तमिलनाडु चुनाव: ४ मई को ६२ केंद्रों पर मतगणना, सुबह ८ बजे डाक मतपत्रों से होगी शुरुआत
सारांश
Key Takeaways
- ४ मई, सोमवार को तमिलनाडु के ६२ मतगणना केंद्रों पर विधानसभा चुनाव के मतों की गिनती होगी।
- मतगणना सुबह ८:०० बजे डाक मतपत्रों से शुरू होगी और ८:३० बजे ईवीएम की गिनती आरंभ होगी।
- चुनाव ड्यूटी पर तैनात ३.६० लाख अधिकारियों में से २.८८ लाख (८०%25) ने डाक मतपत्र से वोट डाला।
- फॉर्म १२डी के तहत १.७३ लाख बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं ने घर से मतदान किया।
- सशस्त्र बलों के लगभग १८,००० मत प्राप्त हुए हैं, जो ४ मई सुबह ८ बजे तक स्वीकार किए जाएंगे।
- विशेष प्रावधानों के जरिए कुल ६.३७ लाख अतिरिक्त मतदाताओं को मतदान सुविधा दी गई।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना ४ मई, सोमवार को राज्यभर के ६२ मतगणना केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। २३ अप्रैल को संपन्न हुए मतदान के नतीजे तय करने की यह प्रक्रिया सुबह ठीक ८:०० बजे डाक मतपत्रों की गिनती से आरंभ होगी। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विस्तृत इंतज़ाम किए हैं।
मतगणना की समयसारिणी और प्रक्रिया
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, सुबह ८:०० बजे डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होगी और ठीक ३० मिनट बाद, सुबह ८:३० बजे, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में दर्ज वोटों की गिनती का काम शुरू किया जाएगा। यह ध्यान देने योग्य है कि ईवीएम की अंतिम मतगणना तभी की जाएगी जब डाक मतपत्रों की गिनती पूरी तरह संपन्न हो जाए।
प्रत्येक मतगणना केंद्र पर डाक मतपत्रों और ईवीएम मतों के लिए अलग-अलग हॉल और मतगणना टेबल की व्यवस्था की गई है। सुचारू पर्यवेक्षण के लिए सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (एआरओ) स्तर के अधिकारी दोनों वर्गों के लिए स्वतंत्र रूप से नियुक्त किए गए हैं। डाक मतपत्रों की गिनती प्रत्येक ५०० मतपत्रों पर एक टेबल के अनुपात में होगी।
डाक मतपत्रों की विशाल संख्या
इस बार डाक मतपत्रों की संख्या उल्लेखनीय रही है। चुनाव ड्यूटी पर तैनात कुल ३.६० लाख अधिकारियों में से लगभग २.८८ लाख कर्मियों (करीब ८० प्रतिशत) ने डाक मतपत्रों के जरिए अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनके अतिरिक्त पुलिस विभाग के कर्मी, क्षेत्रीय एवं सेक्टर अधिकारी तथा चुनाव निगरानी टीमों के सदस्य भी डाक मतदान के पात्र थे।
कुल मिलाकर लगभग ३.३६ लाख चुनाव कर्मियों ने डाक मतपत्रों से वोट डाला, जबकि १.१० लाख अधिकारियों ने चुनाव ड्यूटी प्रमाण पत्र (ईडीसी) प्राप्त कर मतदान केंद्रों पर व्यक्तिगत रूप से मतदान किया।
वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए विशेष प्रावधान
८५ वर्ष और उससे अधिक आयु के बुजुर्ग मतदाताओं तथा दिव्यांग व्यक्तियों के लिए घर से मतदान की विशेष सुविधा दी गई। फॉर्म १२डी के अंतर्गत कुल १.७३ लाख मतदाताओं ने इस सुविधा का लाभ उठाया और घर बैठे अपना वोट डाला। यह समावेशी लोकतंत्र की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है।
सशस्त्र बलों के मतपत्र और अंतिम आंकड़े
सशस्त्र बलों के कर्मियों सहित सेवारत मतदाताओं ने भी चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की, और अब तक लगभग १८,००० मत प्राप्त हुए हैं। उनके डाक मतपत्र ४ मई को सुबह ८:०० बजे तक स्वीकार किए जाएंगे। कुल मिलाकर, मतदान केंद्रों पर सामान्य मतदान के अलावा विभिन्न विशेष प्रावधानों के माध्यम से अतिरिक्त ६.३७ लाख मतदाताओं को मतदान की सुविधा दी गई।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बहस जारी है। तमिलनाडु में इस बार की व्यवस्था इस मायने में महत्वपूर्ण है कि डाक मतपत्रों की संख्या पिछले चुनावों की तुलना में काफी अधिक रही है। अब सबकी निगाहें ४ मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।