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जोर बाग का नाम नहीं बदला: NDMC उपाध्यक्ष का प्रियंका चतुर्वेदी के दावे पर खंडन, 'अनुपम कॉलोनी' सिर्फ प्रमाणन टैग

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जोर बाग का नाम नहीं बदला: NDMC उपाध्यक्ष का प्रियंका चतुर्वेदी के दावे पर खंडन, 'अनुपम कॉलोनी' सिर्फ प्रमाणन टैग

सारांश

जोर बाग का नाम नहीं बदला — NDMC का 'अनुपम कॉलोनी' टैग एक पर्यावरणीय प्रमाणन है, नामकरण नहीं। शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर दावा किया, NDMC उपाध्यक्ष ने खंडन किया, और चतुर्वेदी ने खुद गलती सुधारी।

मुख्य बातें

NDMC उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने 16 मई 2026 को स्पष्ट किया कि जोर बाग का नाम नहीं बदला गया है।
'अनुपम कॉलोनी' एक प्रमाणन टैग है जो शून्य-अपशिष्ट और आत्मनिर्भर जीवनशैली अपनाने वाली कॉलोनियों को दिया जाता है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर नाम बदलने का दावा किया, जिसे बाद में उन्होंने स्वयं सुधारा।
यह टैग पाने वाली कॉलोनियाँ स्रोत पर 100% अपशिष्ट पृथक्करण सुनिश्चित करती हैं; पहले से न्यू मोती बाग, काका नगर, बापू धाम आदि को यह प्रमाणन मिल चुका है।
आधिकारिक कार्यक्रम 17 मई 2026 को जोर बाग में आयोजित होगा, जिसमें 'एक पेड़ माँ के नाम' पौधरोपण अभियान भी शामिल होगा।

नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने 16 मई 2026 को स्पष्ट किया कि जोर बाग आवासीय कॉलोनी का नाम नहीं बदला गया है। यह खंडन शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी की उस एक्स पोस्ट के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि जोर बाग का नाम बदलकर 'अनुपम कॉलोनी' कर दिया गया है। NDMC उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस भ्रम को सार्वजनिक रूप से दूर किया।

क्या है 'अनुपम कॉलोनी' टैग

कुलजीत सिंह चहल ने एक्स पर लिखा, 'प्रियंका चतुर्वेदी, आपने इसे पूरी तरह गलत समझा है। NDMC द्वारा साझा किया गया पोस्टर जोर बाग का नाम बदलकर 'अनुपम कॉलोनी' रखने की घोषणा नहीं कर रहा है। यह केवल जोर बाग को आधिकारिक तौर पर 'अनुपम कॉलोनी' घोषित कर रहा है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक प्रमाणन टैग है, जो उन कॉलोनियों को दिया जाता है जो शून्य-अपशिष्ट और आत्मनिर्भर जीवनशैली के उच्च मानकों को पूरा करती हैं।

NDMC की अनुपम कॉलोनी पहल विकेंद्रीकृत अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक आदर्श परियोजना है। इस टैग को पाने वाली कॉलोनियाँ स्रोत पर ही 100 फीसदी अपशिष्ट पृथक्करण सुनिश्चित करती हैं, गीले और बागवानी कचरे का प्रसंस्करण परिसर में ही कंपोस्टिंग इकाइयों के माध्यम से करती हैं, और मशीनीकृत, धूल रहित सफाई प्रणालियों का उपयोग करती हैं। लक्ष्य यह है कि घरेलू कचरे को कॉलोनी से बाहर ले जाने की आवश्यकता ही न पड़े।

17 मई को होगा आधिकारिक कार्यक्रम

NDMC उपाध्यक्ष ने बताया कि 17 मई 2026 को जोर बाग कॉलोनी में ही एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जहाँ NDMC की टीम इस प्रमाणन की औपचारिक घोषणा करेगी। इसके साथ ही 'एक पेड़ माँ के नाम' पौधरोपण अभियान भी चलाया जाएगा।

चहल ने जोर देते हुए कहा, 'यह एक सतत विकास प्रमाणन है, कोई नया नाम नहीं। कॉलोनी का आधिकारिक नाम जोर बाग ही रहेगा।' उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले न्यू मोती बाग, काका नगर, बापू धाम और आराधना सहकारी आवास सोसायटी जैसी कॉलोनियाँ यह प्रमाणन प्राप्त कर चुकी हैं।

