केरल: कन्नूर डेंटल कॉलेज छात्र नितिन राज की मौत की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी, दो शिक्षक आरोपी
सारांश
Key Takeaways
- केरल पुलिस प्रमुख रावदा ए. चंद्रशेखर ने 29 अप्रैल को जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी।
- बीडीएस छात्र नितिन राज ने 10 अप्रैल को कन्नूर डेंटल कॉलेज भवन से कूदकर जान दी थी।
- शिक्षक एम.के. राम पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप; अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद फरार।
- शिक्षक संगीता नांबियार को जमानत मिली, पुलिस के सामने पेश हुईं।
- अवैध लोन ऐप मामले में तीन आरोपी — ऋषिकेश तिवारी, प्रशांत केवल और प्रकाश जय — गिरफ्तार।
- जांच में शैक्षणिक दबाव और डिजिटल धमकियों के बीच संभावित संबंध की भी पड़ताल होगी।
केरल पुलिस प्रमुख रावदा ए. चंद्रशेखर ने बुधवार, 29 अप्रैल को कन्नूर डेंटल कॉलेज के बीडीएस छात्र नितिन राज की मौत की जांच राज्य क्राइम ब्रांच को सौंप दी। यह निर्णय शैक्षणिक उत्पीड़न और अवैध डिजिटल लोन ऐप से धमकियों के आरोपों को लेकर बढ़ते सार्वजनिक आक्रोश के बीच लिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
10 अप्रैल को नितिन राज ने कन्नूर डेंटल कॉलेज भवन से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर व्यापक प्रदर्शन शुरू हो गए। कन्नूर सिटी पुलिस कमिश्नर निधिनराज पी. की सिफारिश के बाद राज्य पुलिस प्रमुख ने जांच क्राइम ब्रांच को हस्तांतरित करने का आदेश जारी किया।
परिवार के आरोप और आरोपियों की स्थिति
मृतक के परिवार का आरोप है कि विभागाध्यक्ष एम.के. राम ने नितिन को लंबे समय तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। यही आरोप अब क्राइम ब्रांच की जांच का मुख्य आधार बना है। इस मामले में कॉलेज के दो शिक्षकों — एम.के. राम और संगीता नांबियार — को आरोपी बनाया गया है।
कॉलेज प्रबंधन ने शुरुआत में दोनों को निलंबित किया था, परंतु विवाद गहराने पर एम.के. राम को नौकरी से भी हटा दिया गया। स्थानीय अदालत से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद वे फरार चल रहे हैं। संगीता नांबियार को जमानत मिल चुकी है और वे पुलिस के सामने पेश भी हो चुकी हैं।
डिजिटल लोन ऐप का कनेक्शन
इस मामले में एक अहम डिजिटल एंगल भी उभरा है। साइबर पुलिस ने अवैध लोन ऐप से जुड़े तीन लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया है, जिन पर छात्र और एक शिक्षक को धमकाने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश निवासी ऋषिकेश तिवारी, उत्तर प्रदेश निवासी प्रशांत केवल और फरीदाबाद निवासी प्रकाश जय के रूप में हुई है।
यह ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में अवैध लोन ऐप्स द्वारा उत्पीड़न की शिकायतें तेज़ी से बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि इस मामले में शैक्षणिक दबाव और बाहरी आर्थिक धमकियों के बीच संभावित संबंध की जांच भी की जाएगी।
जांच का दायरा
अधिकारियों के अनुसार, क्राइम ब्रांच अब कॉलेज के अंदरूनी दस्तावेज, शैक्षणिक रिकॉर्ड और संबंधित व्यक्तियों के बयान खंगालेगी। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश होगी कि संस्थागत स्तर पर कोई लापरवाही या दबाव तो नहीं था। साथ ही अवैध और शोषणकारी लोन ऐप्स से जुड़े नियामक खामियों की भी समीक्षा की जाएगी।
आगे क्या होगा
क्राइम ब्रांच की जांच के नतीजे इस बात को स्पष्ट करेंगे कि नितिन राज की मौत के पीछे शैक्षणिक उत्पीड़न, आर्थिक दबाव या दोनों का मेल ज़िम्मेदार था। यह मामला केरल में उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों की मानसिक सुरक्षा और अवैध डिजिटल वित्तीय सेवाओं पर नियंत्रण की व्यापक बहस को नई दिशा दे सकता है।