बेंगलुरु के आकाशवाणी लेआउट में गश्त पर निकले पुलिसकर्मियों पर हमला, चार अज्ञात आरोपियों पर FIR दर्ज

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बेंगलुरु के आकाशवाणी लेआउट में गश्त पर निकले पुलिसकर्मियों पर हमला, चार अज्ञात आरोपियों पर FIR दर्ज

सारांश

बेंगलुरु में रात के अंधेरे में गश्त पर निकले दो पुलिसकर्मियों को उस वक्त हमले का शिकार होना पड़ा जब उन्होंने सार्वजनिक स्थान पर शराब पी रहे चार लोगों को रोकने की कोशिश की। पुलिस की गाड़ी की चाबी छीनकर भागे आरोपियों की तलाश में विशेष टीम गठित, सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।

मुख्य बातें

6 मई की सुबह करीब 3 बजे बेंगलुरु के आकाशवाणी लेआउट में गश्त पर निकले दो पुलिसकर्मियों पर चार लोगों ने हमला किया।
आरोपी एक पजेरो कार में सार्वजनिक स्थान पर शराब पी रहे थे; रोकने पर उन्होंने पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया।
हमलावरों ने वर्दी फाड़ी , पुलिस गाड़ी की चाबी छीनी और मौके से फरार हो गए।
अमृतहल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 121(1), 132, 304 और 3(5) के तहत FIR दर्ज की।
दोनों घायल पुलिसकर्मियों की हालत स्थिर है; सीसीटीवी फुटेज की जाँच और विशेष टीम गठित।

बेंगलुरु के आकाशवाणी लेआउट इलाके में 6 मई की सुबह करीब 3 बजे नियमित गश्त पर निकले दो पुलिसकर्मियों पर चार लोगों ने कथित तौर पर हमला कर दिया। अमृतहल्ली पुलिस ने घटना के बाद चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। घायल दोनों पुलिसकर्मियों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

घटनाक्रम: कैसे शुरू हुआ विवाद

बीट 3 और बीट 6 पर तैनात दोनों पुलिसकर्मी जब आकाशवाणी लेआउट में गश्त कर रहे थे, तब उन्होंने सड़क किनारे एक पजेरो कार खड़ी देखी। शिकायत के अनुसार, कार में बैठे चार लोग सार्वजनिक स्थान पर शराब पी रहे थे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहाँ से हटने और घर जाने को कहा, जिस पर आरोपियों में से एक ने कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और विवाद बढ़ता चला गया।

हमले का तरीका और चोटें

शिकायत में बताया गया है कि विवाद बढ़ने पर चारों आरोपियों ने पुलिसकर्मियों को पीछे से पकड़कर काबू में किया और उनके साथ मारपीट की। आरोपियों ने हाथों, अंगूठियों, लातों और घूंसों से हमला किया तथा एक पुलिसकर्मी की वर्दी भी फाड़ दी। अचानक हुए इस हमले से दोनों पुलिसकर्मी संभल नहीं सके और उन्हें गंभीर चोटें आईं।

आरोपी फरार, पुलिस की गाड़ी की चाबी भी छीनी

हमले के दौरान आरोपियों ने पुलिस की गाड़ी की चाबी भी छीन ली और पुलिसकर्मियों को जमीन पर धक्का देकर मौके से भाग निकले। वे अपनी पजेरो कार में बैठकर तेज़ी से वहाँ से निकल गए। घटना के बाद घायल पुलिसकर्मियों को नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका उपचार किया गया।

जाँच और कानूनी कार्रवाई

अमृतहल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 121(1), 132, 304 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायल पुलिसकर्मियों ने दावा किया है कि सामने आने पर वे आरोपियों को पहचान सकते हैं। आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है और इलाके में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक स्थानों पर पुलिसकर्मियों की सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। गौरतलब है कि ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों पर हमले के मामलों में सख्त कानूनी प्रावधान लागू होते हैं। सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीद गवाहों के बयान के आधार पर पुलिस जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की उम्मीद जता रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह उस बढ़ती प्रवृत्ति का संकेत है जिसमें वर्दी का सम्मान घट रहा है। गौरतलब है कि रात के समय अकेले गश्त करने वाले पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए प्रोटोकॉल पर अक्सर सवाल उठते हैं, लेकिन व्यवस्थागत बदलाव नहीं होते। भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत दर्ज धाराएँ कड़ी हैं, परंतु असली परीक्षा यह है कि सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान के बावजूद आरोपी कितनी जल्दी पकड़े जाते हैं — क्योंकि ऐसे मामलों में अक्सर गिरफ्तारी में देरी होती है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु के आकाशवाणी लेआउट में पुलिस पर हमले की घटना क्या है?
6 मई 2025 की सुबह करीब 3 बजे बेंगलुरु के आकाशवाणी लेआउट इलाके में गश्त पर निकले दो पुलिसकर्मियों पर चार लोगों ने हमला किया। आरोपी एक पजेरो कार में सार्वजनिक स्थान पर शराब पी रहे थे और रोके जाने पर उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की।
इस मामले में कौन-सी धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है?
अमृतहल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 121(1), 132, 304 और 3(5) के तहत चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। ये धाराएँ सरकारी कर्मचारी पर हमले और स्वेच्छा से चोट पहुँचाने से संबंधित हैं।
घायल पुलिसकर्मियों की स्थिति कैसी है?
दोनों घायल पुलिसकर्मियों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका उपचार किया गया। पुलिस के अनुसार फिलहाल दोनों की हालत स्थिर है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। घायल पुलिसकर्मियों ने बताया है कि सामने आने पर वे आरोपियों को पहचान सकते हैं।
क्या सार्वजनिक स्थान पर शराब पीना कानूनी अपराध है?
कर्नाटक सहित अधिकांश भारतीय राज्यों में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना प्रतिबंधित है और दंडनीय अपराध है। इस मामले में पुलिसकर्मियों ने इसी आधार पर आरोपियों को रोका था, जिसके बाद विवाद और हमले की नौबत आई।
राष्ट्र प्रेस
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