बलिया BDO श्रवण प्रसाद गुप्ता निलंबित, POSH एक्ट उल्लंघन पर UP सरकार की सख्त कार्रवाई

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बलिया BDO श्रवण प्रसाद गुप्ता निलंबित, POSH एक्ट उल्लंघन पर UP सरकार की सख्त कार्रवाई

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार ने बलिया के BDO श्रवण प्रसाद गुप्ता को POSH एक्ट उल्लंघन पर तत्काल निलंबित किया। स्थानीय परिवाद समिति की जाँच में आरोप सही पाए गए। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महिला सुरक्षा पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति दोहराई और विभागीय कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई।

मुख्य बातें

बलिया में तैनात खंड विकास अधिकारी श्रवण प्रसाद गुप्ता को 16 मई 2025 को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
एक महिला कर्मचारी की शिकायत पर जिलाधिकारी बलिया द्वारा गठित स्थानीय परिवाद समिति ने जाँच कर आरोप सही पाए।
अधिकारी पर POSH एक्ट 2013 और UP सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1956 के उल्लंघन के आरोप हैं।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महिला उत्पीड़न पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति की पुष्टि की।
शासन ने निलंबन के साथ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई भी प्रस्तावित की है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 16 मई 2025 को बलिया में तैनात खंड विकास अधिकारी (BDO) श्रवण प्रसाद गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एक महिला कर्मचारी द्वारा कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराने और स्थानीय परिवाद समिति की जाँच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया।

मामले का घटनाक्रम

जिलाधिकारी बलिया की ओर से गठित स्थानीय परिवाद समिति ने पीड़ित महिला कर्मचारी की शिकायत की विधिवत जाँच की। समिति की रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद शासन ने बिना देरी किए निलंबन आदेश जारी किया। शासनादेश के अनुसार, श्रवण प्रसाद गुप्ता पर कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम-2013 — जिसे सामान्यतः POSH एक्ट कहा जाता है — के प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप पाए गए। यह आचरण उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1956 के भी विपरीत माना गया है।

सरकार की प्रतिक्रिया

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, 'महिला उत्पीड़न, भ्रष्टाचार, कर्तव्यहीनता और अनुशासनहीनता जैसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकारी दफ्तरों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

आगे की कार्रवाई

निलंबन के साथ-साथ शासन ने श्रवण प्रसाद गुप्ता के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई भी प्रस्तावित की है। उपमुख्यमंत्री मौर्य ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। उन्होंने यह भी कहा कि जाँच में जो शिकायतें सही पाई जाएँगी, उन पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

व्यापक संदर्भ

यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा को लेकर देशभर में जागरूकता बढ़ रही है। गौरतलब है कि POSH एक्ट 2013 के तहत सरकारी और निजी — दोनों क्षेत्रों में आंतरिक परिवाद समिति गठित करना अनिवार्य है, फिर भी अनेक मामलों में इसके क्रियान्वयन पर सवाल उठते रहे हैं। उत्तर प्रदेश में इस तरह की त्वरित निलंबन कार्रवाई को आलोचक और समर्थक — दोनों ही उदाहरण के रूप में देख रहे हैं। उपमुख्यमंत्री मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश की 'डबल इंजन सरकार' की सुशासन और प्रशासनिक शुचिता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा विभागीय कार्रवाई के अंजाम तक पहुँचने में है — जहाँ अतीत में कई मामले लंबित रहे हैं। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में सरकारी कार्यालयों में POSH समितियों के गठन और सक्रियता की स्थिति अभी भी असमान है। 'जीरो टॉलरेंस' की राजनीतिक घोषणाएँ तब ही विश्वसनीय बनती हैं जब निलंबन के बाद दोष सिद्ध होने पर बर्खास्तगी तक की कार्रवाई पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक की जाए। इस मामले की निगरानी यह तय करेगी कि यह कदम नीतिगत बदलाव है या केवल दबाव में की गई प्रतिक्रिया।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलिया BDO श्रवण प्रसाद गुप्ता को क्यों निलंबित किया गया?
एक महिला कर्मचारी द्वारा कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराने के बाद स्थानीय परिवाद समिति की जाँच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 16 मई 2025 को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया।
POSH एक्ट क्या है और यह मामले में कैसे लागू होता है?
POSH एक्ट यानी 'कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम-2013' सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में लागू होता है। इस मामले में BDO पर इसी अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप पाया गया, जो UP सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1956 का भी उल्लंघन है।
आगे क्या कार्रवाई होगी?
निलंबन के साथ-साथ शासन ने श्रवण प्रसाद गुप्ता के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई भी प्रस्तावित की है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अनुसार, जाँच में सही पाई गई शिकायतों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
शिकायत की जाँच किसने की?
जिलाधिकारी बलिया की ओर से गठित स्थानीय परिवाद समिति ने महिला कर्मचारी की शिकायत की जाँच की और अपनी रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि की।
उत्तर प्रदेश सरकार की महिला सुरक्षा नीति क्या है?
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अनुसार, प्रदेश सरकार महिला उत्पीड़न, भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाती है। सरकारी दफ्तरों में महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य-वातावरण देना सरकार की घोषित प्राथमिकता है।
राष्ट्र प्रेस
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