दिल्ली के 101 जल निकायों को पुनर्जीवित करेगा DDA का 'जल संचय अभियान', LG संधू ने किया शुभारंभ

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दिल्ली के 101 जल निकायों को पुनर्जीवित करेगा DDA का 'जल संचय अभियान', LG संधू ने किया शुभारंभ

सारांश

दिल्ली के LG तरनजीत सिंह संधू ने DDA का 'जल संचय अभियान' शुरू किया — 155 हेक्टेयर में फैले 101 जल निकायों को 30 अगस्त तक पुनर्जीवित करने का लक्ष्य। गाद निकासी से मानसून से पहले भूजल पुनर्भरण की तैयारी, और दिल्लीवासियों से 'जन भागीदारी' की अपील।

मुख्य बातें

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने DDA के 'जल संचय अभियान' का शुभारंभ किया।
पहले चरण में 155 हेक्टेयर (383 एकड़) में फैले 101 जल निकायों का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
जीर्णोद्धार कार्य पूरा करने की समय-सीमा 30 अगस्त 2025 निर्धारित है।
द्वारका जोन में 22 , रोहिणी में 17 , दक्षिण जोन में 13 और नरेला में 6 जल निकाय शामिल।
उद्घाटन पश्चिम विहार जिला पार्क में विधायक करनैल सिंह और DDA उपाध्यक्ष एन.
सरवाना कुमार की उपस्थिति में हुआ।

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने 17 मई 2025 को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के 'जल संचय अभियान' का औपचारिक शुभारंभ किया, जिसके तहत राजधानी के 101 जल निकायों को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह कार्यक्रम पश्चिम विहार स्थित जिला पार्क में आयोजित किया गया, जहाँ 155 हेक्टेयर (383 एकड़) से अधिक क्षेत्र में फैले जल निकायों की बहाली का काम शुरू हुआ।

अभियान का दायरा और पहला चरण

पहले चरण में DDA ने 101 जल निकायों की पहचान की है, जिनका जीर्णोद्धार 30 अगस्त 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इनमें द्वारका जोन में 22, रोहिणी जोन में 17, दक्षिण जोन में 13 और नरेला जोन में 6 जल निकाय शामिल हैं। पश्चिम विहार जिला पार्क के भीतर स्थित 1.47 हेक्टेयर क्षेत्र के जल निकाय से इस अभियान की शुरुआत हुई।

उपराज्यपाल संधू ने स्पष्ट किया कि पहले चरण में गहरी गाद निकालने और जलग्रहण क्षेत्र की सफाई के ज़रिए भूजल पुनर्भरण को अधिकतम करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'पहले चरण में मानसून के दौरान भूजल पुनर्भरण को अधिकतम करने के लिए गहरी गाद निकालने और जलग्रहण क्षेत्र की सफाई के माध्यम से कार्यात्मक पारिस्थितिक बहाली को प्राथमिकता दी जाएगी।'

पारिस्थितिक उद्देश्य और शहरी महत्व

संधू ने इस अभियान को महज सौंदर्यीकरण से परे बताते हुए इसे दिल्ली के 'ब्लू लंग्स' को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक ठोस पारिस्थितिक कदम कहा। उन्होंने कहा कि यह पहल दीर्घकालिक जल सुरक्षा, भूजल पुनर्भरण और पारिस्थितिक संतुलन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रेरित है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली हर गर्मी में गहराते जल संकट का सामना करती है और भूजल स्तर लगातार गिर रहा है।

एक्स पर संधू का निर्देश

उपराज्यपाल संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी जीर्णोद्धार स्थलों पर समय-सीमा का कड़ाई से पालन हो और निष्पादन के उच्चतम मानक बनाए रखे जाएँ। उन्होंने लिखा, 'हम दिल्ली की जलीय विरासत को पुनः प्राप्त करने और एक हरित, अधिक जल-सुरक्षित और पारिस्थितिक रूप से लचीली राजधानी के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।'

जन भागीदारी की अपील

संधू ने दिल्लीवासियों से 'जन भागीदारी' के माध्यम से इस अभियान में सक्रिय रूप से जुड़ने का आग्रह किया। उद्घाटन समारोह में पश्चिमी दिल्ली के विधायक करनैल सिंह और DDA के उपाध्यक्ष एन. सरवाना कुमार भी उपस्थित रहे। करनैल सिंह ने भावी पीढ़ियों के लिए जल निकायों के संरक्षण की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और इस अभियान को एक हरित व स्वस्थ दिल्ली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

गौरतलब है कि दिल्ली में सैकड़ों पारंपरिक जल निकाय दशकों की अनदेखी और अतिक्रमण के चलते सूख चुके हैं या प्रदूषित हो गए हैं। यह अभियान उन्हें व्यवस्थित रूप से पुनर्जीवित करने का पहला चरणबद्ध प्रयास माना जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

DDA का 'जल संचय अभियान' क्या है?
यह दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) का एक चरणबद्ध अभियान है, जिसके तहत राजधानी के 101 जल निकायों को 155 हेक्टेयर क्षेत्र में पुनर्जीवित किया जाएगा। इसका उद्देश्य भूजल पुनर्भरण, पारिस्थितिक संतुलन और दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इस अभियान के तहत काम कब तक पूरा होगा?
पहले चरण का लक्ष्य 30 अगस्त 2025 तक सभी 101 चिन्हित जल निकायों का जीर्णोद्धार पूरा करना है। उपराज्यपाल संधू ने अधिकारियों को समय-सीमा के कड़े पालन के निर्देश दिए हैं।
किन इलाकों के जल निकाय इस अभियान में शामिल हैं?
पहले चरण में द्वारका जोन में 22, रोहिणी जोन में 17, दक्षिण जोन में 13 और नरेला जोन में 6 जल निकाय शामिल हैं। अभियान की शुरुआत पश्चिम विहार जिला पार्क स्थित 1.47 हेक्टेयर के जल निकाय से हुई।
इस अभियान में आम नागरिकों की क्या भूमिका होगी?
उपराज्यपाल संधू ने 'जन भागीदारी' के ज़रिए हर दिल्लीवासी से इस अभियान में योगदान देने की अपील की है। हालाँकि नागरिक भागीदारी का विस्तृत ढाँचा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
यह अभियान दिल्ली के जल संकट को कैसे हल करेगा?
गहरी गाद निकासी और जलग्रहण क्षेत्र की सफाई से मानसून के दौरान भूजल पुनर्भरण बढ़ेगा, जो दिल्ली के गिरते भूजल स्तर को सुधारने में सहायक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार पारंपरिक जल निकायों की बहाली शहरी जल प्रबंधन का सबसे टिकाऊ तरीका है।
राष्ट्र प्रेस
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