भारत में मार्च 2026 में क्रेडिट कार्ड खर्च 24%25 बढ़कर ₹2,194 अरब, सालाना वृद्धि केवल 8.9%25: रिपोर्ट
सारांश
Key Takeaways
- भारत में मार्च 2026 में क्रेडिट कार्ड खर्च 24%25 बढ़कर ₹2,194 अरब हुआ।
- साल-दर-साल वृद्धि केवल 8.9%25 रही, जो मौसमी प्रभाव और कमज़ोर आधार को दर्शाती है।
- सक्रिय कार्डों की संख्या 8%25 बढ़कर करीब 11.8 करोड़ हुई; 9.3 लाख नए कार्ड जारी।
- प्रति कार्ड औसत खर्च सालाना आधार पर केवल 0.9%25 बढ़ा — उपभोग तीव्रता सीमित।
- फरवरी में खर्च ₹1,772 अरब था, जो मार्च के निचले तुलनात्मक आधार का कारण बना।
भारत में मार्च 2026 में क्रेडिट कार्ड के ज़रिए कुल खर्च 24 प्रतिशत उछलकर ₹2,194 अरब पर पहुँच गया, जो मुख्यतः मौसमी कारकों और पिछले वर्ष के कमज़ोर आधार की वजह से हुआ। असित सी. मेहता इन्वेस्टमेंट इंटरमीडिएट्स की 28 अप्रैल 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, साल-दर-साल आधार पर यह वृद्धि केवल 8.9 प्रतिशत रही, जो दर्शाता है कि उपभोग की रफ़्तार तेज़ी के दौर से निकलकर अब सामान्य होती जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि महीने-दर-महीने खर्च में आई यह तीव्र बढ़ोतरी स्थायी माँग में किसी बड़े उछाल का संकेत नहीं देती। बल्कि यह मौसमी खर्च और सांख्यिकीय आधार प्रभाव का परिणाम है। रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र अब उच्च-वृद्धि चरण से बाहर निकलकर संतुलित विस्तार की दिशा में बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि फरवरी 2026 में क्रेडिट कार्ड खर्च सालाना आधार पर 6 प्रतिशत बढ़ा था, लेकिन महीने-दर-महीने यह 11 प्रतिशत घटकर ₹1,772 अरब रह गया था। मार्च का आँकड़ा उसी निचले आधार के मुकाबले दर्ज किया गया है।
क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं की संख्या
कुल सक्रिय क्रेडिट कार्डों की संख्या लगभग 8 प्रतिशत बढ़कर करीब 11.8 करोड़ हो गई है। मार्च 2026 में लगभग 9.3 लाख नए क्रेडिट कार्ड जारी किए गए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 7.96 प्रतिशत अधिक हैं।
रिपोर्ट यह भी रेखांकित करती है कि खर्च में वृद्धि का मुख्य चालक नए उपयोगकर्ताओं का जुड़ना है, न कि प्रति व्यक्ति खर्च में कोई बड़ी बढ़ोतरी। इससे पता चलता है कि बाज़ार का विस्तार हो रहा है, लेकिन मौजूदा ग्राहकों की खर्च करने की तीव्रता सीमित बनी हुई है।
प्रति कार्ड और प्रति ट्रांजैक्शन खर्च का रुझान
खर्च के पैटर्न में मिला-जुला रुझान देखने को मिला। प्रति कार्ड औसत खर्च महीने-दर-महीने 22.8 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन सालाना आधार पर यह केवल 0.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
इसी तरह, प्रति ट्रांजैक्शन औसत खर्च भी मासिक आधार पर बढ़ा, किंतु सालाना आधार पर इसमें गिरावट का रुझान बना रहा। रिपोर्ट के अनुसार, यह उपभोग की तीव्रता में सीमित सुधार को दर्शाता है।
फरवरी से तुलना
फरवरी में 10.5 लाख नए कार्ड जारी किए गए थे, जो सालाना आधार पर 7.7 प्रतिशत अधिक थे। मार्च में नए कार्ड जारी होने की संख्या फरवरी की तुलना में कम रही, जो संकेत देता है कि नए ग्राहक जोड़ने की गति में मामूली नरमी आई है।
आगे क्या
विश्लेषकों के अनुसार, क्रेडिट कार्ड क्षेत्र में वृद्धि अब परिपक्वता की ओर बढ़ रही है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अनिश्चितता और घरेलू उपभोग पर दबाव के बीच वित्तीय संस्थाएँ अपने पोर्टफोलियो विस्तार में सतर्कता बरत रही हैं। आने वाले महीनों में सालाना वृद्धि दर और प्रति कार्ड खर्च के आँकड़े क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का बेहतर संकेत देंगे।