9 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जल संचय अभियान में मध्य प्रदेश देशभर में अव्वल, 5 लाख 64 हजार से अधिक कार्य पूर्ण: सीएम मोहन यादव

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जल संचय अभियान में मध्य प्रदेश देशभर में अव्वल, 5 लाख 64 हजार से अधिक कार्य पूर्ण: सीएम मोहन यादव

सारांश

मध्य प्रदेश ने जनभागीदारी आधारित जल संचय अभियान में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। 5 लाख 64 हजार से अधिक कार्य पूर्ण, ₹6,232 करोड़ की स्वीकृति और डिण्डौरी-खण्डवा जिलों की राष्ट्रीय रैंकिंग — सीएम मोहन यादव ने इसे प्रदेशवासियों की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश ने जनभागीदारी आधारित जल संचय अभियान में राष्ट्रीय प्रथम स्थान प्राप्त किया।
अभियान के तहत प्रदेश में 5 लाख 64 हजार 119 कार्य पूर्ण हुए।
डिण्डौरी और खण्डवा जिले देश में क्रमशः प्रथम और द्वितीय स्थान पर रहे।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने ₹6,232 करोड़ की स्वीकृति 2 लाख 43 हजार 887 कार्यों के लिए दी।
25 मई को गंगा दशहरा पर जल स्रोतों की सफाई और पौधरोपण का विशेष श्रमदान आयोजित होगा।
नगरीय निकायों ने 3 हजार 40 रेन वॉटर हार्वेस्टिंग इकाइयाँ स्थापित की हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 मई 2026 को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित एक राष्ट्रीय सेमिनार में घोषणा की कि मध्य प्रदेश ने जनभागीदारी आधारित जल संचय अभियान में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों की जागरूकता, सहभागिता और भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।

अभियान की मुख्य उपलब्धियाँ

जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत मध्य प्रदेश में अब तक 5 लाख 64 हजार 119 कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं। जिला स्तर पर डिण्डौरी और खण्डवा जिले देश में क्रमशः प्रथम और द्वितीय स्थान पर रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 2 लाख 43 हजार 887 कार्यों के लिए ₹6,232 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।

प्रदेश में 45 हजार 132 खेत-तालाब, 68 अमृत सरोवर, 77 हजार 975 डगवेल रिचार्ज और वॉटर शेड से संबंधित 3 हजार 346 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। नगरीय निकायों द्वारा 3 हजार 40 रेन वॉटर हार्वेस्टिंग इकाइयाँ भी स्थापित की गई हैं।

गंगा दशहरा पर विशेष आयोजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 25 मई को गंगा दशहरा के अवसर पर जल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई और पौधरोपण के लिए श्रमदान तथा अन्य गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी। उन्होंने अधिक से अधिक नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास के जल स्रोतों और जल संरचनाओं की साफ-सफाई एवं रखरखाव के कार्य से जुड़ें।

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और प्रकृति अनुरूप रहन-सहन भारतीय जीवनशैली और परंपराओं में सदियों से रची-बसी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि 5 लाख से अधिक 'पूर्ण कार्यों' की गुणवत्ता और दीर्घकालिक जल उपलब्धता पर वास्तविक प्रभाव क्या रहा। ₹6,232 करोड़ की स्वीकृति और हजारों संरचनाओं के निर्माण के बावजूद, यह स्पष्ट नहीं है कि भूजल स्तर में मापनीय सुधार हुआ है या नहीं। धार्मिक अवसरों जैसे गंगा दशहरा से जन-जागरण जोड़ना एक चतुर सामाजिक रणनीति है, परंतु जल संकट से जूझते बुंदेलखंड और मालवा जैसे क्षेत्रों में स्थायी समाधान के लिए संरचनात्मक निवेश और स्वतंत्र मूल्यांकन की भी उतनी ही ज़रूरत है।
RashtraPress
9 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश ने जल संचय अभियान में राष्ट्रीय प्रथम स्थान कैसे हासिल किया?
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जनभागीदारी आधारित जल संचय कार्यों में मध्य प्रदेश ने 5 लाख 64 हजार 119 कार्य पूर्ण कर राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया। पंचायत, नगरीय निकाय, स्वयंसेवी संस्थाएँ और आम नागरिक सभी इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हुए।
जल गंगा संवर्धन अभियान क्या है?
जल गंगा संवर्धन अभियान केंद्र और राज्य सरकार की एक संयुक्त जल संरक्षण पहल है, जिसके तहत खेत-तालाब, अमृत सरोवर, डगवेल रिचार्ज और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्य किए जाते हैं। मध्य प्रदेश में इस अभियान के लिए ₹6,232 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
डिण्डौरी और खण्डवा जिले जल संरक्षण में कैसे अग्रणी रहे?
जिला स्तरीय जल संचय कार्यों में डिण्डौरी ने देश में प्रथम और खण्डवा ने द्वितीय स्थान हासिल किया। इन जिलों में जनभागीदारी और प्रशासनिक समन्वय ने मिलकर उल्लेखनीय परिणाम दिए।
गंगा दशहरा पर जल संरक्षण की क्या गतिविधियाँ होंगी?
25 मई को गंगा दशहरा के अवसर पर जल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई, पौधरोपण और श्रमदान की गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। सीएम मोहन यादव ने नागरिकों से अपने आसपास के तालाबों, कुओं और नदियों की सफाई में भाग लेने का आह्वान किया है।
मध्य प्रदेश में अब तक कितनी रेन वॉटर हार्वेस्टिंग इकाइयाँ स्थापित हुई हैं?
नगरीय निकायों द्वारा अब तक 3 हजार 40 रेन वॉटर हार्वेस्टिंग इकाइयाँ स्थापित की जा चुकी हैं। इसके अलावा 45 हजार 132 खेत-तालाब और 77 हजार 975 डगवेल रिचार्ज कार्य भी पूर्ण हो चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले