सोपोर पुलिस ने पाकिस्तान से संचालित हिजबुल मुजाहिदीन सरगना गुलाम मोहम्मद भट की संपत्ति जब्त की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सोपोर पुलिस ने पाकिस्तान से संचालित हिजबुल मुजाहिदीन सरगना गुलाम मोहम्मद भट की संपत्ति जब्त की

सारांश

सोपोर पुलिस ने पाकिस्तान से संचालित हिजबुल मुजाहिदीन सरगना गुलाम मोहम्मद भट उर्फ हैदर को न्यायालय द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद उसकी रोहामा स्थित 16 मरला जमीन ईआईएमसीओ अधिनियम के तहत कुर्क की — यह आतंकी आर्थिक नेटवर्क पर सीधा प्रहार है।

मुख्य बातें

सोपोर पुलिस ने 15 मई को हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े भगोड़े सरगना गुलाम मोहम्मद भट उर्फ हैदर की संपत्ति कुर्क की।
अभियुक्त बारामूला के रोहामा का निवासी है और फिलहाल पाकिस्तान से हिजबुल मुजाहिदीन नेटवर्क संचालित कर रहा है।
दाएंगरुत रोहामा में छह मरला और रेशिनार रोहामा में दस मरला भूमि जब्त की गई, जिसका मूल्य लाखों रुपये में है।
कार्रवाई ईआईएमसीओ अधिनियम की धारा 2/3 के तहत दर्ज एफआईआर और सीआरपीसी धारा 88 के तहत भगोड़ा घोषित आदेश के आधार पर हुई।
अभियुक्त ने हथियार प्रशिक्षण के लिए पीओके में अवैध घुसपैठ की थी और प्रतिबंधित संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा है।

जम्मू-कश्मीर के सोपोर में पुलिस ने शुक्रवार, 15 मई को आतंकी नेटवर्क के विरुद्ध चल रहे व्यापक अभियान के तहत प्रतिबंधित संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े एक घोषित भगोड़े आतंकी सरगना की अचल संपत्ति कुर्क कर ली। अभियुक्त गुलाम मोहम्मद भट उर्फ हैदर फिलहाल पाकिस्तान से हिजबुल मुजाहिदीन नेटवर्क के साथ समन्वय में सक्रिय बताया जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, गुलाम मोहम्मद भट उर्फ हैदर — पुत्र गुलाम मोहिउद्दीन भट, मूल निवासी रोहामा, बारामूला — ने अवैध हथियारों और गोला-बारूद का प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में अवैध रूप से घुसपैठ की थी। इसके बाद वह पाकिस्तान से आतंकी सरगना के रूप में काम कर रहा है।

यह कार्रवाई पंजल्ला पुलिस स्टेशन में निकास और आंतरिक आवागमन (नियंत्रण) अध्यादेश (ईआईएमसीओ) अधिनियम की धारा 2/3 के तहत दर्ज एफआईआर के अंतर्गत की गई है।

कुर्क की गई संपत्ति का विवरण

राजस्व विभाग के सहयोग से दो स्थानों पर संपत्ति जब्त की गई — दाएंगरुत रोहामा में छह मरला और रेशिनार रोहामा में दस मरला भूमि। अधिकारियों के अनुसार, इन संपत्तियों का मूल्य लाखों रुपये में है।

राजस्व अभिलेखों और स्थानीय जांच के माध्यम से उचित सत्यापन के बाद न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए कुर्की की प्रक्रिया पूरी की गई।

न्यायालय द्वारा भगोड़ा घोषित

पुलिस के बयान के अनुसार, अभियुक्त लंबे समय से लगातार प्रयासों के बावजूद कानूनी कार्रवाई से बचता रहा। परिणामस्वरूप, न्यायालय ने उसे दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 88 के तहत भगोड़ा घोषित कर दिया। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर पुलिस आतंकी वित्तपोषण और संपत्ति नेटवर्क को तोड़ने के लिए कानूनी उपकरणों का व्यापक उपयोग कर रही है।

आतंकी नेटवर्क पर प्रभाव

गौरतलब है कि संपत्ति कुर्की जैसी कार्रवाइयाँ आतंकी संगठनों के स्थानीय आर्थिक आधार को कमज़ोर करने की रणनीति का हिस्सा हैं। हिजबुल मुजाहिदीन भारत में प्रतिबंधित संगठन है और कथित तौर पर पाकिस्तान से संचालित होता रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की कुर्की कार्रवाइयाँ आतंकियों के परिजनों और स्थानीय सहयोगियों को भी एक स्पष्ट संदेश देती हैं।

सोपोर क्षेत्र में यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसमें भगोड़े आतंकियों की संपत्तियाँ चिह्नित कर कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त की जा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर इसका व्यवस्थित क्रियान्वयन अब तेज़ हुआ है। हालाँकि सवाल यह भी उठता है कि पीओके में बैठे और पाकिस्तान की छत्रछाया में काम कर रहे सरगनाओं पर संपत्ति जब्ती का व्यावहारिक निरोधक प्रभाव कितना होगा, जब तक सीमा पार नेटवर्क को कूटनीतिक और खुफिया स्तर पर भी नहीं तोड़ा जाता। फिर भी, स्थानीय स्तर पर यह संदेश स्पष्ट है — आतंक का साथ देने की कीमत अब परिवार की ज़मीन तक पहुँच सकती है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोपोर में किस आतंकी सरगना की संपत्ति जब्त की गई?
सोपोर पुलिस ने हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े भगोड़े सरगना गुलाम मोहम्मद भट उर्फ हैदर की संपत्ति जब्त की है। वह बारामूला के रोहामा का निवासी है और फिलहाल पाकिस्तान से आतंकी नेटवर्क संचालित कर रहा है।
कितनी और कहाँ की संपत्ति कुर्क की गई?
राजस्व विभाग के सहयोग से दाएंगरुत रोहामा में छह मरला और रेशिनार रोहामा में दस मरला भूमि कुर्क की गई। अधिकारियों के अनुसार इन संपत्तियों का मूल्य लाखों रुपये में है।
यह कार्रवाई किस कानून के तहत की गई?
यह कुर्की पंजल्ला पुलिस स्टेशन में ईआईएमसीओ (निकास और आंतरिक आवागमन नियंत्रण अध्यादेश) अधिनियम की धारा 2/3 के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई। इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने अभियुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 88 के तहत भगोड़ा घोषित किया हुआ है।
गुलाम मोहम्मद भट हैदर पर क्या आरोप हैं?
जांच के अनुसार, उसने अवैध हथियारों और गोला-बारूद का प्रशिक्षण लेने के लिए पीओके में अवैध घुसपैठ की और प्रतिबंधित संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा है। वह वर्तमान में पाकिस्तान से इस आतंकी नेटवर्क के साथ समन्वय में काम कर रहा है।
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की संपत्ति जब्त करने का उद्देश्य क्या है?
आतंकी संगठनों के स्थानीय आर्थिक आधार को कमज़ोर करना और भगोड़े अभियुक्तों पर कानूनी दबाव बनाना इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य है। इससे स्थानीय सहयोगियों को भी यह संदेश जाता है कि आतंक से जुड़ाव की कीमत संपत्ति तक हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले