10 अगस्त 2026
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अदाणी ग्रुप का वित्त वर्ष 26 में रिकॉर्ड ₹1.5 लाख करोड़ हार्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश, निजी क्षेत्र का 30% हिस्सा

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अदाणी ग्रुप का वित्त वर्ष 26 में रिकॉर्ड ₹1.5 लाख करोड़ हार्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश, निजी क्षेत्र का 30% हिस्सा

सारांश

अदाणी ग्रुप ने वित्त वर्ष 26 में ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड हार्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश किया — जो निजी क्षेत्र के कुल नए निवेश का 30% से ज़्यादा है। भारी जांच-पड़ताल के बावजूद समूह ने ₹25,000 करोड़ का राइट्स इश्यू भी सफलतापूर्वक पूरा किया।

मुख्य बातें

अदाणी ग्रुप ने वित्त वर्ष 2025-26 में हार्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर में ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड निवेश किया।
यह निवेश उस वर्ष निजी क्षेत्र के कुल नए निवेश का 30 प्रतिशत से अधिक रहा।
चेयरमैन गौतम अदाणी ने 34वीं एजीएम में 24 जून 2026 को शेयरधारकों को यह जानकारी दी।
इस वर्ष की शुरुआत में ₹25,000 करोड़ का राइट्स इश्यू लाया गया, जिसे गौतम अदाणी ने 'भारत की कॉर्पोरेट दुनिया के सबसे बड़े राइट्स इश्यू में से एक' बताया।
अदाणी ने कहा कि समूह ने 'बहुत अधिक जांच-पड़ताल के बीच' भी निवेश जारी रखा।

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने 24 जून 2026 को अहमदाबाद में आयोजित समूह की 34वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए घोषणा की कि अदाणी ग्रुप ने वित्त वर्ष 2025-26 में हार्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर में ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड निवेश किया है। यह राशि उस वर्ष निजी क्षेत्र के कुल नए निवेश का 30 प्रतिशत से अधिक रही।

निवेश का पैमाना और महत्व

गौतम अदाणी ने शेयरधारकों को बताया कि यह आँकड़ा महज एक वित्तीय संख्या नहीं है। उन्होंने कहा, 'हमारे लिए यह सिर्फ एक फाइनेंशियल आंकड़ा नहीं है, बल्कि भरोसे का एक सबूत है। देश के निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का इससे बड़ा कोई सबूत नहीं हो सकता कि हम उस इंफ्रास्ट्रक्चर में किस बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं जो भारत के अगले अध्याय को आगे बढ़ाएगा।' यह निवेश ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव चरम पर हैं।

चुनौतियों के बीच आगे बढ़ने का संकल्प

अदाणी ने स्वीकार किया कि वित्त वर्ष 2025-26 समूह के लिए असाधारण रूप से चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने कहा, 'यह तरक्की हमारे लिए आसान हालात में नहीं हुई। यह बहुत अधिक जांच-पड़ताल के बीच हुई। फिर भी, हम झुके नहीं। हम रुके नहीं, क्योंकि हमारी पहचान इससे नहीं बनती कि हमारे आस-पास कितना शोर है, बल्कि इससे बनती है कि हम उस पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।' गौरतलब है कि समूह पिछले कुछ वर्षों में कई नियामकीय और प्रतिष्ठा-संबंधी दबावों का सामना करता रहा है।

₹25,000 करोड़ का राइट्स इश्यू: विश्वसनीयता की परीक्षा

चेयरमैन ने इस वर्ष की शुरुआत में लाए गए ₹25,000 करोड़ के राइट्स इश्यू को समूह की विश्वसनीयता पर एक जनमत संग्रह बताया। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ पूंजी जुटाने का एक इवेंट नहीं था। यह भारत की कॉर्पोरेट दुनिया के इतिहास के सबसे बड़े राइट्स इश्यू में से एक था, और आपकी प्रतिक्रिया बहुत साफ थी।' उनके अनुसार, शेयरधारकों ने इस इश्यू में भरोसे के साथ भागीदारी दर्ज कराई।

