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क्या रिश्वत वीडियो वायरल होने पर यूपी पुलिस ने 11 कर्मियों को निलंबित किया?

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क्या रिश्वत वीडियो वायरल होने पर यूपी पुलिस ने 11 कर्मियों को निलंबित किया?

सारांश

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक रिश्वत वीडियो के मद्देनजर, यूपी पुलिस ने 11 कर्मियों को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है, जो पुलिस विभाग की छवि को बनाए रखने में मदद करेगी।

मुख्य बातें

यूपी पुलिस ने 11 कर्मियों को निलंबित किया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू है।
डीजीपी ने सभी अधिकारियों को ईमानदारी से कार्य करने का निर्देश दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने कार्रवाई को प्रेरित किया।
पुलिस विभाग की छवि को बनाए रखने की आवश्यकता है।

लखनऊ, 22 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। सोशल मीडिया पर एक रिश्वत लेते हुए वीडियो के वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 कर्मियों को निलंबित कर दिया है। इस घटनाक्रम को विभाग ने अत्यंत गंभीरता से लिया है और सख्त कदम उठाए हैं।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्णा ने भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत, चित्रकूट, बांदा और कौशाम्बी जनपदों के कुल 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। निलंबित कर्मियों में चित्रकूट जनपद के प्रभारी निरीक्षक भरतकूप, थानाध्यक्ष पहाड़ी, थानाध्यक्ष राजापुर सहित 6 पुलिसकर्मी शामिल हैं। इनमें एक निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक, एक महिला उपनिरीक्षक और तीन आरक्षी शामिल हैं। बांदा में थानाध्यक्ष बदौसा (उपनिरीक्षक) और एक आरक्षी को निलंबित किया गया है। कौशाम्बी में थानाध्यक्ष महेवाघाट (उपनिरीक्षक) और एक आरक्षी पर कार्रवाई की गई है।

डीजीपी ने प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और जनता की सेवा में पूर्ण ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ कार्य करें। कार्रवाई के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की तुरंत जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि पुलिस विभाग की छवि पर कोई आंच न आए।

पुलिस मुख्यालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि आम जनता के सहयोग से पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी और भ्रष्टाचार के मामलों की रोकथाम सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आने के बाद त्वरित कार्रवाई करना जनता के विश्वास को मजबूत करता है। इससे यह संदेश जाता है कि पुलिस विभाग भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के मामलों में सख्त रवैया अपनाता है।

गौरतलब है कि सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बुधवार सुबह अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो अपलोड कर सरकार पर हमला किया था। वायरल वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी रिश्वत लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई उसी पोस्ट के आधार पर की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे जनता का विश्वास बना रहे। समय की मांग है कि सभी स्तरों पर अनुशासन और ईमानदारी को प्राथमिकता दी जाए।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कितने पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है?
11 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
निलंबित पुलिसकर्मियों में कौन-कौन शामिल हैं?
चित्रकूट, बांदा और कौशाम्बी जनपदों के पुलिसकर्मी शामिल हैं।
डीजीपी ने क्या निर्देश दिए हैं?
डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने और जनता की सेवा में ईमानदारी से कार्य करने का निर्देश दिया है।
इस कार्रवाई का उद्देश्य क्या है?
इस कार्रवाई का उद्देश्य भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को लागू करना और पुलिस विभाग की छवि को बनाए रखना है।
क्या इस कार्रवाई का जनता पर कोई असर पड़ेगा?
हां, यह कार्रवाई जनता के विश्वास को मजबूत करने में मदद करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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