क्या जम्मू-कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तान स्थित आतंकी सरगना की संपत्ति जब्त हुई?
सारांश
Key Takeaways
- पुंछ में संपत्ति कुर्क की गई है।
- यह कार्रवाई आतंकवाद के वित्तीय नेटवर्क को समाप्त करने के लिए की गई है।
- जमाल लोन की संपत्ति जब्त की गई है।
- राजस्व विभाग के साथ मिलकर कार्रवाई की गई।
- पुलिस की प्रतिबद्धता राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में है।
जम्मू, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शुक्रवार को पुंछ जिले के मंडी क्षेत्र में पाकिस्तान स्थित आतंकी सरगना की संपत्ति कुर्क की है।
पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सीमा पार से सक्रिय आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ निर्णायक कानूनी कार्रवाई करते हुए पुंछ पुलिस ने न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकी सरगना की अचल संपत्ति जब्त की है।
इस कार्रवाई का संबंध मंडी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर से है। कुर्क की गई संपत्ति में 6 कनाल 13.5 मरला भूमि शामिल है। यह संपत्ति पुंछ की तहसील मंडी में स्थित है, जिसका अनुमानित मूल्य लगभग 13.36 लाख रुपए है।
कुर्क की गई संपत्ति पुंछ जिले के चैंबर कनारी निवासी जमाल लोन उर्फ जमाला पुत्र सुल्तान लोन उर्फ सुल्ताना की है। वर्तमान में जमाल पाकिस्तान में आतंकी संचालक के रूप में कार्यरत है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले पाकिस्तान/पीओके भाग गया था और तब से देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए हानिकारक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहा है।
कानूनी प्रक्रिया से बचने के कारण न्यायालय ने आरोपी को भगोड़ा घोषित कर दिया।
पुंछ पुलिस द्वारा उसकी गिरफ्तारी के लिए निरंतर प्रयासों के बावजूद वह कानून के हाथों से बाहर रहा, जिसके कारण न्यायालय को उसकी अचल संपत्ति को कुर्क करने का आदेश देना पड़ा।
पुंछ पुलिस ने राजस्व विभाग के साथ मिलकर सभी कानूनी प्रक्रियाओं, सत्यापन और दस्तावेजीकरण का पालन करते हुए कुर्की की कार्रवाई की।
बयान में कहा गया है कि यह कार्रवाई आतंकवादी नेटवर्कों के वित्तीय और रसद संबंधी सहायता ढांचों को ध्वस्त करने और आतंकवाद एवं राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों को उनके संसाधनों से वंचित करने की व्यापक और सतत रणनीति का हिस्सा है।
बयान में आगे कहा गया है कि जिला पुलिस पुंछ, पाकिस्तान स्थित आतंकी संचालकों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक गतिविधियों में शामिल सभी तत्वों के खिलाफ दृढ़तापूर्वक और कानूनी रूप से कार्रवाई करने की अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराती है और जनता को आश्वस्त करती है कि शांति, जन सुरक्षा और राष्ट्र की संप्रभुता के हित में ऐसे उपाय जारी रहेंगे।