जसपुर में पुलिस टीम पर जानलेवा हमला: वारंटी को छुड़ाकर भागे परिजन, 7 नामजद आरोपी

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जसपुर में पुलिस टीम पर जानलेवा हमला: वारंटी को छुड़ाकर भागे परिजन, 7 नामजद आरोपी

सारांश

उत्तराखंड के जसपुर में न्यायालय के आदेश पर वारंटी को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर परिजनों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। दरोगा समेत दो पुलिसकर्मी घायल हुए और वारंटी सुखविंदर सिंह को हिरासत से छुड़ाकर फरार करा दिया गया। 7 नामजद आरोपियों में से 2 गिरफ्तार, शेष की तलाश जारी।

मुख्य बातें

जसपुर, ऊधम सिंह नगर में शुक्रवार देर रात पुलिस टीम पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया गया।
वारंटी सुखविंदर सिंह को आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार करने गई पतरामपुर चौकी की टीम को निशाना बनाया गया।
दरोगा गोविंद सिंह मेहता और एक सिपाही हमले में घायल; उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुर में उपचार मिला।
आरोपियों ने पुलिस हिरासत से सुखविंदर सिंह को छुड़ाकर फरार करा दिया।
दो महिलाओं समेत 7 नामजद आरोपियों पर मुकदमा दर्ज; अब तक 2 गिरफ्तार , बाकी की तलाश जारी।
आरोपी सुखविंदर सिंह पूर्व में कच्ची शराब बनाने के मामले में अभियुक्त रह चुका है।

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के जसपुर में शुक्रवार देर रात न्यायालय के आदेश पर वारंटी को गिरफ्तार करने गई पतरामपुर चौकी की पुलिस टीम पर आरोपी के परिजनों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में दरोगा गोविंद सिंह मेहता और एक सिपाही घायल हो गए, जबकि वारंटी सुखविंदर सिंह को हिरासत से छुड़ाकर फरार करा दिया गया।

घटनाक्रम: कैसे बिगड़े हालात

जसपुर कोतवाली की पतरामपुर चौकी पुलिस टीम भोगपुर डाम नंबर-2 गांव में आबकारी अधिनियम के तहत गैर-जमानती वारंटी सुखविंदर सिंह को गिरफ्तार करने पहुंची थी। पुलिस ने जैसे ही उसे आंगन से हिरासत में लेकर गिरफ्तारी मेमो तैयार करना शुरू किया, सुखविंदर ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते आसपास के लोग एकत्र होने लगे और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

पुलिस के अनुसार, शोर सुनते ही वारंटी की माँ शिलो कौर, पत्नी मंजीत कौर, भाई मंगत सिंह, चचेरे भाई संदीप सिंह, राजू सिंह और जगपाल सिंह उर्फ जस्सा मौके पर पहुँच गए — सभी कथित तौर पर लाठी-डंडों और धारदार पाठल से लैस थे।

पुलिस पर हमला और वर्दी तक नहीं छोड़ी

दरोगा गोविंद सिंह मेहता ने जब कोर्ट का वारंट दिखाकर सरकारी कार्रवाई में बाधा न डालने को कहा, तो परिजन और भड़क गए। आरोप है कि शिलो कौर ने पुलिसकर्मियों के हाथ से कोर्ट का वारंट छीनने की कोशिश की, जिससे कागज फट गया। इसके बाद सभी ने पुलिस टीम को घेरकर हमला कर दिया।

पुलिस के अनुसार, संदीप सिंह ने धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। दोनों पुलिसकर्मियों ने किसी तरह खुद को बचाया, परंतु हमले में घायल हो गए। हमलावरों ने पुलिसकर्मियों की वर्दी तक नहीं छोड़ी।

वारंटी फरार, पुलिस को गांव से भागना पड़ा

गांव में अफरा-तफरी के बीच हालात इतने बिगड़ गए कि घायल पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए गांव छोड़कर भागना पड़ा। इसी मौके का फायदा उठाकर आरोपियों ने सुखविंदर सिंह को पुलिस हिरासत से छुड़ाकर फरार करा दिया।

सूचना मिलते ही कोतवाली जसपुर प्रभारी निरीक्षक राजेश पांडे भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे, लेकिन तब तक सभी आरोपी फरार हो चुके थे। घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुर पहुँचाकर उनका मेडिकल कराया गया।

मुकदमा और गिरफ्तारी

दरोगा गोविंद सिंह मेहता की तहरीर पर पुलिस ने दो महिलाओं समेत सात नामजद आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, जानलेवा हमला, मारपीट, पुलिस हिरासत से वारंटी छुड़ाने और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को हिरासत में लिया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी सुखविंदर सिंह पूर्व में कच्ची शराब बनाने के मामले में अभियुक्त रह चुका है और क्षेत्र में कच्ची शराब की तस्करी में भी कथित तौर पर लिप्त बताया जा रहा है।

एसपी की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

एसपी काशीपुर स्वप्न किशोर सिंह ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर वारंटी को पकड़ने गई पुलिस टीम के साथ अभद्रता की गई, सरकारी कार्य में बाधा डाली गई और पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला किया गया। उन्होंने बताया कि पूरे मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रशासनिक नियंत्रण की गंभीर कमज़ोरी को उजागर करता है। कच्ची शराब तस्करी के आरोपों का संदर्भ यह भी बताता है कि यह मामला सिर्फ एक परिवार की रक्षात्मक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि संगठित अवैध गतिविधियों की जड़ें हो सकती हैं — जिसकी गहन जांच ज़रूरी है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जसपुर में पुलिस पर हमला कब और कहाँ हुआ?
यह हमला शुक्रवार देर रात ऊधम सिंह नगर जिले के जसपुर स्थित भोगपुर डाम नंबर-2 गांव में हुआ, जब पतरामपुर चौकी की पुलिस टीम वारंटी सुखविंदर सिंह को गिरफ्तार करने पहुँची थी।
पुलिस पर हमला किसने किया और क्यों?
वारंटी सुखविंदर सिंह के परिजनों — माँ शिलो कौर, पत्नी मंजीत कौर, भाई मंगत सिंह, चचेरे भाई संदीप सिंह, राजू सिंह और जगपाल सिंह उर्फ जस्सा — ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया। गिरफ्तारी रोकने और वारंटी को छुड़ाने के इरादे से यह हमला किया गया।
घायल पुलिसकर्मियों की स्थिति क्या है?
दरोगा गोविंद सिंह मेहता और एक सिपाही हमले में घायल हुए। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुर पहुँचाकर मेडिकल जाँच कराई गई। उनकी स्थिति के बारे में अधिकारियों ने गंभीर संकट की बात नहीं कही है।
इस मामले में कितने आरोपी हैं और क्या धाराएँ लगाई गई हैं?
दो महिलाओं समेत 7 नामजद आरोपियों पर सरकारी कार्य में बाधा, जानलेवा हमला, मारपीट और पुलिस हिरासत से वारंटी छुड़ाने समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। अब तक 2 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और बाकी की तलाश जारी है।
वारंटी सुखविंदर सिंह का आपराधिक इतिहास क्या है?
एसपी काशीपुर स्वप्न किशोर सिंह के अनुसार, सुखविंदर सिंह पूर्व में कच्ची शराब बनाने के मामले में अभियुक्त रह चुका है और आबकारी अधिनियम के तहत उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी था। पुलिस के अनुसार वह क्षेत्र में कच्ची शराब की तस्करी में भी कथित तौर पर लिप्त है।
राष्ट्र प्रेस
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