्रैल २०२६ को ओपीडी में कुल २,७६९ मरीज दर्ज किए गए, जबकि १,९५४ मरीजों ने आभा स्कैन के माध्यम से पंजीकरण कराया। इसी दिन ३७२ अन्य केस दर्ज हुए, जिनमें ३२८ डॉग बाइट के मामले भी शामिल थे।

२५ अप्रैल को २,६५३ मरीज ओपीडी में पहुंचे और १,८९८ लोगों ने आभा स्कैन कराया। इस दिन २२३ अन्य केस दर्ज हुए, जिनमें १८४ डॉग बाइट के मामले थे। २७ अप्रैल को स्थिति और गंभीर हो गई — ओपीडी में ३,०२२ मरीज पहुंचे, २,१५८ लोगों ने आभा स्कैन कराया और ४७१ अन्य केस दर्ज हुए, जिनमें डॉग बाइट के ४२७ मामले शामिल हैं।

सबसे ज्यादा प्रभावित: बच्चे और बुजुर्ग

डॉक्टरों के अनुसार तेज गर्मी में शरीर से पसीने के रूप में अत्यधिक पानी और नमक निकल जाता है, जिससे डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन की स्थिति बनती है। बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर होने के कारण वे इस मौसम में सबसे पहले बीमार पड़ रहे हैं। गौरतलब है कि हर साल अप्रैल-मई के महीनों में उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में ओपीडी में मरीजों की संख्या सामान्य से दोगुनी हो जाती है।

यह ऐसे समय में आया है जब मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लू का येलो अलर्ट जारी किया हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में हीट आइलैंड इफेक्ट के कारण नोएडा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में तापमान आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक रहता है।

डॉग बाइट के मामले भी चिंताजनक

केवल गर्मी से जुड़ी बीमारियां ही नहीं, बल्कि डॉग बाइट के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। २७ अप्रैल को एक ही दिन में ४२७ डॉग बाइट केस दर्ज होना स्वास्थ्य विभाग के लिए अलग चिंता का विषय बन गया है। आलोचकों का कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नगर निगम का नियंत्रण अपर्याप्त है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को कई जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। उनके अनुसार दोपहर १२ बजे से ४ बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। इसके अलावा अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थ पीते रहें, हल्का और पौष्टिक भोजन करें तथा धूप में निकलते समय सिर और शरीर को ढककर रखें।

यह भी सुझाव दिया गया है कि ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट) का घोल तैयार रखें और किसी भी असामान्य लक्षण — जैसे चक्कर आना, अत्यधिक पसीना या बेहोशी — की स्थिति में तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें। आने वाले हफ्तों में तापमान और बढ़ने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अपनी तैयारियां और पुख्ता करनी होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

०२२ तक पहुंचना महज मौसमी उतार-चढ़ाव नहीं है — यह शहरी स्वास्थ्य ढांचे की उस कमजोरी को उजागर करता है जो हर गर्मी में दोहराई जाती है। हीट आइलैंड इफेक्ट से जूझते नोएडा जैसे शहरों में सरकारी अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने की बजाय हर साल केवल 'सावधानी बरतें' की सलाह दी जाती है। ४२७ डॉग बाइट केस एक दिन में — यह आंकड़ा बताता है कि नगर निगम की पशु नियंत्रण नीति पूरी तरह विफल है। जब तक शहरी ताप प्रबंधन और पशु नियंत्रण को नीतिगत प्राथमिकता नहीं दी जाती, यह संकट हर साल और गहरा होता जाएगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में गर्मी के कारण ओपीडी में कितने मरीज आ रहे हैं?
आंकड़ों के अनुसार नोएडा के सरकारी अस्पताल की ओपीडी में २७ अप्रैल २०२६ को एक ही दिन में ३,०२२ मरीज पहुंचे। २४ अप्रैल को २,७६९ और २५ अप्रैल को २,६५३ मरीज दर्ज किए गए थे।
गर्मी में सबसे ज्यादा कौन सी बीमारियां हो रही हैं?
डॉक्टरों के अनुसार डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, उल्टी-दस्त और शारीरिक कमजोरी के मामले सबसे अधिक देखे जा रहे हैं। बच्चे और बुजुर्ग इन बीमारियों से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
गर्मी और लू से बचाव के क्या उपाय हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दोपहर १२ से ४ बजे के बीच घर से बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने, ओआरएस घोल तैयार रखने और धूप में सिर ढककर निकलने की सलाह दी है। हल्का और पौष्टिक भोजन करना भी जरूरी है।
नोएडा में डॉग बाइट के इतने मामले क्यों बढ़ रहे हैं?
२७ अप्रैल को एक ही दिन में ४२७ डॉग बाइट केस दर्ज हुए। आलोचकों का कहना है कि नगर निगम की आवारा पशु नियंत्रण नीति अपर्याप्त है, जिससे ऐसे मामले बढ़ रहे हैं।
आभा स्कैन से पंजीकरण क्या है और इसका क्या महत्व है?
आभा स्कैन भारत सरकार की आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत डिजिटल स्वास्थ्य पंजीकरण की प्रक्रिया है। २७ अप्रैल को २,१५८ मरीजों ने इसके जरिए पंजीकरण कराया, जो स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में सकारात्मक संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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