फर्जी रजिस्ट्री गिरोह का भंडाफोड़: नोएडा में 3 करोड़ की ठगी, 2 महिला समेत 3 गिरफ्तार

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फर्जी रजिस्ट्री गिरोह का भंडाफोड़: नोएडा में 3 करोड़ की ठगी, 2 महिला समेत 3 गिरफ्तार

सारांश

नोएडा के थाना जारचा पुलिस ने फर्जी रजिस्ट्री से ₹3 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। 2 महिलाओं समेत 3 आरोपी गिरफ्तार, 4 मोबाइल, 4 ATM कार्ड और स्कार्पियो बरामद। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी।

Key Takeaways

  • थाना जारचा पुलिस ने 24 अप्रैल 2025 को फर्जी रजिस्ट्री गिरोह का भंडाफोड़ किया।
  • गिरोह ने ₹3 करोड़ 3 लाख रुपये की ठगी की — 5 मुकदमे दर्ज।
  • गिरफ्तार आरोपी: प्रदीप राणा (गाजियाबाद), खुशबू देवी और ज्योत्सना (बिहार, भोजपुर)
  • बरामदगी: 4 मोबाइल फोन, 4 एटीएम कार्ड और एक स्कार्पियो कार
  • गिरोह फर्जी दस्तावेजों से नकली जमीन रजिस्ट्री कराकर सस्ती जमीन का लालच देता था।
  • पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी रखे हुए है, जल्द और गिरफ्तारियां संभव।

ग्रेटर नोएडा के गौतमबुद्धनगर जिले में थाना जारचा पुलिस ने 24 अप्रैल 2025 को एक शातिर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया, जो फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन की नकली रजिस्ट्री कराकर निर्दोष लोगों से करीब ₹3 करोड़ 3 लाख की ठगी कर चुका था। पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गुप्त सूचना के आधार पर समाना नहर के पास से 2 महिलाओं सहित 3 आरोपियों को दबोचा।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

पुलिस की गिरफ्त में आए तीनों आरोपियों की पहचान प्रदीप राणा, खुशबू देवी और ज्योत्सना के रूप में हुई है। प्रदीप राणा गाजियाबाद के लालकुआं स्थित सहारा होम्स का निवासी है।

खुशबू देवी और ज्योत्सना मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले की रहने वाली हैं। ज्योत्सना फिलहाल गाजियाबाद के प्रताप विहार में रह रही थी। तीनों मिलकर एक सुनियोजित तरीके से ठगी का नेटवर्क चला रहे थे।

कैसे देते थे ठगी को अंजाम?

यह गिरोह फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की नकली रजिस्ट्री करवाता था और भोले-भाले लोगों को सस्ती जमीन दिलाने का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। एक बार शिकार फंस जाने पर रकम ऐंठकर गायब हो जाते थे।

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह ने अब तक ₹3 करोड़ 3 लाख रुपये की ठगी की है और इनके खिलाफ थाना जारचा में कुल 5 मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

बरामद सामग्री और साक्ष्य

आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 4 मोबाइल फोन, 4 एटीएम कार्ड और एक स्कार्पियो कार बरामद की है। ये सभी वस्तुएं गिरोह द्वारा ठगी के काम में इस्तेमाल की जा रही थीं।

मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड की डिजिटल फॉरेंसिक जांच से गिरोह के और सदस्यों तक पहुंचने की उम्मीद है। पुलिस इन उपकरणों से ट्रांजेक्शन हिस्ट्री और संपर्क सूची खंगाल रही है।

व्यापक परिप्रेक्ष्य: NCR में बढ़ते जमीन घोटाले

उल्लेखनीय है कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में फर्जी रजिस्ट्री और जमीन धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। रियल एस्टेट बूम और तेज शहरीकरण के कारण यह क्षेत्र जमीन माफियाओं के लिए उपजाऊ जमीन बन गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के गिरोह अक्सर रजिस्ट्री कार्यालयों में भ्रष्ट कर्मचारियों की मिलीभगत से काम करते हैं। यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि इतनी बड़ी ठगी में क्या कोई सरकारी तंत्र भी शामिल था — जिसकी जांच होना जरूरी है।

पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि जमीन की खरीद-फरोख्त से पहले सभी दस्तावेजों की अधिकृत एजेंसी से जांच अवश्य कराएं

किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं और पीड़ितों की संख्या व ठगी की कुल रकम और बढ़ सकती है।

Point of View

और जब तक सरकार भूमि रजिस्ट्री की रियल-टाइम डिजिटल ऑडिटिंग नहीं करती, पीड़ितों की संख्या बढ़ती रहेगी।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

नोएडा फर्जी रजिस्ट्री गिरोह में किसे गिरफ्तार किया गया?
थाना जारचा पुलिस ने प्रदीप राणा, खुशबू देवी और ज्योत्सना को गिरफ्तार किया। प्रदीप राणा गाजियाबाद का निवासी है जबकि दोनों महिलाएं बिहार के भोजपुर जिले की मूल निवासी हैं।
फर्जी रजिस्ट्री गिरोह ने कितने रुपये की ठगी की?
इस गिरोह ने अब तक ₹3 करोड़ 3 लाख रुपये की ठगी की है। इनके खिलाफ थाना जारचा में कुल 5 मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
यह गिरोह ठगी कैसे करता था?
यह गिरोह फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की नकली रजिस्ट्री कराता था और लोगों को सस्ती जमीन दिलाने का झांसा देकर ठगता था। भोले-भाले लोग सस्ते सौदे के लालच में इनके जाल में फंस जाते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या बरामद किया?
पुलिस ने 4 मोबाइल फोन, 4 एटीएम कार्ड और एक स्कार्पियो कार बरामद की है। ये सभी वस्तुएं गिरोह द्वारा ठगी में इस्तेमाल की जाती थीं।
जमीन खरीदते समय फर्जी रजिस्ट्री से कैसे बचें?
पुलिस ने अपील की है कि जमीन खरीदने से पहले सभी दस्तावेजों की अधिकृत एजेंसी से जांच कराएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।
Nation Press