असम में अतिक्रमण विरोधी बुलडोजर अभियान तेज, सीएम हिमंता ने एक्स पर शेयर की झलकियाँ
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 17 मई 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बुलडोजर अभियान की तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए पुष्टि की कि राज्य में अतिक्रमण की गई जमीन को वापस हासिल करने का काम जमीनी स्तर पर जारी है। एनडीए 3.0 सरकार ने 1,250 वर्ग किलोमीटर से अधिक अतिक्रमित भूमि को पुनः प्राप्त करने का संकल्प लिया है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि एनडीए 3.0 असम में अतिक्रमण की गई 1,250 वर्ग किलोमीटर से अधिक जमीन को वापस हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है और यह काम पहले से ही जमीन पर चल रहा है। उन्होंने पिछले दिन के अभियान की झलकियाँ भी वीडियो के रूप में साझा कीं।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार अपने चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को क्रियान्वित करने की दिशा में तेज़ी से कदम उठा रही है। गौरतलब है कि अतिक्रमण मुक्ति असम की राजनीति में एक संवेदनशील और केंद्रीय मुद्दा रहा है।
सरकार की प्राथमिकताएँ
13 मई को पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट किया था कि सरकार का मुख्य ध्यान असम की पहचान की रक्षा करने के साथ-साथ पूरे राज्य में तेज़ी से विकास सुनिश्चित करने पर रहेगा। उन्होंने कहा था, 'हमारी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि असम के लोग राज्य की सीमाओं के भीतर सुरक्षित रहें और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचे।'
सरमा ने यह भी कहा था कि जब बात असम की सुरक्षा की आएगी, तो उससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि चुनावों से पहले जो रुख अपनाया गया था, वह बिल्कुल नहीं बदलेगा।
कार्रवाई का संदेश
मुख्यमंत्री ने सरकार की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि 'भाषण देने और चुनाव प्रचार करने का समय अब बीत चुका है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार सिर्फ बातें करने में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस नतीजे देने में विश्वास रखती है और आने वाले दिनों में काम खुद अपनी कहानी बयाँ करेगा।
आम जनता पर असर
अतिक्रमण विरोधी इस अभियान का सीधा असर उन लोगों पर पड़ रहा है जो सरकारी और वन भूमि पर अवैध रूप से बसे हुए हैं। राज्य सरकार का कहना है कि पुनः प्राप्त की गई भूमि का उपयोग सार्वजनिक हित में किया जाएगा। विपक्षी दलों ने कथित तौर पर इस अभियान की मानवीय पहलुओं पर चिंता जताई है, हालाँकि सरकार ने अपने रुख को अटल बताया है।
क्या होगा आगे
मुख्यमंत्री सरमा के बयानों से संकेत मिलता है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और इसकी गति और तेज़ होगी। सरकार ने घोषणापत्र के वादों को जमीनी स्तर पर लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई है, जिससे आने वाले हफ्तों में और बड़े अभियानों की संभावना बनती है।