अदाणी ग्रुप का वित्त वर्ष 26 में रिकॉर्ड ₹1.5 लाख करोड़ हार्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश, निजी क्षेत्र का 30% हिस्सा
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने 24 जून 2026 को अहमदाबाद में आयोजित समूह की 34वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए घोषणा की कि अदाणी ग्रुप ने वित्त वर्ष 2025-26 में हार्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर में ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड निवेश किया है। यह राशि उस वर्ष निजी क्षेत्र के कुल नए निवेश का 30 प्रतिशत से अधिक रही।
निवेश का पैमाना और महत्व
गौतम अदाणी ने शेयरधारकों को बताया कि यह आँकड़ा महज एक वित्तीय संख्या नहीं है। उन्होंने कहा, 'हमारे लिए यह सिर्फ एक फाइनेंशियल आंकड़ा नहीं है, बल्कि भरोसे का एक सबूत है। देश के निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का इससे बड़ा कोई सबूत नहीं हो सकता कि हम उस इंफ्रास्ट्रक्चर में किस बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं जो भारत के अगले अध्याय को आगे बढ़ाएगा।' यह निवेश ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव चरम पर हैं।
चुनौतियों के बीच आगे बढ़ने का संकल्प
अदाणी ने स्वीकार किया कि वित्त वर्ष 2025-26 समूह के लिए असाधारण रूप से चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने कहा, 'यह तरक्की हमारे लिए आसान हालात में नहीं हुई। यह बहुत अधिक जांच-पड़ताल के बीच हुई। फिर भी, हम झुके नहीं। हम रुके नहीं, क्योंकि हमारी पहचान इससे नहीं बनती कि हमारे आस-पास कितना शोर है, बल्कि इससे बनती है कि हम उस पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।' गौरतलब है कि समूह पिछले कुछ वर्षों में कई नियामकीय और प्रतिष्ठा-संबंधी दबावों का सामना करता रहा है।
₹25,000 करोड़ का राइट्स इश्यू: विश्वसनीयता की परीक्षा
चेयरमैन ने इस वर्ष की शुरुआत में लाए गए ₹25,000 करोड़ के राइट्स इश्यू को समूह की विश्वसनीयता पर एक जनमत संग्रह बताया। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ पूंजी जुटाने का एक इवेंट नहीं था। यह भारत की कॉर्पोरेट दुनिया के इतिहास के सबसे बड़े राइट्स इश्यू में से एक था, और आपकी प्रतिक्रिया बहुत साफ थी।' उनके अनुसार, शेयरधारकों ने इस इश्यू में भरोसे के साथ भागीदारी दर्ज कराई।
वैश्विक परिदृश्य और भारत की रणनीति
गौतम अदाणी ने एजीएम में वैश्विक संदर्भ को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'यह ऐसा साल था जिसमें दुनिया और ज्यादा बंटी हुई नजर आई। एनर्जी सिक्योरिटी के जटिल मॉडल राष्ट्रीय रणनीति के केंद्र में लौट आए और टेक्नोलॉजी देश की संप्रभुता का अटूट हिस्सा बन गई।' उन्होंने जोर देकर कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद समूह इस विश्वास पर टिका रहा कि 'भारत का भविष्य इंतजार नहीं कर सकता।'
आगे की राह
अदाणी ग्रुप का यह रिकॉर्ड निवेश भारत के बुनियादी ढाँचे के विस्तार में निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है। आलोचकों का कहना है कि समूह की पारदर्शिता और नियामकीय अनुपालन पर नज़र रखना आवश्यक है, ताकि इतने बड़े पैमाने के निवेश का वास्तविक लाभ देश की अर्थव्यवस्था तक पहुँचे। आने वाले वित्त वर्षों में समूह के निवेश की गति और उसके रोज़गार-सृजन पर असर उद्योग जगत की नज़रों में रहेगा।