हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े घोषित अपराधी की संपत्ति कुर्क, सोपोर पुलिस की तीन दिन में तीसरी बड़ी कार्रवाई

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हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े घोषित अपराधी की संपत्ति कुर्क, सोपोर पुलिस की तीन दिन में तीसरी बड़ी कार्रवाई

सारांश

सोपोर पुलिस ने तीन दिनों में तीसरी बार आतंकी नेटवर्क पर शिकंजा कसा — इस बार निशाने पर हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा घोषित अपराधी राशिद-उद-दीन कुरैशी, जिसकी नादिहाल में जमीन कुर्क की गई। पीओके से संचालित यह नेटवर्क अब कानूनी और संपत्ति दोनों मोर्चों पर घिरता दिख रहा है।

मुख्य बातें

सोपोर पुलिस ने 16 मई को हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े घोषित अपराधी राशिद-उद-दीन कुरैशी की अचल संपत्ति कुर्क की।
आरोपी नादिहाल, राफियाबाद का निवासी है और उसके खिलाफ बारामूला जिले के पंजल्ला थाने में मुकदमा दर्ज है।
जांच के अनुसार आरोपी अवैध हथियार प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) गया था और पाकिस्तान से हिजबुल मुजाहिदीन नेटवर्क के साथ समन्वय कर रहा है।
लशदाएज नादिहाल में स्थित जमीन राजस्व विभाग के सहयोग से कुर्क की गई, जिसकी कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
यह पिछले तीन दिनों में सोपोर पुलिस की तीसरी ऐसी कुर्की कार्रवाई है।

सोपोर पुलिस ने शनिवार, 16 मई को प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े एक घोषित अपराधी की अचल संपत्ति कुर्क कर आतंकी इकोसिस्टम के विरुद्ध अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया। आरोपी की पहचान राशिद-उद-दीन कुरैशी, निवासी नादिहाल, राफियाबाद के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ बारामूला जिले के पंजल्ला थाने में मुकदमा दर्ज है। पिछले तीन दिनों में यह इस तरह की तीसरी कुर्की कार्रवाई है।

आरोपी का आतंकी नेटवर्क से कनेक्शन

पुलिस जांच के अनुसार, राशिद-उद-दीन कुरैशी अवैध हथियारों और गोला-बारूद का प्रशिक्षण लेने के लिए गैर-कानूनी रूप से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) चला गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह वर्तमान में पाकिस्तान से हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी नेटवर्क के साथ सक्रिय समन्वय बनाए हुए है। लंबे समय तक कानूनी कार्रवाई से बचते रहने के कारण अदालत ने उसे 'घोषित अपराधी' घोषित किया था।

कुर्की की प्रक्रिया

न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में राजस्व विभाग के सहयोग से लशदाएज नादिहाल में स्थित जमीन को कुर्क किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। राजस्व अभिलेखों और स्थानीय जांच के माध्यम से उचित सत्यापन के बाद यह कार्रवाई राजस्व अधिकारियों और स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में सभी निर्धारित औपचारिकताओं का पालन करते हुए पूरी की गई।

तीन दिनों में तीसरी कार्रवाई

यह कुर्की सोपोर पुलिस द्वारा पिछले तीन दिनों में की गई तीसरी ऐसी कार्रवाई है। गौरतलब है कि यह कदम आतंकी संगठनों से जुड़े आतंकी आकाओं, फरार अपराधियों और राष्ट्र-विरोधी तत्वों के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। इन कार्रवाइयों का उद्देश्य आतंकी नेटवर्कों के वित्तीय और सहायता ढाँचे को नष्ट करना है।

पुलिस की प्रतिबद्धता

सोपोर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद, आतंकी वित्तपोषण और किसी भी रूप में आतंकी संगठनों को पनाह देने या उनका समर्थन करने में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, अलगाववादी-आतंकी इकोसिस्टम को खत्म करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में ऐसी और कार्रवाइयों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आतंकी नेटवर्क की आर्थिक जड़ों को निशाना बना रही है — यह रणनीतिक बदलाव महत्वपूर्ण है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि जब तक पीओके में बैठे ऐसे आरोपियों को वास्तविक न्यायिक प्रक्रिया के सामने नहीं लाया जाता, संपत्ति कुर्की प्रतीकात्मक दबाव से अधिक कुछ नहीं। असली परीक्षा यह है कि क्या ये कार्रवाइयाँ स्थानीय सहायता ढाँचे को वास्तव में कमजोर करती हैं या केवल कागजी रिकॉर्ड तक सीमित रहती हैं।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोपोर पुलिस ने किसकी संपत्ति कुर्क की और क्यों?
सोपोर पुलिस ने हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े घोषित अपराधी राशिद-उद-दीन कुरैशी की नादिहाल, राफियाबाद स्थित जमीन कुर्क की। आरोपी पीओके जाकर हथियार प्रशिक्षण ले चुका है और पाकिस्तान से आतंकी नेटवर्क के साथ समन्वय कर रहा है।
घोषित अपराधी किसे कहते हैं?
जब कोई आरोपी लंबे समय तक कानूनी कार्रवाई से बचता रहता है और अदालत में पेश नहीं होता, तो अदालत उसे 'घोषित अपराधी' घोषित करती है। इसके बाद उसकी संपत्तियाँ कुर्क करने का कानूनी अधिकार मिल जाता है।
यह कार्रवाई किस व्यापक अभियान का हिस्सा है?
यह सोपोर पुलिस के उस अभियान का हिस्सा है जिसका उद्देश्य आतंकी और अलगाववादी इकोसिस्टम को खत्म करना है। पिछले तीन दिनों में यह तीसरी कुर्की कार्रवाई है, जो आतंकी नेटवर्क के वित्तीय और सहायता ढाँचे को तोड़ने पर केंद्रित है।
कुर्की की प्रक्रिया कैसे पूरी की गई?
न्यायालय के आदेश पर राजस्व विभाग के सहयोग से राजस्व अभिलेखों और स्थानीय जांच के माध्यम से सत्यापन के बाद कार्रवाई की गई। पूरी प्रक्रिया राजस्व अधिकारियों और स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में निर्धारित औपचारिकताओं के साथ पूरी की गई।
हिजबुल मुजाहिदीन क्या है?
हिजबुल मुजाहिदीन भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित एक आतंकी संगठन है, जो मुख्यतः पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से संचालित होता है। यह जम्मू-कश्मीर में सक्रिय सबसे पुराने आतंकी संगठनों में से एक माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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