26 जून 2026
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अमरावती पुलिस ने ₹2.03 करोड़ के मादक पदार्थ नष्ट किए, NDPS के 58 मामलों में जब्त 368 किलो गांजा समेत नागपुर में इंसीनेटर से जलाया

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अमरावती पुलिस ने ₹2.03 करोड़ के मादक पदार्थ नष्ट किए, NDPS के 58 मामलों में जब्त 368 किलो गांजा समेत नागपुर में इंसीनेटर से जलाया

सारांश

अमरावती पुलिस ने ₹2.03 करोड़ के मादक पदार्थ — 368 किलो गांजा समेत — नागपुर में इंसीनेटर से नष्ट किए। वहीं NCB की अलग कार्रवाई में अहमदाबाद अदालत ने 'डिजाइनर ड्रग' 4-MEC की तस्करी के दोषी दशरथ सिंह को 15 साल की कठोर सजा सुनाई — नशे के खिलाफ दोहरा संदेश।

मुख्य बातें

अमरावती पुलिस आयुक्तालय ने NDPS के 58 मामलों में जब्त ₹2 करोड़ 3 लाख 75 हजार मूल्य के मादक पदार्थ 2 मई 2026 को नष्ट किए।
नष्ट किए गए माल में 368 किलो गांजा , 1.551 किलो चरस और 1.253 किलो MD शामिल था।
नष्टीकरण नागपुर के बुटीबोरी एमआईडीसी स्थित महाराष्ट्र एनवायरो पावर लिमिटेड के इंसीनेटर में किया गया।
अहमदाबाद की विशेष NDPS अदालत ने दशरथ सिंह को 185 ग्राम 4-MEC तस्करी में 15 साल की कठोर कारावास और ₹2 लाख जुर्माना की सजा सुनाई।
दशरथ सिंह को 30 जनवरी 2023 को अहमदाबाद में NCB ने गिरफ्तार किया था।

अमरावती शहर पुलिस आयुक्तालय ने मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹2 करोड़ 3 लाख 75 हजार मूल्य का जब्त माल शनिवार, 2 मई 2026 को नागपुर में नष्ट किया। एनडीपीएस (NDPS) कानून के तहत दर्ज 58 मामलों में जब्त यह माल बुटीबोरी एमआईडीसी स्थित महाराष्ट्र एनवायरो पावर लिमिटेड के इंसीनेटर में जलाकर नष्ट किया गया।

जब्त मादक पदार्थों का विवरण

नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 368 किलो गांजा, 1.551 किलो चरस और 1.253 किलो एमडी (MD) शामिल था। यह सभी सामग्री NDPS अधिनियम के अंतर्गत दर्ज विभिन्न मामलों में अलग-अलग समय पर जब्त की गई थी। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों का एक साथ नष्ट किया जाना अमरावती पुलिस की अब तक की उल्लेखनीय कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।

न्यायालयीन प्रक्रिया और ड्रग डिस्पोजल कमेटी की भूमिका

अधिकारियों के अनुसार, न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्रग डिस्पोजल कमेटी के आदेश पर यह कार्रवाई संपन्न की गई। पूरी प्रक्रिया के दौरान पुलिस अधिकारी, उत्पाद शुल्क विभाग के प्रतिनिधि और पंचों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। गौरतलब है कि कानूनी प्रक्रिया के बिना जब्त मादक पदार्थों को नष्ट नहीं किया जा सकता।

अहमदाबाद में 'डिजाइनर ड्रग' तस्कर को 15 साल की सजा

इसी बीच, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि अहमदाबाद की विशेष NDPS अदालत ने राजस्थान के प्रतापगढ़ निवासी दशरथ सिंह को 185 ग्राम 4-मेथिलएथकैथिनोन (4-MEC) की अंतरराज्यीय तस्करी के मामले में 15 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने उन पर ₹2 लाख का जुर्माना भी लगाया है।

NCB के बयान के अनुसार, अहमदाबाद जोनल यूनिट के अधिकारियों ने विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर 30 जनवरी 2023 को दशरथ सिंह को उस समय गिरफ्तार किया जब वह मंदसौर से अहमदाबाद जा रही बस चला रहा था। यह गिरफ्तारी बोर्डी मिल कंपाउंड पार्किंग, हीराभाई मार्केट, कांकरिया रोड, अहमदाबाद में हुई। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 185 ग्राम 4-MEC बरामद किया गया।

क्या है 4-MEC 'डिजाइनर ड्रग'

