श्रीनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ड्रग तस्कर की ₹1.2 करोड़ की संपत्ति जब्त, हजरतबल में मकान अटैच

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श्रीनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ड्रग तस्कर की ₹1.2 करोड़ की संपत्ति जब्त, हजरतबल में मकान अटैच

सारांश

श्रीनगर पुलिस ने नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत गासू हजरतबल में ड्रग तस्कर मकसूद हुसैन खान की ₹1.2 करोड़ मूल्य की दो मंजिला इमारत और जमीन अटैच की। NDPS एक्ट के तहत दो अलग एफआईआर पर आधारित यह कार्रवाई तस्करों की आर्थिक नींव ध्वस्त करने की रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

श्रीनगर पुलिस ने 12 मई 2026 को नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत ₹1.2 करोड़ की संपत्ति जब्त की।
जब्त संपत्ति गासू हजरतबल स्थित दो मंजिला रिहायशी मकान और उससे जुड़ी जमीन है।
संपत्ति ड्रग तस्कर मकसूद हुसैन खान की बताई जा रही है, जो बांडे लेन हजरतबल का मूल निवासी है।
कार्रवाई पुलिस स्टेशन निगीन और पुलिस स्टेशन गांदरबल में दर्ज दो एफआईआर के आधार पर NDPS एक्ट के तहत की गई।
अटैचमेंट आदेश के बाद संपत्ति की बिक्री, किराया या हस्तांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध लागू।

श्रीनगर पुलिस ने नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत ड्रग तस्करी के एक बड़े मामले में ₹1.2 करोड़ मूल्य की संपत्ति जब्त की है। 12 मई 2026 को की गई इस कार्रवाई में श्रीनगर के गासू हजरतबल इलाके में एक दो मंजिला रिहायशी मकान और उससे जुड़ी जमीन को अटैच किया गया है। पुलिस के अनुसार यह संपत्ति अवैध नशा तस्करी से अर्जित धन से बनाई गई थी।

किसकी है जब्त संपत्ति

जब्त की गई संपत्ति मकसूद हुसैन खान की बताई जा रही है, जो मूल रूप से बांडे लेन हजरतबल का निवासी है और हाल तक गासू हजरतबल में रह रहा था। यह कार्रवाई पुलिस स्टेशन निगीन द्वारा नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत अंजाम दी गई है।

किन मामलों के आधार पर हुई कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई पुलिस स्टेशन निगीन और पुलिस स्टेशन गांदरबल में दर्ज दो अलग-अलग एफआईआर के आधार पर की गई। दोनों मामलों में NDPS एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत जांच चल रही थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी ने नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध धन से यह संपत्ति बनाई थी।

अटैचमेंट आदेश का असर

पुलिस द्वारा जारी अटैचमेंट आदेश के बाद अब मकसूद हुसैन खान इस मकान और जमीन को न बेच सकेगा, न किराए पर दे सकेगा और न ही किसी अन्य व्यक्ति को इसमें हिस्सेदारी दे पाएगा। संपत्ति में किसी भी प्रकार का बदलाव करने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह कदम ड्रग तस्करों की आर्थिक जड़ें काटने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

अभियान जारी रहेगा: पुलिस

श्रीनगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान लगातार जारी रहेगा और ड्रग तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती रहेगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे नशा तस्करी से जुड़ी किसी भी सूचना को तत्काल पुलिस के साथ साझा करें। यह अभियान जम्मू-कश्मीर को नशे के जाल से मुक्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अक्सर कानूनी प्रक्रियाओं से बच निकलते हैं। जम्मू-कश्मीर में NDPS एक्ट के तहत संपत्ति जब्ती के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इन कार्रवाइयों से आपूर्ति श्रृंखला वास्तव में टूट रही है या केवल एक कड़ी हटाई जा रही है। दो अलग-अलग थानों में दर्ज एफआईआर यह संकेत देती हैं कि आरोपी का नेटवर्क एकाधिक क्षेत्रों में फैला था — इस पहलू की गहरी जांच ज़रूरी है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनगर में ड्रग तस्कर की कितनी संपत्ति जब्त की गई?
श्रीनगर पुलिस ने गासू हजरतबल में ड्रग तस्कर मकसूद हुसैन खान की ₹1.2 करोड़ मूल्य की संपत्ति जब्त की है, जिसमें एक दो मंजिला रिहायशी मकान और उससे जुड़ी जमीन शामिल है। यह कार्रवाई NDPS एक्ट के तहत की गई है।
नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान क्या है?
यह जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य ड्रग तस्करी और नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई करके जम्मू-कश्मीर को नशामुक्त बनाना है। इस अभियान के तहत तस्करों की संपत्तियाँ जब्त करना और कानूनी कार्रवाई करना शामिल है।
NDPS एक्ट के तहत संपत्ति अटैचमेंट का क्या मतलब है?
NDPS एक्ट के तहत संपत्ति अटैचमेंट का अर्थ है कि संबंधित व्यक्ति उस संपत्ति को बेच, किराए पर दे या किसी को हस्तांतरित नहीं कर सकता। यह आदेश तब जारी किया जाता है जब जांच में यह सामने आए कि संपत्ति नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध धन से बनाई गई है।
इस मामले में कितनी एफआईआर दर्ज हैं और किन थानों में?
इस मामले में दो एफआईआर दर्ज हैं — एक पुलिस स्टेशन निगीन में और दूसरी पुलिस स्टेशन गांदरबल में। दोनों मामलों में NDPS एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत जांच चल रही थी।
क्या संपत्ति जब्ती से ड्रग तस्करी रुकती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि संपत्ति जब्ती तस्करों की आर्थिक नींव को कमज़ोर करती है और उन्हें आर्थिक नुकसान पहुँचाती है। हालाँकि, तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने के लिए आपूर्ति श्रृंखला के सभी स्तरों पर समन्वित कार्रवाई ज़रूरी मानी जाती है।
राष्ट्र प्रेस