क्या वडकारा के डिप्टी एसपी को यौन शोषण के मामले में निलंबित किया गया?

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क्या वडकारा के डिप्टी एसपी को यौन शोषण के मामले में निलंबित किया गया?

सारांश

केरल में एक गंभीर यौन शोषण मामले में वडकारा के डिप्टी एसपी को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में पलक्कड़ पुलिस के एक इंस्पेक्टर ने अपने सुसाइड नोट में गंभीर आरोप लगाए हैं। जानिए पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • यौन शोषण के गंभीर आरोपों के तहत डिप्टी एसपी का निलंबन।
  • बीनू थॉमस ने अपने सुसाइड नोट में उमेश पर आरोप लगाए।
  • महिला के बयान की पुष्टि, जांच जारी।

तिरुवनंतपुरम, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केरल में एक यौन शोषण के मामले में गृह विभाग ने रविवार को वडकारा के डिप्टी एसपी उमेश को निलंबित कर दिया। पलक्कड़ के चेरपुलस्सेरी पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंस्पेक्टर बीनू थॉमस (52) ने 32 पन्नों के सुसाइड नोट में महिला के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया है।

राज्य पुलिस प्रमुख रवादा ए. चंद्रशेखर द्वारा गृह विभाग को एक विशेष रिपोर्ट सौंपे जाने के एक दिन बाद सरकार ने यह कार्रवाई की। इस रिपोर्ट में उमेश की अनैतिक, अवैध और अनुशासनहीन गतिविधियों का उल्लेख किया गया था। गृह विभाग ने रिपोर्ट के आधार पर डिप्टी एसपी को तुरंत निलंबित कर दिया।

वास्तव में, 24 अप्रैल, 2014 को वडक्कनचेरी पुलिस स्टेशन के पूर्व सब-इंस्पेक्टर और एसएचओ बीनू ने एक छापेमारी की थी। इस दौरान एक महिला और चार पुरुषों को तस्करी के आरोप में हिरासत में लिया गया। उस समय सर्किल इंस्पेक्टर रहे उमेश ने आरोपियों से रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है और यह सुनिश्चित किया कि कोई मामला दर्ज न किया जाए। उस रात उमेश और बीनू महिला के घर गए, जहां उसे कथित तौर पर धमकाया गया और उसका यौन शोषण किया गया।

बीनू ने अपने सुसाइड नोट में उमेश को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया। उसने बताया कि उमेश ने उस रात और दो दिन बाद फिर से महिला का यौन उत्पीड़न किया। बीनू ने स्वीकार किया कि बाद में फोन पर लंबी बातचीत के बाद वह महिला के साथ रिश्ते में आ गया था।

महिला का बयान दर्ज करने वाले पलक्कड़ जिला पुलिस प्रमुख अजीत कुमार ने कहा कि पुलिस मुख्यालय को एक सख्त रिपोर्ट भेज दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, दक्षिणी जिले में रहने वाली महिला ने सुसाइड नोट में लिखी घटनाओं की पुष्टि की और संकेत दिया कि उमेश का कथित दुर्व्यवहार बीनू द्वारा लिखे गए बयान से कहीं अधिक था।

15 नवंबर को बीनू को पुलिस क्वार्टर में मृत पाया गया। उनकी मौत का कारण व्यक्तिगत समस्याएं बताई गई थीं। हालांकि पुलिस ने जांच के दौरान उनका सुसाइड नोट और फोन बरामद कर लिए थे। सुसाइड नोट के तीन पन्ने मीडिया में लीक होने के बाद ही जांच में तेजी आई।

सूत्रों के अनुसार, उमेश ने महिला के साथ बीनू की बढ़ती भावनात्मक नजदीकियों का विरोध किया था और यहां तक कि बीनू की पत्नी को भी इसकी जानकारी दी थी, जिससे अधिकारी की परेशानी और बढ़ गई थी।

सुसाइड नोट लीक होने के बाद उमेश के खिलाफ प्रारंभिक अनुशासनात्मक जांच शुरू कर दी गई। अजीत कुमार ने कहा कि निलंबित डीएसपी से अब मौखिक पूछताछ की जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

उमेश के खिलाफ अभी तक यौन उत्पीड़न या आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिया है कि सरकार निलंबित डीएसपी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने के लिए जल्द ही मंजूरी दे सकती है।

Point of View

ताकि सही तथ्यों का पता लगाया जा सके और दोषियों को सजा दी जा सके। यह मामला न केवल महिला की गरिमा का सवाल है, बल्कि पुलिस प्रशासन की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाता है।
NationPress
30/11/2025

Frequently Asked Questions

क्या उमेश के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज किया गया है?
अभी तक उमेश के खिलाफ यौन उत्पीड़न या आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है।
बीनू का सुसाइड नोट क्या कहता है?
बीनू के सुसाइड नोट में उसने उमेश को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया है और यौन उत्पीड़न के कई आरोप लगाए हैं।
क्या सरकार ने इस मामले में कोई कार्रवाई की है?
हां, गृह विभाग ने उमेश को निलंबित कर दिया है और जांच शुरू हो गई है।
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