दिल्ली में नालियों की सफाई के लिए नई तकनीक: सीएम रेखा गुप्ता
सारांश
Key Takeaways
- नालियों की सफाई में तेजी लाने के लिए नई मशीनें उपयोग की जाएंगी।
- जलभराव की समस्या को कम करने के लिए तकनीकी उपाय।
- यमुना नदी के पुनर्जीवन की दिशा में कदम।
- नजफगढ़ नाला दिल्ली का सबसे बड़ा नाला है।
- दिल्ली सरकार सालभर गाद हटाने का कार्य करेगी।
नई दिल्ली, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को शहर के ड्रेनेज नेटवर्क की सफाई को और भी अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए बडुसराय पुल, नजफगढ़ नाले और पंखा रोड नाले पर नई, अत्याधुनिक एम्फीबियस एक्सकेवेटर मशीनें (लॉन्ग बूम और शॉर्ट बूम) का उद्घाटन किया।
एक आधिकारिक वक्तव्य में उल्लेख किया गया कि ये मशीनें नालों से गाद निकालने, कचरा हटाने और जलकुंभी की सफाई में अत्यधिक तेजी लाएंगी। इस कदम से पानी की निकासी की क्षमता में सुधार होने की आशा है और मॉनसून के दौरान जलभराव को कम करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार शहर के नालों की सफाई और यमुना नदी को पुनर्जीवित करने के लिए आधुनिक तकनीक का पूरी मेहनत से उपयोग कर रही है।
इस कार्यक्रम में दिल्ली कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और आशीष सूद, तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नजफगढ़ नाला दिल्ली का सबसे बड़ा नाला है, जो शहर के ड्रेनेज सिस्टम से लगभग ७५ प्रतिशत गाद को बहाकर ले जाता है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से जमा हुई गाद को हटाने का कार्य चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अब इन आधुनिक फ्लोटिंग मशीनों के माध्यम से यह संभव हो गया है। ये मशीनें नाले के बीच तक पहुंचकर सीधे गाद निकालने में सक्षम हैं, जिससे लंबे समय से जमा कीचड़ को जल्दी साफ किया जा सकेगा।
अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, नजफगढ़ नाले में १० मिलियन मीट्रिक टन से अधिक गाद जमा हो चुकी है। इस विशाल गाद को हटाने के लिए नई एम्फीबियस मशीनों का उपयोग किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने और अधिक मशीनें खरीदने का निर्णय भी लिया है।
एक मशीन पहले ही लायी जा चुकी थी, जबकि शुक्रवार को चार नई मशीनों को हरी झंडी दिखाई गई। अन्य मशीनें जल्द ही विभाग को सौंप दी जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दिल्ली सरकार अब गाद हटाने का कार्य पूरे वर्ष कर रही है, न कि इसे केवल मॉनसून से पहले के समय तक सीमित रखा जा रहा है। इस विधि का उद्देश्य बारिश के मौसम में जलभराव को अधिक प्रभावी तरीके से रोकना है।