NCB ने स्पष्ट किया कि 4-मेथिलएथकैथिनोन (4-MEC) एक कृत्रिम उत्तेजक पदार्थ है जो नए मनोसक्रिय पदार्थों (कैथिनोन व्युत्पन्न) की श्रेणी में आता है। इसे आमतौर पर 'डिजाइनर ड्रग्स' कहा जाता है और यह एक मनोरोगी पदार्थ है। जाँच पूरी होने पर NCB ने 25 जुलाई 2023 को अहमदाबाद के सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट में NDPS अधिनियम, 1985 की धारा 8(C), 22(C) और 29 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था।

आगे की कार्रवाई

अमरावती पुलिस की यह कार्रवाई महाराष्ट्र में मादक पदार्थों के विरुद्ध जारी अभियान का हिस्सा है। यह ऐसे समय में आई है जब राज्य में नशे के बढ़ते प्रसार को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायालयीन निगरानी में इस तरह की पारदर्शी नष्टीकरण प्रक्रिया से जब्त माल के दुरुपयोग की आशंका कम होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पंचों की उपस्थिति और इंसीनेटर का उपयोग — लेकिन असली सवाल यह है कि इन 58 मामलों में अभियुक्तों के विरुद्ध सजा की दर क्या रही। महाराष्ट्र में NDPS मामलों में दोषसिद्धि दर राष्ट्रीय औसत से नीचे रही है, जो बताता है कि जब्ती और नष्टीकरण की सुर्खियाँ असली निरोधक प्रभाव की गारंटी नहीं हैं। दशरथ सिंह को मिली 15 साल की सजा 'डिजाइनर ड्रग्स' मामलों में एक मजबूत न्यायिक संदेश है, लेकिन 4-MEC जैसे सिंथेटिक पदार्थों की पहचान और अभियोजन के लिए विशेष फोरेंसिक क्षमता की जरूरत है जो अभी भी देश के अधिकांश राज्यों में अपर्याप्त है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरावती पुलिस ने कितने मूल्य के मादक पदार्थ नष्ट किए और क्या था उनमें?
अमरावती शहर पुलिस आयुक्तालय ने NDPS के 58 मामलों में जब्त ₹2 करोड़ 3 लाख 75 हजार मूल्य के मादक पदार्थ नष्ट किए, जिनमें 368 किलो गांजा, 1.551 किलो चरस और 1.253 किलो MD शामिल था। यह नष्टीकरण 2 मई 2026 को नागपुर के बुटीबोरी एमआईडीसी स्थित इंसीनेटर में किया गया।
मादक पदार्थों को नागपुर में क्यों नष्ट किया गया?
अमरावती में इंसीनेटर की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण जब्त माल को नागपुर जिले के बुटीबोरी एमआईडीसी स्थित महाराष्ट्र एनवायरो पावर लिमिटेड में नष्ट किया गया। ड्रग डिस्पोजल कमेटी के आदेश और न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह कदम उठाया गया।
दशरथ सिंह को किस मामले में 15 साल की सजा मिली?
राजस्थान के प्रतापगढ़ निवासी दशरथ सिंह को 185 ग्राम 4-मेथिलएथकैथिनोन (4-MEC) नामक 'डिजाइनर ड्रग' की अंतरराज्यीय तस्करी के मामले में अहमदाबाद की विशेष NDPS अदालत ने 15 साल की कठोर कारावास और ₹2 लाख जुर्माने की सजा सुनाई। उन्हें 30 जनवरी 2023 को NCB ने अहमदाबाद में गिरफ्तार किया था।
4-MEC या 'डिजाइनर ड्रग' क्या होता है?
4-मेथिलएथकैथिनोन (4-MEC) एक कृत्रिम उत्तेजक पदार्थ है जो कैथिनोन व्युत्पन्न श्रेणी के नए मनोसक्रिय पदार्थों में आता है। इसे 'डिजाइनर ड्रग' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसे प्रयोगशाला में रासायनिक संरचना बदलकर बनाया जाता है ताकि यह मौजूदा कानूनी प्रतिबंधों से बच सके।
NDPS अधिनियम के तहत जब्त माल को नष्ट करने की प्रक्रिया क्या होती है?
NDPS अधिनियम के तहत जब्त मादक पदार्थों को न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्रग डिस्पोजल कमेटी के आदेश पर नष्ट किया जाता है। इस प्रक्रिया में पुलिस अधिकारी, उत्पाद शुल्क विभाग के प्रतिनिधि और पंचों की अनिवार्य उपस्थिति होती है।
राष्ट्र प्रेस
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