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गौतम अदाणी का AGM में ऐलान: इन्फ्रास्ट्रक्चर और AI मिलकर बनाएंगे भारत को वैश्विक महाशक्ति

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गौतम अदाणी का AGM में ऐलान: इन्फ्रास्ट्रक्चर और AI मिलकर बनाएंगे भारत को वैश्विक महाशक्ति

सारांश

अदाणी ग्रुप की 34वीं AGM में गौतम अदाणी ने स्पष्ट किया — इन्फ्रास्ट्रक्चर और AI अलग नहीं, एक-दूसरे के पूरक हैं। FY26 में ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश के साथ, ग्रुप ने देश के निजी पूंजीगत व्यय का 30% से अधिक हिस्सा अकेले वहन किया — और यही भारत की वैश्विक महत्वाकांक्षा की असली नींव बताई।

मुख्य बातें

गौतम अदाणी ने 24 जून 2026 को अहमदाबाद में अदाणी ग्रुप की 34वीं AGM में शेयरहोल्डर्स को संबोधित किया।
उन्होंने इन्फ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भारत की वैश्विक महाशक्ति बनने की यात्रा का दोहरा आधार बताया।
अदाणी ग्रुप ने वित्त वर्ष 2026 में इन्फ्रास्ट्रक्चर में ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक निवेश किया।
यह निवेश उस वर्ष भारत के निजी क्षेत्र के कुल नए पूंजीगत व्यय का 30% से अधिक था।
अदाणी ने कहा कि ग्रुप ने वैश्विक अनिश्चितता और जांच-पड़ताल के बावजूद अपनी विस्तार यात्रा जारी रखी।

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने 24 जून 2026 को अहमदाबाद में आयोजित ग्रुप की 34वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरहोल्डर्स को संबोधित करते हुए कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंटेलिजेंस को परस्पर विरोधी प्राथमिकताओं के रूप में नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि ये दोनों स्तंभ मिलकर भारत की आर्थिक क्षमता को सुदृढ़ करेंगे, रणनीतिक आत्मनिर्भरता को बल देंगे और भारत को एक प्रमुख वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करने की महत्वाकांक्षा को साकार करेंगे।

इन्फ्रास्ट्रक्चर: विकास की रीढ़

गौतम अदाणी ने इन्फ्रास्ट्रक्चर को राष्ट्र के आर्थिक विकास की रीढ़ की हड्डी करार दिया। उन्होंने सड़कों, बंदरगाहों, हवाई अड्डों, पावर प्लांट, ट्रांसमिशन नेटवर्क, रिन्यूएबल एनर्जी पार्क, गैस पाइपलाइन, लॉजिस्टिक्स हब, जल प्रणालियों और औद्योगिक इकोसिस्टम को इस श्रेणी में रखा। उनके अनुसार ये परिसंपत्तियाँ किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए अपरिहार्य आधार हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल 'इंटेलिजेंस' की भूमिका

अदाणी ने 'इंटेलिजेंस' को दूसरे प्रमुख स्तंभ के रूप में रेखांकित किया, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन, डिजिटल प्लेटफॉर्म, रियल-टाइम एनालिटिक्स और प्रेडिक्टिव सिस्टम जैसी तकनीकें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर परिसंपत्तियों और नेटवर्क में इन तकनीकी उपकरणों का उपयोग तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे परिचालन क्षमता, त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर निर्णय-प्रक्रिया सुनिश्चित हो रही है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर तकनीकी संप्रभुता राष्ट्रीय रणनीति का अभिन्न अंग बनती जा रही है।

वैश्विक अनिश्चितता के बीच ग्रुप का रुख

अदाणी ने शेयरहोल्डर्स को संबोधित करते हुए कहा, "यह साल ऐसा है जिसमें दुनिया और ज़्यादा बंटी हुई नज़र आई। एनर्जी सिक्योरिटी के जटिल मॉडल राष्ट्रीय रणनीति के केंद्र में लौट आए और टेक्नोलॉजी देश की संप्रभुता का अटूट हिस्सा बन गई। हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद, आपका अदाणी ग्रुप एक अटूट विश्वास पर टिका रहा।" उन्होंने आगे कहा, "जब दूसरे लोग बहस कर रहे थे, तब आपके ग्रुप ने काम किया और एनर्जी, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में दुनिया के सबसे इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म के तौर पर अपनी यात्रा को आगे बढ़ाया।"