प्रियंका चतुर्वेदी का दावा और सुधार

शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने पहले एक्स पर लिखा था, 'जोर बाग से अनुपम कॉलोनी तक। दिल्ली की सबसे पॉश कॉलोनी से दिखावे का अधिकार छीन लिया गया।' हालाँकि कुछ देर बाद उन्होंने स्वयं अपनी गलती सुधारते हुए पोस्ट किया, 'मुझे यह जानकारी मिली है कि यह नाम परिवर्तन नहीं है, बल्कि NDMC की एक पहल है, जिसके तहत उन समितियों को मान्यता दी जा रही है जो आत्मनिर्भर और शून्य-अपशिष्ट जीवनशैली के लिए मानक स्थापित कर रही हैं।'

जोर बाग: एक ऐतिहासिक इलाका

जोर बाग दक्षिण-मध्य नई दिल्ली में लोधी रोड और श्री अरबिंदो मार्ग के निकट स्थित एक अत्यंत पॉश और ऐतिहासिक आवासीय इलाका है। यह प्रमाणन इस कॉलोनी की पहचान को बदलता नहीं, बल्कि उसके पर्यावरणीय प्रयासों को मान्यता देता है।

गौरतलब है कि यह घटनाक्रम सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक सूचनाओं और उनके त्वरित खंडन की बढ़ती प्रवृत्ति को रेखांकित करता है — जहाँ एक सार्वजनिक पोस्ट राजनीतिक विवाद में बदल सकती है और फिर उसी मंच पर सुधारी भी जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ एक पोस्टर को बिना पूरी जानकारी के वायरल कर दिया जाता है। प्रियंका चतुर्वेदी ने गलती सुधारी — यह सराहनीय है — लेकिन तब तक भ्रम फैल चुका था। NDMC की 'अनुपम कॉलोनी' पहल वास्तव में एक सकारात्मक पर्यावरणीय कार्यक्रम है, जो मुख्यधारा की बहस में नाम-विवाद की आड़ में दब गई। मूल प्रश्न यह है कि क्या NDMC अपनी योजनाओं का संचार इतना स्पष्ट करती है कि ऐसी भ्रांतियाँ पैदा ही न हों।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या जोर बाग का नाम बदलकर अनुपम कॉलोनी रखा गया है?
नहीं। NDMC उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने स्पष्ट किया है कि जोर बाग का आधिकारिक नाम वही रहेगा। 'अनुपम कॉलोनी' एक प्रमाणन टैग है, न कि नया नाम।
NDMC का 'अनुपम कॉलोनी' प्रमाणन टैग क्या है?
यह NDMC की एक पहल है जो उन कॉलोनियों को दी जाती है जो शून्य-अपशिष्ट और आत्मनिर्भर जीवनशैली के उच्च मानक पूरे करती हैं। इसमें स्रोत पर 100% अपशिष्ट पृथक्करण, परिसर में ही कंपोस्टिंग और मशीनीकृत सफाई प्रणाली शामिल हैं।
प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर क्या दावा किया था?
शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर लिखा था कि जोर बाग का नाम बदलकर अनुपम कॉलोनी कर दिया गया है। हालाँकि कुछ देर बाद उन्होंने स्वयं यह पोस्ट सुधारते हुए स्वीकार किया कि यह नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि NDMC की एक पहल है।
और कौन-सी कॉलोनियों को 'अनुपम कॉलोनी' टैग मिल चुका है?
NDMC उपाध्यक्ष के अनुसार न्यू मोती बाग, काका नगर, बापू धाम और आराधना सहकारी आवास सोसायटी पहले ही यह प्रमाणन प्राप्त कर चुकी हैं।
जोर बाग के लिए आधिकारिक कार्यक्रम कब होगा?
NDMC ने बताया कि 17 मई 2026 को जोर बाग कॉलोनी में ही एक कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें प्रमाणन की औपचारिक घोषणा और 'एक पेड़ माँ के नाम' पौधरोपण अभियान शामिल होगा।
राष्ट्र प्रेस
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