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बड़ी वारदात: हजारीबाग के बरही में बैंक ऑफ महाराष्ट्र से 4 किलो सोना और 5 लाख नकद लूटे

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बड़ी वारदात: हजारीबाग के बरही में बैंक ऑफ महाराष्ट्र से 4 किलो सोना और 5 लाख नकद लूटे

सारांश

झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही में हथियारबंद पांच बदमाशों ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र से 4 किलो सोना (6-7 करोड़) और 5 लाख नकद लूटे। 20 मिनट में वारदात अंजाम देकर बैंक को बाहर से बंद कर फरार हुए। पुलिस ने विशेष टीम गठित की।

मुख्य बातें

24 अप्रैल 2025 को शाम 4 बजे झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में सशस्त्र लूट हुई।
पांच हथियारबंद अपराधियों ने 4 किलो सोना (मूल्य 6-7 करोड़ रुपये ) और 5 लाख रुपये नकद लूटे।
पूरी वारदात महज 20 मिनट में अंजाम दी गई; अपराधी बेहद योजनाबद्ध तरीके से आए थे।
लूटा गया सोना ग्राहकों का गोल्ड लोन गिरवी सोना था जो स्ट्रॉन्ग रूम में जमा था।
बैंक शाखा मात्र 7-8 महीने पुरानी थी; सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे।
एसपी अमन कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित, सीसीटीवी फुटेज की जांच जारी।

झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही में शुक्रवार, 24 अप्रैल 2025 की शाम हथियारबंद अपराधियों ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा को निशाना बनाकर दिनदहाड़े करोड़ों की लूट को अंजाम दिया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, बदमाश स्ट्रॉन्ग रूम से लगभग 4 किलो सोना (अनुमानित मूल्य 6 से 7 करोड़ रुपये) और कैश काउंटर से 5 लाख रुपये नकद लूटकर मौके से फरार हो गए। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है।

कैसे दिया वारदात को अंजाम?

बैंक के डिप्टी मैनेजर रौशन सिंह के अनुसार, शाम करीब 4 बजे पहले दो युवक करंट अकाउंट खुलवाने का बहाना बनाकर बैंक के अंदर दाखिल हुए। उनके पीछे तीन और साथी भी भीतर घुस आए। जैसे ही पांचों अंदर पहुंचे, उन्होंने हथियार तान लिए और बैंककर्मियों व ग्राहकों को गनपॉइंट पर ले लिया।

अपराधियों ने विरोध करने पर मैनेजर और अन्य स्टाफ सदस्यों के साथ मारपीट भी की। इसके बाद सभी को एक कोने में बंधक बनाकर चाबियां छीनीं और सीधे स्ट्रॉन्ग रूम को खोलकर ग्राहकों के गोल्ड लोन के एवज में जमा 4 किलो सोना अपने बैगों में भर लिया। पूरी वारदात महज 20 मिनट में निपटा दी गई।

बैंक को बाहर से बंद कर भागे अपराधी

लूट के बाद बदमाशों ने एक और चालाकी दिखाई — उन्होंने बैंक परिसर को बाहर से बंद कर दिया ताकि कोई तत्काल उनका पीछा न कर सके। इसके बाद वे आराम से फरार हो गए। किसी तरह बाहर निकलकर बैंककर्मियों ने पुलिस को सूचना दी।

उल्लेखनीय है कि हजारीबाग रोड पर स्थित यह शाखा महज 7 से 8 महीने पहले ही शुरू हुई थी। इतनी नई शाखा में अपराधियों का सीधे स्ट्रॉन्ग रूम तक पहुंच जाना बैंक की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आलोचकों का कहना है कि नई शाखा में पर्याप्त सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी निगरानी की कमी इस वारदात की बड़ी वजह हो सकती है।

पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और जांच

घटना की सूचना मिलते ही हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार और बरही के एसडीपीओ अजीत कुमार विमल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एसपी अमन कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और बैंक तथा आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने बताया कि अपराधियों की पहचान के लिए विशेष जांच टीम का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी गई है। पुलिस अपराधियों के भागने के रास्तों की भी पड़ताल कर रही है।

झारखंड में बैंक लूट का बढ़ता पैटर्न — गहरी चिंता

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब झारखंड में संगठित अपराध और बैंक लूट की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अपराधियों का इस कदर योजनाबद्ध और साहसिक तरीके से बैंक को निशाना बनाना यह दर्शाता है कि या तो उन्हें बैंक की आंतरिक जानकारी थी या फिर स्थानीय खुफिया तंत्र पूरी तरह विफल रहा। गोल्ड लोन के एवज में जमा सोने को निशाना बनाना यह भी संकेत देता है कि अपराधियों को पहले से पता था कि स्ट्रॉन्ग रूम में क्या है।

यह भी विचारणीय है कि बैंक में कोई सशस्त्र सुरक्षाकर्मी क्यों नहीं था, जबकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों के अनुसार बैंकों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य है। बैंक प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन दोनों को इस चूक का जवाब देना होगा।

आने वाले दिनों में पुलिस की जांच और अपराधियों की गिरफ्तारी पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला झारखंड की कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि झारखंड में संगठित अपराध के बढ़ते दुस्साहस का प्रमाण है। सोचने वाली बात यह है कि मात्र 7-8 महीने पुरानी बैंक शाखा में अपराधियों को स्ट्रॉन्ग रूम की सटीक जानकारी कैसे थी — यह इनसाइडर एंगल की जांच मांगता है। रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के बावजूद बैंक में कोई सशस्त्र सुरक्षाकर्मी न होना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। जब तक बैंक सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य नहीं होगा और अपराधियों को त्वरित सजा नहीं मिलेगी, ऐसी वारदातें दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हजारीबाग बैंक लूट में कितना सोना और नकदी लूटी गई?
हजारीबाग के बरही में बैंक ऑफ महाराष्ट्र से अपराधियों ने लगभग 4 किलो सोना (मूल्य 6 से 7 करोड़ रुपये) और 5 लाख रुपये नकद लूटे। यह सोना ग्राहकों द्वारा गोल्ड लोन के एवज में जमा किया गया था।
बरही बैंक लूट की वारदात कैसे अंजाम दी गई?
पांच हथियारबंद बदमाश करंट अकाउंट खुलवाने का बहाना बनाकर बैंक में घुसे और कर्मचारियों को गनपॉइंट पर लेकर स्ट्रॉन्ग रूम लूट लिया। पूरी वारदात महज 20 मिनट में हुई और जाते समय बैंक को बाहर से बंद कर दिया।
झारखंड बैंक लूट में पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
हजारीबाग एसपी अमन कुमार और बरही एसडीपीओ अजीत कुमार विमल मौके पर पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और अपराधियों की पहचान के लिए विशेष जांच टीम गठित की गई है।
क्या बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बरही शाखा नई थी?
हां, हजारीबाग रोड पर स्थित यह शाखा लूट की घटना से महज 7 से 8 महीने पहले ही खुली थी। इतनी नई शाखा में सुरक्षा की कमी को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
बैंक लूट में किसे नुकसान हुआ और क्या सोना वापस मिलेगा?
लूटा गया सोना उन ग्राहकों का था जिन्होंने गोल्ड लोन के लिए बैंक में अपना सोना जमा किया था। पुलिस जांच जारी है और अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद ही संपत्ति वापसी की संभावना होगी।
राष्ट्र प्रेस
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