असम के मुख्यमंत्री का दावा: 'हमने 1.5 लाख हेक्टेयर भूमि खाली कराई'

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असम के मुख्यमंत्री का दावा: 'हमने 1.5 लाख हेक्टेयर भूमि खाली कराई'

सारांश

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा की संभावित जीत पर जोर दिया और कहा कि उनकी सरकार अतिक्रमण हटाने के अभियान को और तेज करेगी। 1.5 लाख हेक्टेयर भूमि पहले ही खाली कराई जा चुकी है।

Key Takeaways

  • मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अतिक्रमण हटाने के अभियान को तेज करने का आश्वासन दिया है।
  • भाजपा का लक्ष्य 5 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करना है।
  • सरकार ने 1.5 लाख हेक्टेयर भूमि को पहले ही खाली कराया है।
  • इस अभियान ने राजनीतिक विवादों को जन्म दिया है।
  • मुख्यमंत्री ने असम के लोगों के भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए उपायों की आवश्यकता पर जोर दिया है।

गुवाहाटी, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने हाल ही में कहा कि यदि भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों में सत्ता में वापस आती है, तो उनकी सरकार अतिक्रमण हटाने का अभियान और भी तेज करेगी और 5 लाख हेक्टेयर तक की अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराने का प्रयास करेगी।

मंगलदोई में भाजपा की उम्मीदवार नीलिमा देवी के लिए चुनाव प्रचार करते हुए सरमा ने विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बदरुद्दीन अजमल और गौरव गोगोई असम की जनता के सामने टिक नहीं सकते।

मुख्यमंत्री ने अतिक्रमण के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए भविष्य में और भी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि हमने अब तक लगभग 1.5 लाख हेक्टेयर अतिक्रमित भूमि को खाली करा लिया है। यदि हम फिर से सरकार बनाते हैं, तो हम 5 लाख हेक्टेयर भूमि को मुक्त कराएंगे। जो लोग अवैध रूप से भूमि पर कब्जा करने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सरमा ने यह भी कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में राज्य भर में सरकारी भूमि, वन क्षेत्रों और संरक्षित क्षेत्रों पर अतिक्रमण को समाप्त करने के लिए कई अभियान चलाए हैं।

विशेष रूप से, दरांग, नागांव और ऊपरी असम के कुछ हिस्सों में चलाए गए निरसन अभियानों को आदिवासी समुदायों के लिए भूमि पुनः प्राप्त करने और विकास के प्रयासों के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बार-बार यह बताया कि असम के लोगों के भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए ऐसे उपाय जरूरी हैं।

हालांकि, इन अभियानों ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है, और विपक्षी दलों ने सरकार की आलोचना की है, जो कि मानवाधिकारों और परिवारों के विस्थापन से संबंधित चिंताओं पर आधारित है।

भाजपा के दृष्टिकोण को दोहराते हुए, सरमा ने कहा कि सरकार की कार्रवाई राज्य के हितों और पहचान की रक्षा के लिए की गई है।

Point of View

जो आगामी चुनावों में भाजपा की संभावनाओं और अतिक्रमण के मुद्दे पर उनके सख्त रुख को दर्शाता है। यह स्थिति राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, खासकर जब विपक्षी दलों ने सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं।
NationPress
27/03/2026

Frequently Asked Questions

अतिक्रमण हटाने का अभियान कब शुरू हुआ?
अतिक्रमण हटाने का अभियान पिछले कुछ वर्षों से चल रहा है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी भूमि को मुक्त किया गया है।
सरकार ने कितनी भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया है?
सरकार ने लगभग 1.5 लाख हेक्टेयर अतिक्रमित भूमि को पहले ही खाली करा लिया है।
भाजपा का अगला लक्ष्य क्या है?
भाजपा का अगला लक्ष्य 5 लाख हेक्टेयर तक की अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराना है।
क्या इस अभियान का राजनीतिक विवाद हुआ है?
हाँ, विपक्षी दलों ने इस अभियान को लेकर मानवाधिकारों की चिंताओं के कारण सरकार की आलोचना की है।
मुख्यमंत्री का क्या कहना है?
मुख्यमंत्री ने कहा है कि उनकी सरकार की कार्रवाई असम के हितों और पहचान की रक्षा के लिए आवश्यक है।
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