15 अगस्त 2026
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राजीव खंडेलवाल बने अदाणी ग्रुप के 'वंदे भारतम' के होस्ट, 26,000 से ज़्यादा आवेदनों से चुने जाएंगे इनोवेटर्स

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राजीव खंडेलवाल बने अदाणी ग्रुप के 'वंदे भारतम' के होस्ट, 26,000 से ज़्यादा आवेदनों से चुने जाएंगे इनोवेटर्स

सारांश

मनोरंजन जगत से राष्ट्र-निर्माण की ओर — राजीव खंडेलवाल अब अदाणी ग्रुप के 'वंदे भारतम' के चेहरे हैं। 26,000 से अधिक आवेदनों ने साबित किया कि देश के हर कोने में उद्यमशीलता की भूख है। गौतम अदाणी का विज़न: हर शहर में एक अदाणी।

मुख्य बातें

राजीव खंडेलवाल को अदाणी ग्रुप के 'वंदे भारतम' कार्यक्रम का ब्रांड एंबेसडर और होस्ट नियुक्त किया गया है।
कार्यक्रम का लक्ष्य देशभर से इनोवेटर्स, उद्यमियों और समस्या-समाधानकर्ताओं की पहचान कर उन्हें मेंटरशिप और फंडिंग तक पहुँच दिलाना है।
शुरुआती उम्मीद 15,000 आवेदनों की थी, लेकिन 26,000 से अधिक एप्लीकेशन प्राप्त हुईं; शॉर्टलिस्टेड प्रतिभागियों को अहमदाबाद में बूट कैंप के लिए बुलाया गया।
अदाणी ग्रुप की नीति स्पष्ट — किसी प्रतिभागी के व्यवसाय में हिस्सेदारी या पार्टनरशिप नहीं; मूल्यांकनकर्ता 'मेंटर' की भूमिका में।
चयन से बाहर रहे प्रतिभागियों को भी 'वंदे भारतम' के डेटाबेस से जोड़ा गया, ताकि भविष्य में अवसर मिल सकें।

अभिनेता राजीव खंडेलवाल को अदाणी ग्रुप के महत्वाकांक्षी उद्यमिता कार्यक्रम 'वंदे भारतम' का ब्रांड एंबेसडर और होस्ट नियुक्त किया गया है। 14 अगस्त 2026 को अहमदाबाद में पत्रकारों से बातचीत में खंडेलवाल ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश के हर कोने — बड़े महानगरों से लेकर दूरदराज के गाँवों तक — से प्रतिभाशाली उद्यमियों, इनोवेटर्स और समस्या-समाधानकर्ताओं को खोजना और उन्हें आगे बढ़ाना है। कार्यक्रम को मिली अभूतपूर्व प्रतिक्रिया — 26,000 से अधिक आवेदन — इसकी व्यापक पहुँच का प्रमाण है।

मुख्य घटनाक्रम

खंडेलवाल ने कहा, 'मेक इन इंडिया' उनके लिए तब तक महज़ एक अभियान था, जब तक वे इस प्लेटफॉर्म से नहीं जुड़े। उन्होंने कहा, 'आज यह एक ऐसी हकीकत बन गई है, जिसे हम हासिल कर सकते हैं — आत्मनिर्भर भारत सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि असल में बन रहा है।' यह बयान स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आया, जो इसे और भी प्रतीकात्मक बनाता है।

कार्यक्रम की शुरुआत एक वेबसाइट के माध्यम से हुई, जहाँ प्रतिभागी अपने विचार और व्यावसायिक आइडिया सबमिट कर सकते थे। आयोजकों को शुरू में 15,000 आवेदनों की उम्मीद थी, लेकिन 26,000 से अधिक एप्लीकेशन प्राप्त हुए। शॉर्टलिस्ट किए गए प्रतिभागियों को अहमदाबाद में एक बूट कैंप के लिए आमंत्रित किया गया, जहाँ उन्होंने अपने आइडिया पेश किए।

कार्यक्रम का ढाँचा और दर्शन

खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि 'वंदे भारतम' का स्वरूप पारंपरिक निवेश-आधारित शो से बिल्कुल अलग है। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन पैनल में शामिल लोग 'जज' या 'इन्वेस्टर' नहीं, बल्कि 'मेंटर' थे। अदाणी ग्रुप की नीति स्पष्ट थी — किसी भी प्रतिभागी के व्यवसाय में हिस्सेदारी नहीं ली जाएगी और न ही कोई पार्टनरशिप की जाएगी। लक्ष्य केवल प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाना और उन्हें सही दिशा दिखाना था।

एक स्कोरिंग प्रणाली के ज़रिए प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया। जो लोग अंतिम चयन में नहीं आ सके, उन्हें भी 'वंदे भारतम' के डेटाबेस से जोड़ा गया, ताकि भविष्य में उन्हें अवसर मिल सकें।

गौतम अदाणी की सोच

खंडेलवाल ने गौतम अदाणी के विज़न को साझा करते हुए बताया कि अदाणी अक्सर कहते हैं कि भारत में इतनी क्षमता है कि हर शहर में एक गौतम अदाणी होना चाहिए। इसी सोच से प्रेरित होकर 'वंदे भारतम' कार्यक्रम की नींव रखी गई। यह कार्यक्रम जमीनी स्तर के टैलेंट को पहचान, मेंटरशिप और फंडिंग तक पहुँच दिलाने का प्रयास करता है।

राजीव खंडेलवाल के करियर में नया अध्याय

यह भूमिका खंडेलवाल के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है — मनोरंजन की दुनिया से राष्ट्र-निर्माण और उद्यमिता के क्षेत्र में कदम। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म लोगों को उन दरवाज़ों तक पहुँचाता है, जिन्हें वे कभी अपने लिए खुलते नहीं देख पाते थे। यह कार्यक्रम अपनी तरह का पहला प्रयास है, जो सेलिब्रिटी की पहुँच को सामाजिक उद्देश्य से जोड़ता है।

गौरतलब है कि 'वंदे भारतम' ऐसे समय में आया है जब भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम तेज़ी से विस्तार पा रहा है और सरकार भी उद्यमिता को बढ़ावा देने की नीतियाँ लागू कर रही है। आने वाले महीनों में चुने गए प्रतिभागियों को मेंटरशिप और संसाधनों तक पहुँच मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 26,000 आवेदनों में से जो चुने नहीं गए, उनके लिए 'डेटाबेस में नाम जोड़ना' कितना ठोस अवसर साबित होगा। अदाणी ग्रुप का यह कहना कि वे किसी के व्यवसाय में हिस्सेदारी नहीं लेंगे, पारदर्शिता की दृष्टि से सराहनीय है — लेकिन बिना निवेश के मेंटरशिप कितनी दूर तक जाएगी, यह देखना बाकी है। भारत में ऐसे कई कार्यक्रम आए हैं जो शुरुआती उत्साह के बाद धीमे पड़ गए; 'वंदे भारतम' की दीर्घकालिक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि चुने गए प्रतिभागियों को वास्तविक संसाधन और बाज़ार तक पहुँच मिलती है या नहीं।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी ग्रुप का 'वंदे भारतम' कार्यक्रम क्या है?
'वंदे भारतम' अदाणी ग्रुप का एक उद्यमिता-केंद्रित कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य देशभर से प्रतिभाशाली इनोवेटर्स और उद्यमियों की पहचान कर उन्हें मेंटरशिप, प्रशिक्षण और फंडिंग तक पहुँच दिलाना है। यह कार्यक्रम एक वेबसाइट के ज़रिए आवेदन आमंत्रित करता है और शॉर्टलिस्टेड प्रतिभागियों को बूट कैंप में प्रशिक्षित करता है।
राजीव खंडेलवाल 'वंदे भारतम' से कैसे जुड़े हैं?
राजीव खंडेलवाल को अदाणी ग्रुप के 'वंदे भारतम' कार्यक्रम का ब्रांड एंबेसडर और होस्ट नियुक्त किया गया है। 14 अगस्त 2026 को अहमदाबाद में उन्होंने इस भूमिका की पुष्टि की और कार्यक्रम के उद्देश्यों को साझा किया।
'वंदे भारतम' में कितने लोगों ने आवेदन किया?
कार्यक्रम को शुरुआत में 15,000 आवेदनों की उम्मीद थी, लेकिन 26,000 से अधिक एप्लीकेशन प्राप्त हुईं। शॉर्टलिस्टेड प्रतिभागियों को अहमदाबाद में बूट कैंप के लिए आमंत्रित किया गया, जहाँ उन्होंने अपने आइडिया मेंटरों के सामने पेश किए।
क्या अदाणी ग्रुप 'वंदे भारतम' प्रतिभागियों के व्यवसाय में निवेश करेगा?
नहीं। अदाणी ग्रुप की स्पष्ट नीति है कि वे किसी भी प्रतिभागी के व्यवसाय में हिस्सेदारी या पार्टनरशिप नहीं करेंगे। कार्यक्रम का मकसद केवल मेंटरशिप, प्रशिक्षण और अवसरों तक पहुँच दिलाना है, न कि व्यावसायिक साझेदारी।
जो प्रतिभागी 'वंदे भारतम' में चयनित नहीं हुए, उनका क्या होगा?
जो प्रतिभागी अंतिम चयन में नहीं आ सके, उनके नाम 'वंदे भारतम' के डेटाबेस में जोड़े गए हैं। इससे उन्हें भविष्य में उभरते अवसरों और नेटवर्क से जुड़ने का मौका मिल सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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