सीपीआई(एम) नेता बिकाश रंजन भट्टाचार्य का टीएमसी पर हमला, ममता की वर्चुअल बैठक को बताया 'गुंडों का मनोबल बढ़ाने का नाटक'

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सीपीआई(एम) नेता बिकाश रंजन भट्टाचार्य का टीएमसी पर हमला, ममता की वर्चुअल बैठक को बताया 'गुंडों का मनोबल बढ़ाने का नाटक'

सारांश

सीपीआई(एम) नेता बिकाश रंजन भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल के दोबारा मतदान के बीच ममता-अभिषेक की वर्चुअल बैठक को 'गुंडों का मनोबल बढ़ाने का नाटक' बताया। उनका आरोप है कि टीएमसी का असली नियंत्रण गुंडों के हाथ में है और पार्टी हताशे में अपने नेताओं का हौसला बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

Key Takeaways

सीपीआई(एम) नेता बिकाश रंजन भट्टाचार्य ने 2 मई 2026 को टीएमसी पर तीखा हमला बोला। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की वर्चुअल बैठक को उन्होंने 'गुंडों का मनोबल बढ़ाने का नाटक' करार दिया। भट्टाचार्य ने कहा — सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के सर्कुलर को सही ठहराकर उचित किया। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस पर्यवेक्षकों की तैनाती का स्वागत किया और बाधामुक्त मतगणना की माँग की। कालीघाट पुलिस स्टेशन के ओसी की बंदूक के साथ वायरल तस्वीर पर कहा — प्रशासन को राजनीतिक नहीं, कानूनी दायरे में काम करना चाहिए।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता बिकाश रंजन भट्टाचार्य ने 2 मई 2026 को कोलकाता में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दोबारा मतदान और संबंधित मुद्दों पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी द्वारा पार्टी नेताओं के साथ की गई वर्चुअल बैठक को 'गुंडों का मनोबल बढ़ाने का नाटक' करार दिया।

दोबारा मतदान पर भट्टाचार्य की प्रतिक्रिया

राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए भट्टाचार्य ने कहा,

Point of View

NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

बिकाश रंजन भट्टाचार्य ने टीएमसी की वर्चुअल बैठक को 'गुंडों का नाटक' क्यों कहा?
सीपीआई(एम) नेता भट्टाचार्य का कहना है कि टीएमसी का असली नियंत्रण गुंडों के हाथ में है और पार्टी दोबारा मतदान में अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने की हताशा में अपने नेताओं का हौसला बढ़ाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की वर्चुअल बैठक को इसी संदर्भ में 'नाटक' बताया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में दोबारा मतदान क्यों हुआ?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के कुछ क्षेत्रों में पहले चरण के मतदान में कथित अनियमितताओं और बाधाओं के कारण चुनाव आयोग ने दोबारा मतदान का आदेश दिया। भट्टाचार्य के अनुसार यह उसी मतदान की पुनरावृत्ति है जो पहले हुआ था।
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के सर्कुलर पर क्या फैसला दिया?
सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग के उस सर्कुलर को सही ठहराया जो दोबारा मतदान से संबंधित था। भट्टाचार्य ने कहा कि चुनाव कैसे कराए जाएं यह चुनाव आयोग का अधिकार क्षेत्र है और कोर्ट के पास उसे मंजूरी देने के अलावा कोई चारा नहीं था।
कालीघाट पुलिस स्टेशन की वायरल तस्वीर का मामला क्या है?
कालीघाट पुलिस स्टेशन के ओसी की बंदूक के साथ एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसने प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल उठाए। भट्टाचार्य ने कहा कि प्रशासन को राजनीतिक आकाओं की मर्जी से नहीं बल्कि कानून के दायरे में काम करना चाहिए।
मतगणना के दौरान सुरक्षा के क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
अतिरिक्त पुलिस पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है, जिसका भट्टाचार्य ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मतगणना पूरी तरह बाधामुक्त होनी चाहिए और लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाए रखना अत्यंत ज़रूरी है।
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