30 जुलाई 2026
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बिहटा में ₹213 करोड़ का MSME टेक्नोलॉजी सेंटर शुरू, लाभार्थियों ने कहा— 'रोजगार और आय में होगी बढ़ोतरी'

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बिहटा में ₹213 करोड़ का MSME टेक्नोलॉजी सेंटर शुरू, लाभार्थियों ने कहा— 'रोजगार और आय में होगी बढ़ोतरी'

सारांश

₹213 करोड़ की लागत से बिहटा में खुला MSME टेक्नोलॉजी सेंटर बिहार के औद्योगिक परिदृश्य में एक नया अध्याय जोड़ सकता है। पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को टूलकिट और आर्थिक सहायता मिलने से ज़मीनी स्तर पर उम्मीद जगी है — असली परीक्षा अब क्रियान्वयन की है।

मुख्य बातें

CM सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने 28 अप्रैल 2026 को बिहटा में MSME टेक्नोलॉजी सेंटर का उद्घाटन किया।
परियोजना की कुल लागत ₹213 करोड़ — एक मुख्य सेंटर ( ₹171 करोड़ ) और चार एक्सटेंशन सेंटर ( ₹10-15 करोड़ प्रत्येक)।
पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को टूलकिट और ₹50,000 तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
लक्ष्य: तकनीकी शिक्षा का विस्तार, युवाओं को आधुनिक कौशल और बिहार में निवेश आकर्षण।
लाभार्थियों में कारपेंटर, प्लंबर, महिला उद्यमी और खिलौना निर्माता शामिल।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने 28 अप्रैल 2026 को बिहटा में MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) टेक्नोलॉजी सेंटर का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। कुल ₹213 करोड़ की लागत से स्थापित इस परियोजना का उद्देश्य बिहार में तकनीकी शिक्षा का विस्तार, युवाओं को आधुनिक कौशल प्रदान करना और नए रोजगार के अवसर सृजित करना है।

परियोजना की संरचना और लागत

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने उद्घाटन समारोह में बताया कि इस परियोजना के तहत ₹171 करोड़ की लागत से एक प्रमुख टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त चार एक्सटेंशन सेंटर भी बनाए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक की लागत लगभग ₹10 से 15 करोड़ है। मांझी ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि टूलकिट और चेक वितरण के आगे इन सेंटरों की दीर्घकालिक उत्पादकता कैसी रहेगी। बिहार में MSME क्षेत्र वर्षों से बुनियादी ढाँचे और बाज़ार संपर्क की कमी से जूझ रहा है — केवल उपकरण देने से यह खाई नहीं पटेगी। पीएम विश्वकर्मा जैसी योजनाओं की सफलता का मापदंड लाभार्थियों की संख्या नहीं, बल्कि उनकी आय में सत्यापन-योग्य वृद्धि होनी चाहिए। बिना स्वतंत्र मूल्यांकन तंत्र के, ये सेंटर उद्घाटन की सुर्खियों तक सीमित रह सकते हैं।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहटा MSME टेक्नोलॉजी सेंटर क्या है?
बिहटा MSME टेक्नोलॉजी सेंटर एक ₹213 करोड़ की केंद्र-राज्य परियोजना है, जिसका उद्घाटन 28 अप्रैल 2026 को हुआ। इसमें एक मुख्य सेंटर और चार एक्सटेंशन सेंटर शामिल हैं, जो युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल और उद्यमियों को उत्पादन सहायता प्रदान करेंगे।
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत लाभार्थियों को क्या मिला?
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत लाभार्थियों को उनके पेशे से संबंधित टूलकिट — जैसे प्लंबिंग उपकरण, कारपेंटरी किट, ग्लाइंडर — और ₹50,000 तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसके अलावा लोन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
इस परियोजना की कुल लागत कितनी है?
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के अनुसार, मुख्य टेक्नोलॉजी सेंटर की लागत ₹171 करोड़ है और चार एक्सटेंशन सेंटरों की लागत लगभग ₹10-15 करोड़ प्रत्येक है, जिससे कुल परियोजना लागत लगभग ₹213 करोड़ है।
इन सेंटरों से बिहार के युवाओं को क्या फायदा होगा?
इन सेंटरों के माध्यम से बिहार के युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण, रोजगार के नए अवसर और स्थानीय उद्यमियों को बाज़ार से जुड़ने में सहायता मिलेगी। सरकार का लक्ष्य इन केंद्रों के ज़रिए राज्य में निवेश आकर्षित करना और MSME क्षेत्र को मज़बूत करना है।
उद्घाटन में कौन-कौन शामिल हुए?
उद्घाटन समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय MSME मंत्री जीतन राम मांझी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। पीएम विश्वकर्मा योजना के कई लाभार्थी भी इस अवसर पर मौजूद थे।
राष्ट्र प्रेस
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