11 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या नोएडा में फर्जी लोन देने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या नोएडा में फर्जी लोन देने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है?

सारांश

नोएडा पुलिस ने लोन के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। दो आरोपी गिरफ्तार, उनके पास से मिले 128 एटीएम कार्ड और 77 सिमकार्ड ठगी के बड़े खेल का खुलासा करते हैं। जानिए इस मामले में क्या हुआ।

मुख्य बातें

फर्जी लोन गिरोह का पर्दाफाश दो आरोपी गिरफ्तार 128 एटीएम कार्ड और 77 सिमकार्ड बरामद ठगी के तरीके में सोशल मीडिया का उपयोग पुलिस की आगे की कार्रवाई जारी

नोएडा, 2 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

इन आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए कई सामान बरामद हुए हैं, जिनमें 50,000 रुपए नकद, 20 मोबाइल फोन, 128 एटीएम कार्ड, 77 सिमकार्ड, पासबुक, चेकबुक, क्यूआर कोड, और एक मोटर साइकिल शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान फैयाज आलम और आकाश कुमार के रूप में हुई है। दोनों बिहार के सारण जिले के सलीमापुर गांव के निवासी हैं और अभी नोएडा के बहलोलपुर क्षेत्र में रह रहे थे।

पुलिस ने इन्हें एफएनजी रोड से गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में इनसे कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने विभिन्न सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म से देशभर के लोगों का आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर, और अन्य व्यक्तिगत जानकारी इकट्ठा की थी।

इसके बाद, ये खुद को बेंगलुरु स्थित किसी प्राइवेट कंपनी का कर्मचारी बताकर लोगों को लोन दिलाने का झांसा देते थे। वे व्हाट्सएप के माध्यम से आधार, पैन और बैंक स्टेटमेंट मांगते थे और फिर विभिन्न शुल्कों के नाम पर पैसे वसूलते थे, जैसे रजिस्ट्रेशन फीस 299 रुपए, ईसीएस इन हैंड 399 रुपए, और इंश्योरेंस व जीएसटी 2,400 से 3,200 रुपए तक। लोगों से ठगे गए पैसे को ये आरोपी यूपीआई वॉलेट और बैंक खातों के माध्यम से निकाल लेते थे।

इसके अलावा, ये लोगों के नाम पर बैंक अकाउंट खोलकर सिम कार्ड भी हासिल करते थे, जिनका उपयोग ठगी और यूपीआई ट्रांजैक्शन के लिए किया जाता था। जब पुलिस ने बरामद मोबाइल फोन की जांच की तो उनमें सैकड़ों लोगों की चैट हिस्ट्री और व्यक्तिगत डेटा पाया गया। थाना सेक्टर-113 ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपियों के नेटवर्क और उनसे जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें हमेशा समाज के प्रति सजग रहना चाहिए। यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि धोखाधड़ी के मामलों में सजग रहना आवश्यक है। हमें लोगों को जागरूक करने की जरूरत है ताकि वे ऐसे ठगों के जाल में न फंसें।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में फर्जी लोन गिरोह का पर्दाफाश कब हुआ?
यह घटना 2 अक्टूबर को हुई थी जब नोएडा पुलिस ने गिरोह का भंडाफोड़ किया।
गिरफ्तार आरोपियों के पास कौन-कौन सी चीजें थीं?
आरोपियों के पास 50,000 रुपए नकद, 128 एटीएम कार्ड, 77 सिमकार्ड, और अन्य सामान बरामद किए गए।
आरोपी लोगों से पैसे कैसे वसूलते थे?
ये लोग विभिन्न शुल्कों के नाम पर पैसे वसूलते थे और लोगों को लोन दिलाने का झांसा देते थे।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों के नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
क्या इस तरह के मामलों से बचने के लिए कोई उपाय हैं?
हमें सतर्क रहना चाहिए और किसी भी अनजान व्यक्ति से व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले