'वंदे भारतम्' को मिलीं 26,000 एंट्री: गौतम अदाणी की पहल के पहले ग्रुप का चयन पूरा
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी द्वारा शुरू की गई जमीनी इनोवेशन और उद्यमिता पहल 'वंदे भारतम्' को देशभर से मिलीं 26,000 एंट्री में से पहले ग्रुप का चयन कर लिया गया है। 11 अगस्त को अहमदाबाद से आई इस जानकारी के अनुसार, यह पहल भारत के हर राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश तक पहुँची और इनोवेटर्स की व्यापक भागीदारी दर्ज की गई।
पहले ग्रुप में किसे मिला स्थान
चुने गए पहले ग्रुप में देश के अलग-अलग इलाकों, क्षेत्रों और पृष्ठभूमि के इनोवेटर्स शामिल हैं। इनके आइडियाज में मोबिलिटी, सस्टेनेबिलिटी, टेक्नोलॉजी, कृषि, रक्षा, स्वास्थ्य सेवा, मैन्युफैक्चरिंग और शिक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन इनोवेटर्स का साझा लक्ष्य देश की समस्याओं का समाधान खोजना और राष्ट्रीय विकास में योगदान देने वाले उद्यम खड़े करना है।
मूल्यांकन प्रक्रिया और 'इमर्सिव वीक'
पहले ग्रुप के सदस्यों का चयन कई चरणों वाली मूल्यांकन प्रक्रिया के ज़रिये किया गया है। अब ये सदस्य 'वंदे भारतम इमर्सिव वीक' में भाग लेंगे, जिसमें मेंटरशिप सत्र, बिजनेस लीडर्स, उद्यमियों और विशेषज्ञों के साथ सीधी बातचीत तथा मूल्यांकन के अतिरिक्त दौर शामिल होंगे। यह कार्यक्रम 14 अगस्त को 'वंदे भारतम ग्रैंड फिनाले' के साथ समाप्त होगा, जहाँ श्रेष्ठ इनोवेटर्स को 'वंदे भारतम् ट्रॉफी' से सम्मानित किया जाएगा।
गौतम अदाणी का संदेश
पहले ग्रुप की शुरुआत के अवसर पर गौतम अदाणी ने कहा, 'जब मैं इन इनोवेटर्स को देखता हूँ, तो मुझे आने वाले कल के भारत की संभावनाएँ दिखाई देती हैं। टैलेंट की कोई शहर की सीमा नहीं होती और मौकों की भी कोई सीमा नहीं होनी चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा, 'मुझे उम्मीद है कि आने वाले सालों में जब हम इस पहले ग्रुप को याद करेंगे, तो इनमें ऐसे फाउंडर्स और इनोवेटर्स को देखेंगे जिन्होंने ऐसी कंपनियाँ बनाईं और भारत को बदल दिया। यह उनका शुरुआती अध्याय है और यह 'वंदे भारतम्' का भी पहला अध्याय है।'
पहल का दीर्घकालिक उद्देश्य
'वंदे भारतम्' को महज एक प्रतियोगिता के रूप में नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है। इसका दीर्घकालिक लक्ष्य नए आइडियाज को तेज़ी से पहचानना और भारत के पारंपरिक उद्यमिता केंद्रों से दूर रहने वाले इनोवेटर्स को उन लोगों और संस्थानों से जोड़ना है जो उनकी यात्रा को गति दे सकें। यह पहल गौतम अदाणी के इस विश्वास पर आधारित है कि जिस देश ने उन्हें अवसर दिए, उसे कुछ वापस लौटाया जाए और दूसरों के लिए भी वैसे ही रास्ते बनाए जाएँ।
आगे क्या होगा
'वंदे भारतम इमर्सिव वीक' के बाद 14 अगस्त को होने वाले ग्रैंड फिनाले में चुने गए श्रेष्ठ इनोवेटर्स को मेंटर्स, इंडस्ट्री लीडर्स और निवेशकों से जुड़ने के अवसर मिलेंगे। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि इस पहल के ज़रिये कितने आइडियाज वास्तविक उद्यमों में तब्दील हो पाते हैं।