गौतम अदाणी ने मस्तीचक में रखी ₹150 करोड़ की नेत्र चिकित्सा परियोजना की नींव, देशभर के लिए ₹500 करोड़ की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने 18 मई 2025 को बिहार के मस्तीचक में ₹150 करोड़ की नेत्र स्वास्थ्य परियोजना का भूमि पूजन किया, जिसके तहत ग्रामीण और वंचित समुदायों को सस्ती दरों पर आँखों का इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने देशभर में नेत्र चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए ₹500 करोड़ की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता भी जताई। कुल मिलाकर इन सभी पहलों पर ₹700 करोड़ से अधिक का निवेश होगा।
मस्तीचक में क्या बनेगा
अदाणी ग्रुप की सीएसआर इकाई अदाणी फाउंडेशन, अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के साथ साझेदारी में ₹150 करोड़ के सहयोग से मस्तीचक में दो प्रमुख संस्थाएँ स्थापित करेगी — अदाणी सेंटर फॉर आई (ACE) और अदाणी ट्रेनिंग इन ऑप्थैल्मिक मेडिसिन (ATOM)। ACE एक अस्पताल होगा जहाँ आसपास के क्षेत्रों से आए मरीजों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा मिलेगी, जबकि ATOM में नेत्र चिकित्सकों, सहायक कर्मचारियों और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस परियोजना के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 3.3 लाख नेत्र शल्य-चिकित्साएँ सम्पन्न करने और 1,000 स्वास्थ्य पेशेवरों को वार्षिक प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में 10 एम्बुलेंस को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो बिहार और आसपास के दूरदराज गाँवों तक नेत्र चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाएंगी।
राष्ट्रव्यापी विस्तार की योजना
गौतम अदाणी ने अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल की सेवाओं को देशभर के वंचित समुदायों तक पहुँचाने के लिए ₹500 करोड़ की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता जताई। इस उद्देश्य के लिए 'अदाणी अखंड ज्योति फाउंडेशन' बिहार के बाहर दूरदराज के क्षेत्रों में सस्ती नेत्र चिकित्सा सुविधाएँ पहुँचाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह परियोजना अपने लक्ष्यों को प्राप्त करती है, तो यह दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण नेत्र चिकित्सा नेटवर्क में से एक बन सकती है।
इसके अतिरिक्त, अदाणी फाउंडेशन और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल ने मिलकर बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती में 200 बिस्तरों वाला अस्पताल स्थापित करने की घोषणा भी की है, जो राज्य के बड़े हिस्से तक सस्ती स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाएगा।
अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल की पृष्ठभूमि
अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल की शुरुआत 2005 में बिहार के ग्रामीण इलाके में 30 बिस्तरों वाले एक छोटे अस्पताल के रूप में हुई थी। आज यह देश के प्रमुख नेत्र चिकित्सा संस्थानों में शुमार है और अब तक 14 लाख से अधिक लोगों की दृष्टि बहाल कर चुका है। यह पहल भारत सरकार के राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टि बाधा नियंत्रण कार्यक्रम के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसकी शुरुआत 1976 में हुई थी।
अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मृत्युंजय तिवारी ने कहा, 'यह साझेदारी केवल भवनों और संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के अंतिम पंक्ति में खड़े वंचित एवं उपेक्षित लोगों के जीवन में दृष्टि, सम्मान, अवसर और आशा का संचार करने का एक साझा संकल्प है।'
बिहार में अदाणी समूह का व्यापक निवेश
यह नेत्र चिकित्सा पहल बिहार के प्रति अदाणी समूह की बढ़ती प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जहाँ समूह की कुल निवेश प्रतिबद्धता लगभग ₹40,000 करोड़ तक पहुँच चुकी है। इनमें पीरपैंती में ₹27,000 करोड़ की लागत से स्थापित होने वाला 2,400 मेगावाट का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट शामिल है, जो बिहार में निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेश है। इसके अलावा अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड उत्तरी बिहार में लगभग 30 लाख स्मार्ट मीटर लगा रही है, और नवादा व मुजफ्फरपुर जिलों में 6-6 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता की दो सीमेंट ग्राइंडिंग इकाइयों पर लगभग ₹3,000 करोड़ का संयुक्त निवेश किया जा रहा है।
अदाणी फाउंडेशन का विजन केयर कार्यक्रम
अदाणी फाउंडेशन अगस्त 2026 में अपने 30 वर्ष पूरे करेगा। 2024 में शुरू हुए विजन केयर प्रोग्राम के तहत अब तक लगभग 1.93 लाख लोगों की आँखों की जाँच की जा चुकी है और करीब 59,000 लोगों को मुफ्त चश्मे उपलब्ध कराए गए हैं। यह कार्य 11 राज्यों में ग्रामीण क्षेत्रों, स्कूलों और रेफरल सपोर्ट के माध्यम से किया गया है। गौरतलब है कि 2022 में अपने 60वें जन्मदिन पर गौतम अदाणी ने स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास के लिए ₹60,000 करोड़ देने की घोषणा की थी, और उसके बाद अपने सबसे छोटे बेटे जीत अदाणी के विवाह के अवसर पर ₹10,000 करोड़ की अतिरिक्त प्रतिबद्धता की थी। मस्तीचक की यह पहल उसी दीर्घकालिक सामाजिक निवेश की कड़ी है।