क्या बिहार के सुपौल में शराब छापेमारी के दौरान 4 पुलिसकर्मी घायल हुए?

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क्या बिहार के सुपौल में शराब छापेमारी के दौरान 4 पुलिसकर्मी घायल हुए?

सारांश

सुपौल में शराब की छापेमारी के दौरान तस्करों के हमले में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस घटना ने इलाके में तनाव का माहौल बना दिया है। जानिए इस हमले के पीछे की कहानी और पुलिस की प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

अवैध शराब के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता।
स्थानीय पुलिस को सुरक्षा के बेहतर उपाय अपनाने की आवश्यकता है।
तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पटना, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के सुपौल जिले में शुक्रवार को अवैध शराब के उत्पादन यूनिट पर की गई छापेमारी के दौरान तस्करों के हमले में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। यह घटना नगर परिषद के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के नरहा टोला में हुई।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अवैध शराब निर्माण और भंडारण की सूचना मिलने पर त्रिवेणीगंज पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी।

जब पुलिस ने देसी शराब जब्त कर नष्ट करना शुरू किया, तभी तस्करों और उनके स्थानीय समर्थकों के एक समूह ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर ईंट-पत्थर से हमला कर दिया। इस हमले में एक पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया।

घायल पुलिसकर्मियों की पहचान सब-इंस्पेक्टर सोनू कुमार, पुलिस क्लर्क जिलानी टेलर, पीटीसी जवान ओम प्रकाश पांडे और होम गार्ड जवान बाबूनंद यादव के रूप में हुई है।

सभी घायल पुलिसकर्मियों को पुलिस वाहन से त्रिवेणीगंज उपमंडल अस्पताल ले जाया गया।

एक घायल की हालत गंभीर थी, जिसे बाद में बेहतर इलाज के लिए सुपौल के सदर अस्पताल में रेफर कर दिया गया।

अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉ. श्रवण कुमार ने पुष्टि की कि हमले के बाद चार पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए लाया गया था।

उन्होंने बताया कि सभी का इलाज किया गया और एक को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया।

घटना के दौरान पुलिस द्वारा गोली चलाने के संबंध में अधिकारियों के बयान विरोधाभासी हैं।

त्रिवेणीगंज एसएचओ राकेश कुमार ने पुलिस फायरिंग से इनकार करते हुए कहा कि लोगों ने प्रदर्शन किया और हिंसक हो गए, लेकिन कोई गोली नहीं चलाई गई और गोलीबारी में कोई घायल नहीं हुआ।

हालांकि, पुलिस सूत्रों ने पहले दावा किया था कि आत्मरक्षा में 7-8 राउंड गोलियां चलाई गईं।

सुपौल एसपी शरथ आरएस ने कहा कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया और पुष्टि की कि घटनास्थल से पहले शराब जब्त की गई थी।

हालांकि, इलाके के प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि उन्होंने झड़प के दौरान गोलियों की आवाज सुनी।

हमले के बाद, पुलिस ने हिंसा में शामिल कई संदिग्धों को हिरासत में लिया।

अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। इस घटना ने इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बना दिया है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि कानून प्रवर्तन कर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छापेमारी के दौरान पुलिसकर्मी क्यों घायल हुए?
पुलिसकर्मी अवैध शराब जब्त करते समय तस्करों के हमले का शिकार हुए।
क्या तस्करों ने पुलिस पर गोलीबारी की?
अधिकारियों के अनुसार, गोलीबारी की कोई पुष्टि नहीं हुई, लेकिन कुछ सूत्रों ने आत्मरक्षा में गोली चलाने का दावा किया।
घायल पुलिसकर्मियों की स्थिति क्या है?
घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती किया गया है, उनकी स्थिति एक गंभीर है।
राष्ट्र प्रेस
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