राजद का 'नीतीश मॉडल' पर हमला: भ्रष्टाचार, अपराध और ₹41,000 करोड़ के सवाल

Click to start listening
राजद का 'नीतीश मॉडल' पर हमला: भ्रष्टाचार, अपराध और ₹41,000 करोड़ के सवाल

सारांश

राजद ने 'नीतीश मॉडल' को सीधे कठघरे में खड़ा किया — भ्रष्टाचार, अपराध और ₹41,000 करोड़ के बेहिसाब खर्च के आरोपों के साथ। प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने जदयू-भाजपा में दरार का दावा करते हुए कहा कि अब बिहार की असली लड़ाई राजद बनाम भाजपा है।

Key Takeaways

राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने 2 मई 2026 को पटना में 'नीतीश मॉडल' को भ्रष्टाचार और अपराध का कारण बताया। आरोप: दोनों उपमुख्यमंत्रियों को कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में नहीं बुलाया गया — जदयू-भाजपा में तनाव का संकेत। सरकार पर बिहार के खजाने से ₹41,000 करोड़ खर्च करने पर श्वेत पत्र जारी करने की माँग। राजद का दावा: सरकारी नीतियों के चलते बिहार में हर नवजात ₹27,000 के कर्ज के साथ पैदा होता है। NCRB रिपोर्ट का हवाला देते हुए नीतीश शासन में अपराध की स्थिति पर सवाल उठाए। राजद ने कहा — जदयू विचारधारा के आधार पर समाप्त, अब लड़ाई BJP बनाम राजद के बीच।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने शनिवार, 2 मई 2026 को पटना में एक प्रेस वार्ता के दौरान बिहार की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तथाकथित 'नीतीश मॉडल' ने बिहार को विकास नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और अपराध दिया है। राजद का यह हमला ऐसे समय में आया है जब बिहार में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) व भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच आंतरिक तनाव की खबरें सामने आ रही हैं।

जदयू-भाजपा गठबंधन में तनाव के आरोप

शक्ति सिंह यादव ने दावा किया कि बिहार में जदयू इस समय काफी घबराहट और छटपटाहट में है। उन्होंने कहा कि दोनों उपमुख्यमंत्रियों को कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया, जो सत्ता के भीतर गहरी दरार का संकेत है। उनके अनुसार, जदयू नेता भले ही 'नीतीश कुमार के रास्ते' की बात करते हों, लेकिन यह सर्वविदित है कि BJP अपने संघ के एजेंडे पर चलती है।

एनसीआरबी रिपोर्ट और अपराध के आँकड़ों का हवाला

राजद प्रवक्ता ने कहा कि नीतीश कुमार के शासनकाल में बिहार में अपराध की क्या स्थिति रही, यह राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट से स्पष्ट रूप से प्रमाणित होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में अपराध के नाम पर जातीय विभेद पैदा किया जा रहा है और सत्ता के संरक्षण में अपराधियों को खुली छूट दी जा रही है। उनका कहना था कि सरकार अपने कार्यों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

₹41,000 करोड़ खर्च और श्वेत पत्र की माँग

यादव ने सरकार पर वित्तीय अपारदर्शिता का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिहार के खजाने से ₹41,000 करोड़ खर्च करने वाली सरकार को एक श्वेत पत्र जारी करना चाहिए, जिसमें राज्य के खजाने की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियों के कारण बिहार में जो भी बच्चा जन्म लेता है, वह जन्म के साथ ही ₹27,000 का कर्जदार बन जाता है। गौरतलब है कि यह आँकड़ा राजद का अपना आकलन है और सरकार की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

जदयू के राजनीतिक भविष्य पर सवाल

राजद प्रवक्ता ने तेजस्वी यादव के उस पुराने बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि 25 से 30 सीटों पर नीतीश कुमार नहीं रहेंगे। यादव ने कहा कि जदयू विचारधारा के आधार पर पहले ही समाप्त हो चुकी है और अब बिहार में असली लड़ाई BJP और राजद के बीच है। उन्होंने यह भी कहा कि BJP के साथ राजनीतिक गठजोड़ करके जदयू ने अपनी प्रतिबद्धता को कमज़ोर किया है।

राजद की माँग और आगे की राह

राष्ट्रीय जनता दल ने माँग की है कि बिहार में समग्र पारदर्शिता के साथ अपराध और अपराधियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी का आरोप है कि अभी जो कार्रवाई हो रही है, वह जातीय दृष्टिकोण से प्रेरित है। बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह राजनीतिक हमला और तेज़ होने की संभावना है।

Point of View

000 प्रति नवजात कर्ज और ₹41,000 करोड़ के खर्च के आँकड़े बिना स्वतंत्र सत्यापन के राजनीतिक दावे बने रहते हैं। असली सवाल यह है कि NCRB के आँकड़ों का चयनात्मक उपयोग कहाँ तक न्यायसंगत है, जब खुद राजद के शासनकाल में बिहार में 'जंगलराज' का आरोप लगता रहा है। जातीय विभेद के आरोप गंभीर हैं, लेकिन जब तक ठोस साक्ष्य सामने न आएँ, ये भी चुनावी बयानबाज़ी का हिस्सा ही लगते हैं।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

राजद ने 'नीतीश मॉडल' पर क्या आरोप लगाए हैं?
राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि 'नीतीश मॉडल' ने बिहार को विकास की जगह भ्रष्टाचार और अपराध दिया है। उन्होंने NCRB रिपोर्ट का हवाला देते हुए नीतीश कुमार के शासनकाल में अपराध की खराब स्थिति का उल्लेख किया।
राजद ने ₹41,000 करोड़ के खर्च पर क्या माँग की है?
राजद ने बिहार सरकार से माँग की है कि वह खजाने से ₹41,000 करोड़ के खर्च पर एक श्वेत पत्र जारी करे। पार्टी का आरोप है कि सरकारी नीतियों के कारण बिहार में हर नवजात ₹27,000 के कर्ज के साथ पैदा हो रहा है।
जदयू और भाजपा के बीच तनाव के क्या संकेत बताए गए?
राजद प्रवक्ता ने दावा किया कि बिहार में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्रियों को आमंत्रित नहीं किया गया, जो जदयू-भाजपा गठबंधन में भीतरी दरार का संकेत है। हालाँकि सरकार की ओर से इस दावे का खंडन या पुष्टि नहीं की गई है।
बिहार में राजद का राजनीतिक रुख क्या है?
राजद का कहना है कि जदयू विचारधारा के आधार पर समाप्त हो चुकी है और अब बिहार में असली मुकाबला भाजपा और राजद के बीच होगा। तेजस्वी यादव पहले ही कह चुके हैं कि नीतीश कुमार 25 से 30 सीटों पर नहीं रहेंगे।
राजद ने बिहार में जातीय विभेद के आरोप क्यों लगाए?
राजद प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि बिहार में अपराध और अपराधियों के मामलों को जातीय दृष्टिकोण से पेश किया जा रहा है। उनका कहना था कि सत्ता के संरक्षण में कुछ अपराधियों को खुली छूट दी जा रही है, जबकि अन्य पर चुनिंदा कार्रवाई हो रही है।
Nation Press