फरीदकोट में 2 किलो हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, ₹50 हजार ड्रग मनी भी बरामद

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फरीदकोट में 2 किलो हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, ₹50 हजार ड्रग मनी भी बरामद

सारांश

पंजाब के फरीदकोट में सीआईए स्टाफ जैतो ने राष्ट्रीय राजमार्ग-54 के पास गश्त के दौरान दो कथित ड्रग तस्करों को 2.011 किलोग्राम हेरोइन और ₹50 हजार ड्रग मनी के साथ धर दबोचा। दोनों आरोपी पाकिस्तान सीमा से सटे फिरोजपुर जिले के हैं और मार्च 2026 में ही जेल से बाहर आए थे।

Key Takeaways

फरीदकोट पुलिस ने 1 मई 2026 की शाम ढिलवां कलां में 2.011 किलोग्राम हेरोइन और ₹50 हजार ड्रग मनी बरामद की। गिरफ्तार आरोपी विशाल उर्फ घोगा और रमन फिरोजपुर जिले की पाकिस्तान सीमा से सटी बॉर्डर रोड आवा बस्ती के निवासी हैं। दोनों आरोपी मार्च 2026 में जेल से रिहा हुए थे; रमन पर पहले से 4 मामले और विशाल पर 1 मामला दर्ज है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि हेरोइन पिछले सप्लायरों से ली गई थी और आगे सप्लाई के लिए ले जाई जा रही थी। मामला थाना सदर कोटकपूरा में दर्ज; रिमांड पर बैकवर्ड और फॉरवर्ड नेटवर्क की जांच जारी।

पंजाब के फरीदकोट में पुलिस ने 2 मई 2026 को नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ अभियान के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कथित ड्रग तस्करों को 2.011 किलोग्राम हेरोइन और ₹50 हजार ड्रग मनी के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी फिरोजपुर जिले के पाकिस्तान सीमा से सटे इलाके के रहने वाले हैं और मार्च 2026 में ही जेल से बाहर आए थे।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

एसपी (इन्वेस्टिगेशन) योगेश्वर सिंह गोराया ने बताया कि 1 मई 2026 की शाम सीआईए स्टाफ जैतो की टीम ढिलवां कलां में गश्त पर थी। इसी दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-54 के पास बस स्टैंड की बेंच पर दो संदिग्ध व्यक्ति बैठे दिखे। पुलिस टीम को देखते ही दोनों ने मोटरसाइकिल स्टार्ट करने की कोशिश की, जिससे संदेह गहरा हुआ और उन्हें रोका गया।

डीएसपी (इन्वेस्टिगेशन) अवतार सिंह राजपाल की निगरानी में की गई तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 2.011 किलोग्राम हेरोइन और ₹50 हजार नकद ड्रग मनी बरामद हुई, जिसके बाद दोनों को तत्काल हिरासत में ले लिया गया।

आरोपियों की पहचान और आपराधिक पृष्ठभूमि

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विशाल उर्फ घोगा और रमन के रूप में हुई है। दोनों फिरोजपुर जिले की बॉर्डर रोड आवा बस्ती के निवासी हैं, जो पाकिस्तान सीमा के नजदीक है। एसपी गोराया के अनुसार, रमन के खिलाफ नशा तस्करी से जुड़े पहले से 4 मामले दर्ज हैं, जबकि विशाल उर्फ घोगा के खिलाफ 1 मामला पूर्व में दर्ज है। दोनों मार्च 2026 में ही जेल से रिहा हुए थे।

प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि बरामद हेरोइन की खेप आरोपियों ने अपने पिछले सप्लायरों से हासिल की थी और इसे आगे सप्लाई करने की नीयत से ले जाया जा रहा था। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब पुलिस सीमावर्ती जिलों में ड्रग नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। गौरतलब है कि फिरोजपुर और फरीदकोट जैसे सीमावर्ती जिले लंबे समय से नशा तस्करी के प्रमुख मार्गों में शामिल रहे हैं।

आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई

दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया गया है ताकि नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की गहराई से जांच की जा सके। इस संबंध में थाना सदर कोटकपूरा में मामला दर्ज किया गया है। एसपी गोराया ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा और पुलिस-प्रशासन पंजाब में नशे की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Point of View

लेकिन जब तक सप्लाई चेन के ऊपरी सिरे तक कार्रवाई नहीं होती, तब तक छोटे वाहकों की गिरफ्तारियाँ नेटवर्क को स्थायी रूप से नहीं तोड़ पाएंगी।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

फरीदकोट में पकड़े गए ड्रग तस्कर कौन हैं?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल उर्फ घोगा और रमन के रूप में हुई है, जो फिरोजपुर जिले की बॉर्डर रोड आवा बस्ती के निवासी हैं। दोनों मार्च 2026 में जेल से रिहा हुए थे और दोनों के खिलाफ पहले से नशा तस्करी के मामले दर्ज हैं।
फरीदकोट में कितनी हेरोइन बरामद हुई?
पुलिस ने 2.011 किलोग्राम हेरोइन और ₹50 हजार नकद ड्रग मनी बरामद की। यह बरामदगी 1 मई 2026 की शाम राष्ट्रीय राजमार्ग-54 के पास ढिलवां कलां में की गई।
इस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
दोनों आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया और रिमांड हासिल की गई। थाना सदर कोटकपूरा में मामला दर्ज कर नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की जांच जारी है।
हेरोइन की यह खेप कहाँ से आई थी?
प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार, आरोपियों ने हेरोइन अपने पिछले सप्लायरों से हासिल की थी और इसे आगे सप्लाई करने के इरादे से ले जाया जा रहा था। आपूर्ति श्रृंखला की विस्तृत जांच रिमांड के दौरान की जा रही है।
पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान कितना प्रभावी है?
पंजाब पुलिस सीमावर्ती जिलों में लगातार अभियान चला रही है और इस तरह की बरामदगियाँ उसकी सक्रियता को दर्शाती हैं। हालांकि, आरोपियों का बार-बार जेल जाने और फिर सक्रिय होने का पैटर्न यह संकेत देता है कि नेटवर्क की जड़ें अभी भी मजबूत हैं।
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