क्या यूपी में जीरो टॉलरेंस की नीति को बनाए रखा जाएगा? ओवररेटिंग मामले में गौतमबुद्धनगर के जिला आबकारी अधिकारी निलंबित
सारांश
Key Takeaways
- उत्तर प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति को अपनाया है।
- मदिरा दुकानों पर ओवररेटिंग की शिकायतों का गंभीरता से लिया गया।
- जिला आबकारी अधिकारी को निलंबित किया गया है।
- सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दे रही है।
- भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई होगी।
लखनऊ, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाते हुए निर्णायक कार्रवाई की है। मदिरा दुकानों पर ओवररेटिंग की निरंतर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल के निर्देश पर गौतमबुद्धनगर के जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
जांच में व्यापक अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही की पुष्टि होने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया। उत्तर प्रदेश सरकार ने मदिरा दुकानों पर निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूली के मामलों में कड़ा संदेश देते हुए बड़ी कार्रवाई की है।
आबकारी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल के निर्देश पर जनपद गौतमबुद्धनगर में तैनात जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के आदेश जारी किए गए हैं। आबकारी मंत्री ने स्पष्ट किया कि योगी सरकार में आमजन के हितों से खिलवाड़ किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मदिरा बिक्री में ओवररेटिंग, अनियमितता या भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के विरुद्ध बिना भेदभाव कठोर कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि पारदर्शी, जवाबदेह और अनुशासित व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जाएगी। गौतमबुद्धनगर में मदिरा दुकानों पर ओवररेटिंग की निरंतर मिल रही शिकायतों के दृष्टिगत तत्कालीन उप आबकारी आयुक्त, मेरठ प्रभार राकेश कुमार सिंह द्वारा विस्तृत जांच एवं निरीक्षण कराया गया।
जांच के दौरान 23 दिसंबर 2024 को नौ दुकानों तथा 20 जनवरी 2025 को सोलह दुकानों पर निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूले जाने की पुष्टि हुई। जांच एवं निरीक्षण रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से प्रशासनिक स्तर पर गंभीर लापरवाही उजागर होने के बाद आबकारी मंत्री ने तत्काल निर्णय लेते हुए निलंबन की कार्रवाई की। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों और दुकानदारों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार कठोर कदम उठाए जाते रहेंगे, ताकि जनविश्वास बना रहे।