दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मदनपुर खादर से पकड़ा फरार घोषित अपराधी, 2018 आबकारी मामले में था वांछित

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दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मदनपुर खादर से पकड़ा फरार घोषित अपराधी, 2018 आबकारी मामले में था वांछित

सारांश

करीब एक साल तक पुलिस और अदालत की आँखों में धूल झोंककर फरार रहे राजू कुमार को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 28 अप्रैल 2026 को मदनपुर खादर से दबोच लिया। 2018 के आबकारी मामले में घोषित अपराधी, आरोपी के खिलाफ पहले से छह मामले दर्ज हैं — और गिरफ्तारी के दिन ही उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

Key Takeaways

  • दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 28 अप्रैल 2026 को मदनपुर खादर से 32 वर्षीय राजू कुमार को गिरफ्तार किया।
  • आरोपी 2018 के दिल्ली आबकारी अधिनियम (धारा 33/58) मामले में हजरत निजामुद्दीन थाने में वांछित था।
  • अदालत ने 13 जून 2025 को उसे घोषित अपराधी करार दिया था।
  • 30 अक्टूबर 2018 को उसके वाहन से 60 कार्टन अवैध शराब बरामद की गई थी।
  • आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत पहले से छह मामले दर्ज हैं।
  • गिरफ्तारी के दिन ही आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 28 अप्रैल 2026 को मदनपुर खादर, नई दिल्ली से 32 वर्षीय राजू कुमार को गिरफ्तार किया, जो 2018 के दिल्ली आबकारी अधिनियम मामले में करीब एक साल से फरार चल रहा था। अदालत ने उसे 13 जून 2025 को घोषित अपराधी करार दिया था। क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज, कमला मार्केट टीम ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी निगरानी के ज़रिए उसकी लोकेशन ट्रेस कर यह गिरफ्तारी की।

मूल मामला और गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

30 अक्टूबर 2018 को हजरत निजामुद्दीन थाना पुलिस ने एक महिंद्रा बोलेरो वाहन (यूपी-14 बीटी सीरीज़) से 60 कार्टन अवैध शराब बरामद की थी। यह वाहन आरोपी राजू कुमार के नाम पर पंजीकृत था। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया था और दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 33/58 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।

जाँच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की और ट्रायल शुरू हुआ। इस दौरान आरोपी को जमानत मिल गई, लेकिन बाद में उसने अदालत में पेश होना बंद कर दिया। लगातार गैरहाजिरी के कारण अदालत ने 13 जून 2025 को उसे फरार घोषित कर दिया।

गिरफ्तारी का ऑपरेशन

क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज टीम को आरोपी की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली। इसके बाद एसीपी सतेन्द्र मोहन की निगरानी में इंस्पेक्टर वीर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें एएसआई दीप चंद, हेड कांस्टेबल संदीप और हेड कांस्टेबल विनोद शामिल थे।

पुलिस ने काफी समय तक निगरानी और रणनीतिक तैयारी के बाद 28 अप्रैल 2026 को मदनपुर खादर से आरोपी को दबोचा। गिरफ्तारी के उसी दिन उसे अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि

पुलिस जाँच के अनुसार, राजू कुमार ने कम उम्र में पढ़ाई छोड़ दी थी और इसके बाद भोगल इलाके में अवैध शराब के कारोबार में शामिल हो गया। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत पहले से छह मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी से पहले भी वह इलाके में चोरी-छिपे अवैध शराब की बिक्री कर रहा था।

आगे की कार्रवाई

यह गिरफ्तारी दिल्ली क्राइम ब्रांच की उस मुहिम का हिस्सा है जिसमें अदालत द्वारा घोषित फरार अपराधियों को पकड़ने पर ज़ोर दिया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, राजू कुमार के नेटवर्क और उसके अवैध शराब आपूर्ति स्रोतों की जाँच अभी जारी है।

Point of View

ज़मानत निगरानी तंत्र की खामियों को उजागर करता है। क्राइम ब्रांच की यह सफलता सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि अवैध शराब के आपूर्ति नेटवर्क तक जाँच कब पहुँचेगी — केवल वाहक को पकड़ने से यह कारोबार नहीं रुकता।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने किसे और कहाँ से गिरफ्तार किया?
दिल्ली क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज टीम ने 28 अप्रैल 2026 को मदनपुर खादर, नई दिल्ली से 32 वर्षीय राजू कुमार को गिरफ्तार किया। वह 2018 के आबकारी अधिनियम मामले में घोषित अपराधी था और करीब एक साल से फरार था।
राजू कुमार को घोषित अपराधी कब और क्यों करार दिया गया?
अदालत ने 13 जून 2025 को राजू कुमार को घोषित अपराधी करार दिया, क्योंकि जमानत मिलने के बाद वह लगातार अदालत में पेश होने से बचता रहा। लगातार गैरहाजिरी के कारण अदालत ने यह कदम उठाया।
2018 का आबकारी मामला क्या था?
30 अक्टूबर 2018 को हजरत निजामुद्दीन थाना पुलिस ने राजू कुमार के नाम पर पंजीकृत महिंद्रा बोलेरो वाहन से 60 कार्टन अवैध शराब बरामद की थी। दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 33/58 के तहत एफआईआर दर्ज की गई और वाहन जब्त कर लिया गया था।
गिरफ्तारी के बाद राजू कुमार के साथ क्या हुआ?
गिरफ्तारी के दिन यानी 28 अप्रैल 2026 को ही उसे अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस उसके अवैध शराब नेटवर्क और आपूर्ति स्रोतों की जाँच कर रही है।
दिल्ली क्राइम ब्रांच की किस टीम ने यह गिरफ्तारी की?
एसीपी सतेन्द्र मोहन की निगरानी में इंस्पेक्टर वीर सिंह के नेतृत्व में सेंट्रल रेंज, कमला मार्केट की टीम ने यह ऑपरेशन अंजाम दिया। टीम में एएसआई दीप चंद, हेड कांस्टेबल संदीप और हेड कांस्टेबल विनोद शामिल थे।
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