नवादा में एचपीवी टीकाकरण: डीएम रवि प्रकाश ने किया निरीक्षण, 14-15 वर्ष की छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दी जानकारी

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नवादा में एचपीवी टीकाकरण: डीएम रवि प्रकाश ने किया निरीक्षण, 14-15 वर्ष की छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दी जानकारी

सारांश

नवादा के डीएम रवि प्रकाश ने प्रोजेक्ट कन्या इंटर विद्यालय में एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम का निरीक्षण कर 14-15 वर्ष की छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जागरूक किया। यह अभियान उस समय महत्वपूर्ण है जब ग्रामीण बिहार में टीकाकरण को लेकर भ्रांतियाँ अभी भी एक बड़ी चुनौती हैं।

Key Takeaways

जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने 2 मई 2026 को प्रोजेक्ट कन्या इंटर विद्यालय, नवादा में एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम का निरीक्षण किया। यह अभियान 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को एचपीवी संक्रमण और सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए चलाया जा रहा है। डीएम ने छात्राओं को अफवाहों से दूर रहकर टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण में सिविल सर्जन , जिला शिक्षा पदाधिकारी , स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी और विद्यालय के प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कोई भी पात्र छात्रा टीकाकरण से वंचित न रहे ।

नवादा जिले के जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने 2 मई 2026 को प्रोजेक्ट कन्या इंटर विद्यालय, नवादा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण कार्यक्रम का औचक निरीक्षण किया। यह अभियान किशोरियों को एचपीवी संक्रमण और उससे होने वाले सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान डीएम ने छात्राओं से सीधे संवाद कर उन्हें टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूक किया।

निरीक्षण में क्या हुआ

जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने टीकाकरण केंद्र की समस्त व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि टीकाकरण कार्य पूरी तरह व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में उपस्थित छात्राओं से बातचीत कर उन्हें एचपीवी वायरस के संक्रमण और इससे उत्पन्न होने वाली गंभीर बीमारियों की सरल भाषा में जानकारी दी।

सर्वाइकल कैंसर और टीके का महत्व

डीएम ने छात्राओं को बताया कि एचपीवी संक्रमण के कारण महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती है, किंतु समय पर टीकाकरण से इससे पूर्ण बचाव संभव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 14 से 15 वर्ष की आयु की सभी छात्राओं को यह टीका अवश्य लगवाना चाहिए, क्योंकि यह एक सुरक्षित और प्रभावी उपाय है। गौरतलब है कि सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसरों में दूसरे स्थान पर है, और समय पर टीकाकरण इसे काफी हद तक रोकने में सक्षम है।

अफवाहों से दूर रहने की अपील

रवि प्रकाश ने छात्राओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस अभियान का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का मूल उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाना और बच्चों को सुरक्षित भविष्य देना है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में टीकाकरण को लेकर भ्रांतियाँ अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

जागरूकता विस्तार के निर्देश

डीएम ने विद्यालय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि टीकाकरण को लेकर अधिकतम जागरूकता फैलाई जाए, ताकि कोई भी पात्र छात्रा इस सुविधा से वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा,

Point of View

फिर भी जागरूकता और पहुँच की खाई अभी पाटी नहीं गई है। जिला स्तर पर डीएम की सक्रियता सराहनीय है, लेकिन इसे एकमुश्त निरीक्षण नहीं बल्कि निरंतर निगरानी तंत्र में बदलना होगा। बिना नियमित फॉलो-अप और डेटा-आधारित ट्रैकिंग के, पात्र छात्राओं तक पहुँचने का लक्ष्य अधूरा रह सकता है।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम नवादा में किसके लिए है?
यह कार्यक्रम नवादा जिले में 14 से 15 वर्ष की किशोरियों के लिए है, जिसे स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य एचपीवी संक्रमण और उससे होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाव करना है।
एचपीवी वैक्सीन क्यों ज़रूरी है?
एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) संक्रमण महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है, जो भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसरों में दूसरे स्थान पर है। समय पर टीकाकरण से इस बीमारी से पूर्ण बचाव संभव है।
नवादा में एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम का निरीक्षण किसने किया?
नवादा के जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने 2 मई 2026 को प्रोजेक्ट कन्या इंटर विद्यालय, नवादा में इस कार्यक्रम का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
टीकाकरण को लेकर अफवाहों से कैसे बचें?
जिला पदाधिकारी ने छात्राओं से अपील की कि वे केवल स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और किसी भी भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें। एचपीवी वैक्सीन को वैज्ञानिक रूप से सुरक्षित और प्रभावी प्रमाणित किया गया है।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे?
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन , जिला शिक्षा पदाधिकारी , स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, प्रखंड स्तर के चिकित्सा पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, विद्यालय के प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षक उपस्थित थे।
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