आरबीआई का 'मिशन सक्षम' लॉन्च: 1.40 लाख UCB कर्मियों को मिलेगा प्रशिक्षण, सहकारी बैंकिंग होगी मज़बूत
सारांश
Key Takeaways
- RBI ने 28 अप्रैल 2026 को 'मिशन सक्षम' (सहकारी बैंक क्षमता निर्माण) की शुरुआत की।
- देशभर के शहरी सहकारी बैंकों के करीब 1.40 लाख कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
- प्रशिक्षण ऑफलाइन (इन-पर्सन) और ऑनलाइन (ई-लर्निंग) दोनों माध्यमों से होगा।
- सामग्री क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराई जाएगी।
- मिशन की रूपरेखा में UCB अंब्रेला संस्था और राष्ट्रीय/राज्य सहकारी संघों से परामर्श लिया गया।
- लक्ष्य: UCB सेक्टर में प्रबंधन क्षमता, अनुपालन संस्कृति और संस्थागत स्थिरता को मज़बूत बनाना।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 28 अप्रैल 2026 को शहरी सहकारी बैंकिंग (UCB) क्षेत्र की क्षमता और प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 'मिशन सक्षम' (सहकारी बैंक क्षमता निर्माण) की औपचारिक शुरुआत की। यह एक राष्ट्रव्यापी प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम है, जिसके तहत देशभर के शहरी को-ऑपरेटिव बैंकों के करीब 1.40 लाख कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। RBI का मानना है कि यह पहल UCB सेक्टर की संस्थागत मज़बूती और दीर्घकालिक स्थिरता में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
मिशन सक्षम में क्या शामिल है
केंद्रीय बैंक द्वारा जारी नोट के अनुसार, इस मिशन के अंतर्गत बैंक के बोर्ड सदस्यों, वरिष्ठ प्रबंधन, जोखिम (Risk), अनुपालन (Compliance) और ऑडिट विभाग के प्रमुखों के साथ-साथ आईटी और अन्य महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑफलाइन (इन-पर्सन) और ऑनलाइन (ई-लर्निंग) — दोनों माध्यमों से संचालित किए जाएंगे, ताकि अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
क्षेत्रीय भाषाओं पर ज़ोर
RBI ने यह सुनिश्चित करने की विशेष कोशिश की है कि प्रशिक्षण सामग्री क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराई जाए, जिससे विभिन्न राज्यों के कर्मचारी इसे सहजता से समझ सकें। 'सक्षम' शब्द का अर्थ ही है — काबिल और सक्षम बनाना — और यही इस मिशन की मूल भावना है। यह ऐसे समय में आया है जब कई UCB को प्रशासनिक कमज़ोरी और नियामकीय अनुपालन में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
तैयारी में किन संस्थाओं की भूमिका
इस मिशन की रूपरेखा तैयार करने में UCB सेक्टर की अंब्रेला संस्था तथा राष्ट्रीय एवं राज्य सहकारी संघों से भी परामर्श लिया गया है। इससे यह सुनिश्चित हुआ है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम ज़मीनी वास्तविकताओं और सेक्टर की विशिष्ट ज़रूरतों के अनुरूप हो।
आरबीआई की मंशा और अपेक्षित असर
RBI के अनुसार, 'मिशन सक्षम' केवल एकबारगी प्रशिक्षण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य एक स्थायी और निरंतर सीखने का इकोसिस्टम तैयार करना है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि इस पहल से सहकारी बैंकों की प्रबंधन क्षमता, परिचालन दक्षता और नियामकीय अनुपालन की संस्कृति में ठोस सुधार आएगा। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में कई शहरी सहकारी बैंकों पर RBI को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी है, जिनमें पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक जैसे बड़े मामले शामिल हैं।
आगे की राह
RBI का स्पष्ट संकेत है कि यह मिशन UCB सेक्टर के भविष्य को अधिक सुरक्षित और संस्थागत रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक दीर्घकालिक प्रतिबद्धता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रशिक्षण को नियमित मूल्यांकन और जवाबदेही से जोड़ा जाए, तो यह पहल सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में एक वास्तविक बदलाव ला सकती है।