जल संचय अभियान में मध्य प्रदेश देशभर में अव्वल, 5 लाख 64 हजार से अधिक कार्य पूर्ण: सीएम मोहन यादव
सारांश
Key Takeaways
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 मई 2026 को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित एक राष्ट्रीय सेमिनार में घोषणा की कि मध्य प्रदेश ने जनभागीदारी आधारित जल संचय अभियान में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों की जागरूकता, सहभागिता और भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।
अभियान की मुख्य उपलब्धियाँ
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत मध्य प्रदेश में अब तक 5 लाख 64 हजार 119 कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं। जिला स्तर पर डिण्डौरी और खण्डवा जिले देश में क्रमशः प्रथम और द्वितीय स्थान पर रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 2 लाख 43 हजार 887 कार्यों के लिए ₹6,232 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।
प्रदेश में 45 हजार 132 खेत-तालाब, 68 अमृत सरोवर, 77 हजार 975 डगवेल रिचार्ज और वॉटर शेड से संबंधित 3 हजार 346 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। नगरीय निकायों द्वारा 3 हजार 40 रेन वॉटर हार्वेस्टिंग इकाइयाँ भी स्थापित की गई हैं।
गंगा दशहरा पर विशेष आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 25 मई को गंगा दशहरा के अवसर पर जल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई और पौधरोपण के लिए श्रमदान तथा अन्य गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी। उन्होंने अधिक से अधिक नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास के जल स्रोतों और जल संरचनाओं की साफ-सफाई एवं रखरखाव के कार्य से जुड़ें।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और प्रकृति अनुरूप रहन-सहन भारतीय जीवनशैली और परंपराओं में सदियों से रची-बसी है।