निवेश का पैमाना: FY26 में ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक

गौतम अदाणी ने बताया कि अदाणी ग्रुप ने वित्त वर्ष 2026 के दौरान इन्फ्रास्ट्रक्चर में ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक का निवेश किया। उनके अनुसार यह राशि उस वर्ष भारत में निजी क्षेत्र के कुल नए पूंजीगत व्यय का 30 प्रतिशत से अधिक थी। गौरतलब है कि यह निवेश ऐसे दौर में हुआ जब ग्रुप को उनके अपने शब्दों में "बहुत अधिक जांच-पड़ताल" का सामना करना पड़ा, फिर भी ग्रुप ने अपनी विस्तार योजनाओं को जारी रखा।

आगे की राह

अदाणी ग्रुप की यह AGM ऐसे समय में आई है जब भारत में निजी पूंजीगत व्यय को लेकर व्यापक बहस जारी है। ग्रुप के इस निवेश चक्र और इन्फ्रास्ट्रक्चर-इंटेलिजेंस के संयोजन की रणनीति से यह स्पष्ट होता है कि अदाणी ग्रुप भारत के दीर्घकालिक आर्थिक ढाँचे में केंद्रीय भूमिका निभाने की स्थिति में खुद को देखता है। आने वाले वर्षों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर और AI का यह संयोजन वास्तविक रोज़गार और उत्पादकता लाभ में कैसे तब्दील होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन और स्वतंत्र सत्यापन का है। FY26 में ₹1.5 लाख करोड़ का निजी पूंजीगत व्यय प्रभावशाली है, परंतु यह आँकड़ा ग्रुप के अपने प्रकटीकरण पर आधारित है — जिसका स्वतंत्र ऑडिट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसके अतिरिक्त, जब एक अकेला समूह देश के 30% निजी कैपेक्स का प्रतिनिधित्व करने का दावा करे, तो यह भारत के निजी निवेश परिदृश्य में एकाग्रता की एक गहरी चिंताजनक तस्वीर भी पेश करता है। AGM भाषण राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा की भाषा में लिपटे कॉर्पोरेट ब्रांडिंग और शेयरहोल्डर आश्वासन का मिश्रण है — मुख्यधारा की कवरेज इस अंतर को प्रायः नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतम अदाणी ने AGM में इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंटेलिजेंस के बारे में क्या कहा?
गौतम अदाणी ने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंटेलिजेंस (AI व डिजिटल तकनीक) को अलग-अलग प्राथमिकताओं के रूप में नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक के रूप में देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार ये दोनों मिलकर भारत की आर्थिक क्षमता को मज़बूत करेंगे और भारत को एक प्रमुख वैश्विक शक्ति बनाने में सहायक होंगे।
अदाणी ग्रुप ने FY26 में कितना निवेश किया?
अदाणी ग्रुप ने वित्त वर्ष 2026 के दौरान इन्फ्रास्ट्रक्चर में ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक का निवेश किया। गौतम अदाणी के अनुसार यह उस वर्ष भारत के निजी क्षेत्र के कुल नए पूंजीगत व्यय का 30 प्रतिशत से अधिक था।
अदाणी ग्रुप की 34वीं AGM कब और कहाँ हुई?
अदाणी ग्रुप की 34वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 24 जून 2026 को अहमदाबाद में आयोजित हुई। इसमें चेयरमैन गौतम अदाणी ने शेयरहोल्डर्स को संबोधित किया और ग्रुप की रणनीतिक दिशा स्पष्ट की।
अदाणी के अनुसार 'इंटेलिजेंस' में कौन-सी तकनीकें शामिल हैं?
गौतम अदाणी ने 'इंटेलिजेंस' के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन, डिजिटल प्लेटफॉर्म, रियल-टाइम एनालिटिक्स और प्रेडिक्टिव सिस्टम को शामिल किया। उनके अनुसार इन्फ्रास्ट्रक्चर परिसंपत्तियों में इन तकनीकों का उपयोग तेज़ी से बढ़ रहा है।
अदाणी ग्रुप के इन्फ्रास्ट्रक्चर में कौन-से क्षेत्र शामिल हैं?
अदाणी ग्रुप के इन्फ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो में सड़कें, बंदरगाह, हवाई अड्डे, पावर प्लांट, ट्रांसमिशन नेटवर्क, रिन्यूएबल एनर्जी पार्क, गैस पाइपलाइन, लॉजिस्टिक्स हब, जल प्रणालियाँ और औद्योगिक इकोसिस्टम शामिल हैं। ग्रुप एनर्जी, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग में एकीकृत प्लेटफॉर्म के रूप में काम करता है।
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