वैश्विक परिदृश्य और भारत की रणनीति

गौतम अदाणी ने एजीएम में वैश्विक संदर्भ को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'यह ऐसा साल था जिसमें दुनिया और ज्यादा बंटी हुई नजर आई। एनर्जी सिक्योरिटी के जटिल मॉडल राष्ट्रीय रणनीति के केंद्र में लौट आए और टेक्नोलॉजी देश की संप्रभुता का अटूट हिस्सा बन गई।' उन्होंने जोर देकर कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद समूह इस विश्वास पर टिका रहा कि 'भारत का भविष्य इंतजार नहीं कर सकता।'

आगे की राह

अदाणी ग्रुप का यह रिकॉर्ड निवेश भारत के बुनियादी ढाँचे के विस्तार में निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है। आलोचकों का कहना है कि समूह की पारदर्शिता और नियामकीय अनुपालन पर नज़र रखना आवश्यक है, ताकि इतने बड़े पैमाने के निवेश का वास्तविक लाभ देश की अर्थव्यवस्था तक पहुँचे। आने वाले वित्त वर्षों में समूह के निवेश की गति और उसके रोज़गार-सृजन पर असर उद्योग जगत की नज़रों में रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे संदर्भ में देखना ज़रूरी है — यह वही समूह है जो हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद से नियामकीय और प्रतिष्ठा-संबंधी दबावों में रहा है। एजीएम का यह संबोधन स्पष्ट रूप से एक पुनर्निर्माण-की-कथा है, जो निवेशकों को आश्वस्त करने के लिए तैयार की गई है। असली सवाल यह है कि इस हार्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश से रोज़गार, सार्वजनिक उपयोगिता और पारदर्शी अनुपालन के मामले में क्या ठोस परिणाम सामने आते हैं — केवल पूंजीगत व्यय के आँकड़े नहीं। ₹25,000 करोड़ के राइट्स इश्यू की सफलता बाज़ार के भरोसे का संकेत है, पर स्वतंत्र लेखापरीक्षा और नियामकीय निगरानी ही इस भरोसे को दीर्घकालिक वैधता देगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी ग्रुप ने वित्त वर्ष 26 में हार्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर में कितना निवेश किया?
अदाणी ग्रुप ने वित्त वर्ष 2025-26 में हार्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर में ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड निवेश किया। चेयरमैन गौतम अदाणी के अनुसार, यह उस वर्ष निजी क्षेत्र के कुल नए निवेश का 30 प्रतिशत से अधिक था।
गौतम अदाणी ने 34वीं एजीएम में क्या कहा?
गौतम अदाणी ने 24 जून 2026 को अहमदाबाद में आयोजित 34वीं एजीएम में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए रिकॉर्ड निवेश की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह निवेश 'भरोसे का सबूत' है और समूह ने 'बहुत अधिक जांच-पड़ताल के बीच' भी निर्माण जारी रखा।
अदाणी ग्रुप का ₹25,000 करोड़ का राइट्स इश्यू क्या था?
वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत में अदाणी ग्रुप ने ₹25,000 करोड़ का राइट्स इश्यू लाया, जिसे गौतम अदाणी ने 'भारत की कॉर्पोरेट दुनिया के सबसे बड़े राइट्स इश्यू में से एक' बताया। उन्होंने इसे समूह की विश्वसनीयता पर शेयरधारकों का जनमत संग्रह करार दिया।
अदाणी ग्रुप का यह निवेश भारत की अर्थव्यवस्था के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
₹1.5 लाख करोड़ का यह निवेश निजी क्षेत्र के कुल नए निवेश का 30% से अधिक है, जो भारत के बुनियादी ढाँचे के विस्तार में एक बड़ी भूमिका दर्शाता है। एनर्जी सिक्योरिटी और तकनीकी संप्रभुता जैसे क्षेत्रों में यह निवेश देश की दीर्घकालिक रणनीति से जुड़ा है।
अदाणी ग्रुप ने किन चुनौतियों के बावजूद यह निवेश किया?
गौतम अदाणी ने स्वीकार किया कि वित्त वर्ष 26 'बहुत अधिक जांच-पड़ताल' के बीच गुज़रा। आलोचकों का कहना है कि समूह पिछले कुछ वर्षों में नियामकीय और प्रतिष्ठा-संबंधी दबावों का सामना करता रहा है, जिसके बावजूद निवेश की गति बनाए रखी गई।
राष्ट्र प्रेस
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