ग्रेटर नोएडा: फर्जी जमीन रजिस्ट्री गिरोह का 8वाँ आरोपी विनोद कुमार सिंह गिरफ्तार

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ग्रेटर नोएडा: फर्जी जमीन रजिस्ट्री गिरोह का 8वाँ आरोपी विनोद कुमार सिंह गिरफ्तार

सारांश

ग्रेटर नोएडा में फर्जी जमीन रजिस्ट्री के ज़रिए करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का 8वाँ सदस्य विनोद कुमार सिंह गिरफ्तार। लंबे समय से फरार यह आरोपी दिल्ली में छुपा था — लोकल इंटेलिजेंस ने उसे दबोचा। गिरोह के खिलाफ BNS की कई धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।

मुख्य बातें

जारचा थाना पुलिस ने 16 मई 2025 को फर्जी जमीन रजिस्ट्री गिरोह के वांछित सदस्य विनोद कुमार सिंह को लाल कुआं, ग्रेटर नोएडा के पास से गिरफ्तार किया।
आरोपी मूलतः अलीगढ़ का निवासी है और गिरफ्तारी के समय गाजीपुर, दिल्ली में रह रहा था।
गिरोह पर खुद को जमीन का असली मालिक बताकर फर्जी दस्तावेज से रजिस्ट्री कराने और करोड़ों रुपए की ठगी का आरोप है।
आरोपी के विरुद्ध थाना जारचा में 6 मुकदमे दर्ज हैं; BNS धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत कार्रवाई।
इस मामले में अब तक कुल 8 आरोपी गिरफ्तार; गिरोह के अन्य संदिग्धों की तलाश जारी।

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के जारचा थाने की पुलिस ने 16 मई 2025 को फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीनों की अवैध रजिस्ट्री कराने और करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह के वांछित सदस्य को गिरफ्तार किया। आरोपी को लाल कुआं क्षेत्र, ग्रेटर नोएडा के पास से लोकल इंटेलिजेंस और सर्विलांस की मदद से दबोचा गया।

कौन है गिरफ्तार आरोपी

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान विनोद कुमार सिंह, पुत्र हरपाल सिंह, के रूप में हुई है। वह मूलतः ग्राम आदमपुर, थाना टप्पल, जनपद अलीगढ़ का निवासी है और गिरफ्तारी के समय गाजीपुर, थाना पटपड़गंज, दिल्ली में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, विनोद लंबे समय से फरार था और उसके विरुद्ध थाना जारचा में कुल छह मुकदमे पहले से दर्ज हैं।

गिरोह का मodus operandi

जाँच में सामने आया है कि विनोद कुमार सिंह अपने साथियों के साथ मिलकर खुद को जमीन का असली मालिक बताता था। इसके बाद गिरोह फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन जमीनों की अवैध रजिस्ट्री करा देता था और निर्दोष खरीदारों से बड़ी रकम वसूल लेता था। इस तरह गिरोह ने करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की, जिसमें कई पीड़ित शामिल हैं।

कानूनी कार्रवाई

आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत मुकदमे दर्ज हैं। ये धाराएँ धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज निर्माण और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर अपराधों से संबंधित हैं। इस मामले में अब तक सात अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

जाँच की स्थिति

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जाँच अभी जारी है। गिरोह द्वारा ठगे गए सभी पीड़ितों की पहचान की जा रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश भी की जा रही है। गौरतलब है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और इसने एकाधिक जमीनों की फर्जी रजिस्ट्री को अंजाम दिया।

जनता के लिए सतर्कता की अपील

जारचा थाना पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूमि की खरीद-फरोख्त से पहले सभी दस्तावेजों का राजस्व विभाग से सत्यापन अवश्य कराएँ। पुलिस का कहना है कि सत्यापन के बिना लेनदेन करने पर इस प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार होने का जोखिम बना रहता है। आने वाले दिनों में गिरोह के शेष सदस्यों की गिरफ्तारी भी संभावित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस गिरोह की संरचना — जिसमें आरोपी राज्य की सीमा पार दिल्ली में छिपे थे — यह संकेत देती है कि ऐसे नेटवर्क अंतर-राज्यीय स्तर पर काम कर रहे हैं। आठ गिरफ्तारियों के बावजूद पुलिस अभी तक पीड़ितों की पूरी सूची और ठगी की कुल रकम सार्वजनिक नहीं कर पाई है, जो जवाबदेही की दृष्टि से चिंताजनक है। राजस्व विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं — बार-बार फर्जी रजिस्ट्री कैसे होती रही, यह जाँच का विषय होना चाहिए।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा में फर्जी जमीन रजिस्ट्री गिरोह क्या है?
यह एक संगठित गिरोह है जो फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद को जमीन का असली मालिक बताता था और अवैध रजिस्ट्री के ज़रिए निर्दोष खरीदारों से करोड़ों रुपए ठगता था। इस गिरोह के खिलाफ गौतमबुद्धनगर के जारचा थाने में कई मुकदमे दर्ज हैं।
विनोद कुमार सिंह को कहाँ से और कैसे गिरफ्तार किया गया?
विनोद कुमार सिंह को 16 मई 2025 को लाल कुआं क्षेत्र, ग्रेटर नोएडा के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस की; वह गिरफ्तारी के समय दिल्ली के गाजीपुर इलाके में रह रहा था।
इस गिरोह के खिलाफ अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं?
विनोद कुमार सिंह की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में कुल 8 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इससे पहले 7 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका था, जबकि गिरोह के अन्य संदिग्धों की तलाश अभी जारी है।
आरोपी के खिलाफ कौन-सी कानूनी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपी विनोद कुमार सिंह के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत कुल 6 मुकदमे दर्ज हैं। ये धाराएँ धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज निर्माण और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित हैं।
जमीन खरीदते समय धोखाधड़ी से कैसे बचें?
जारचा थाना पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि किसी भी जमीन की खरीद-फरोख्त से पहले सभी दस्तावेजों की राजस्व विभाग से पूरी जाँच कराएँ और सत्यापन के बाद ही कोई लेनदेन करें। बिना सत्यापन के भुगतान करने पर इस तरह की ठगी का शिकार होने का जोखिम बना रहता है।
राष्ट्र प्रेस
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