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क्या ओडिशा के वन विभाग के अधिकारी पर 55 लाख रुपए के गबन का आरोप सही है?

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क्या ओडिशा के वन विभाग के अधिकारी पर 55 लाख रुपए के गबन का आरोप सही है?

सारांश

ओडिशा में एक वन विभाग के अधिकारी पर गबन के गंभीर आरोप लगे हैं। क्या यह सिर्फ एक आरोप है या इसके पीछे की सच्चाई कुछ और है? जानें इस मामले की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

55 लाख रुपए का गबन वन विभाग के अधिकारी की गिरफ्तारी फर्जी रजिस्टर और वाउचर का इस्तेमाल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज अन्य गबन मामलों में भी गिरफ्तारी

भुवनेश्वर, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा की सतर्कता विभाग ने शुक्रवार के दिन वन विभाग के एक अधिकारी को 55 लाख रुपए से अधिक के सरकारी धन के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया।

आरोपी की पहचान जय कुमार जुआड के रूप में हुई है। जुआड वर्तमान में कालाहांडी जिले के लांजीगढ़ क्षेत्र में बिश्वनाथपुर स्थित वन रेंज कार्यालय में वनपाल के पद पर कार्यरत हैं।

उन्हें कालाहांडी जिले के थुआमूल रामपुर वन अनुभाग में वृक्षारोपण स्थलों पर मृदा एवं नमी संरक्षण (एसएमसी) कार्यों के लिए फर्जी रजिस्टर और वाउचर तैयार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जिससे 55,04,607 रुपए की सरकारी धनराशि का गबन हुआ।

आरोप है कि वनपाल के रूप में कार्य करते हुए जय कुमार जुआड ने 2024-25 की अवधि के दौरान मृदा एवं नमी संरक्षण कार्यों के लिए आवंटित निधियों में हेराफेरी की।

इस गबन में उच्च प्राथमिकता वाले पर्यावरण कोषों का दुरुपयोग किया गया, जिनमें क्षतिपूर्ति वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (सीएएमपीए), क्षतिपूर्ति वनीकरण (सीए), और जलग्रहण क्षेत्र (सीपीए) योजनाओं के अंतर्गत आने वाले कोष शामिल हैं।

सतर्कता अधिकारियों के अनुसार, जुआड ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी हाजिरी लगाकर या काम के घंटों को बढ़ा-चढ़ाकर दर्ज किया। उन पर उन सामग्रियों और रसद के लिए फर्जी बिल जमा करके वाउचर बनाने का भी आरोप है, जिन्हें कभी खरीदा या इस्तेमाल नहीं किया गया।

आरोपी वन अधिकारी पर भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।

इसी बीच, एक अलग मामले में ओडिशा सतर्कता विभाग ने जाजपुर जिले के चितालो डिग्री महाविद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य अद्वैत प्रसाद मल्लिक और पूर्व अध्यक्ष बद्री नारायण राय को एक अन्य गबन मामले में गिरफ्तार किया है।

मल्लिक फिलहाल उसी संस्थान में उड़िया लेक्चरर के तौर पर कार्यरत हैं। दोनों को कॉलेज की छात्राओं के लिए सेल्फ-डिफेंस प्रोग्राम के लिए रखे गए 32,07,620 रुपए के सरकारी फंड के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल भ्रष्टाचार को दर्शाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि हमें अपने अधिकारियों पर विश्वास रखने में कितनी सावधानी बरतनी चाहिए। यह स्थिति न केवल ओडिशा, बल्कि पूरे देश में चिंता का विषय है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या जय कुमार जुआड पर लगे आरोप सही हैं?
अभी तक जांच चल रही है और सत्यता का पता लगाने के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गबन की राशि कितनी है?
गबन की राशि 55 लाख रुपए से अधिक है।
क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं?
हाँ, आरोप के अनुसार जुआड के साथ अन्य व्यक्तियों ने भी इसमें भाग लिया था।
राष्ट्र प्रेस
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