गौतम अदाणी के 3 बुनियादी सिद्धांत: अगले एक दशक में अदाणी ग्रुप की रफ्तार होगी दोगुनी
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने 24 जून 2026 को अहमदाबाद में आयोजित समूह की 34वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों के समक्ष तीन बुनियादी सिद्धांत प्रस्तुत किए, जो आने वाले एक दशक में समूह के विजन को धरातल पर उतारने की रीढ़ बनेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि महत्वाकांक्षा, अनुशासन और क्रियान्वन-क्षमता — ये तीनों मिलकर अदाणी ग्रुप को भारत-निर्माण की दिशा में और सशक्त बनाएंगे।
पहला सिद्धांत: कार्यप्रणाली को सरल बनाना
गौतम अदाणी ने बताया कि समूह अपने मुख्यालय और परियोजना स्थलों — दोनों पर तीन-स्तरीय संरचना लागू कर रहा है। इसका उद्देश्य अफसरशाही को घटाना, जवाबदेही को मजबूत करना और निर्णय लेने तथा उसे लागू करने के बीच की खाई को पाटना है। उन्होंने कहा, "हर रोल, हर प्रोसेस और हर लेवल से कुछ न कुछ वैल्यू मिलनी चाहिए।" जो कार्य मुख्य व्यवसाय का हिस्सा नहीं हैं, उन्हें ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) या चुने हुए भागीदारों को सौंपा जाएगा।
दूसरा सिद्धांत: ठेकेदारों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी
अदाणी ने ठेकेदारों को महज आपूर्तिकर्ता नहीं, बल्कि देश-निर्माण के दीर्घकालिक भागीदार बताया। उन्होंने कहा कि समूह ऐसी मजबूत और स्थायी साझेदारियाँ विकसित करेगा जिनमें ठेकेदारों की वृद्धि को समर्थन मिले, उनके मार्जिन सुरक्षित रहें और उनके हित समूह के हितों से जुड़े हों। इस दृष्टिकोण का लक्ष्य परियोजनाओं को अधिक गति, बेहतर गुणवत्ता और स्वामित्व-भाव के साथ पूरा करना है।
तीसरा सिद्धांत: कामगारों की गरिमा सर्वोपरि
गौतम अदाणी ने इसे सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत बताया। उन्होंने कहा कि समूह के अपने और ठेकेदारों के माध्यम से काम करने वाले लगभग 4 लाख कर्मचारियों में से करीब 85 प्रतिशत साइट पर जमीनी स्तर पर कार्यरत हैं। अदाणी ने कहा, "यही वे लोग हैं जो हमारी योजनाओं को हकीकत में बदलते हैं।" समूह ने प्रतिबद्धता जताई कि हर कामगार को स्वच्छ आवास, पौष्टिक भोजन, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षित कार्य-वातावरण और समय पर उचित वेतन सुनिश्चित किया जाएगा।
एजीएम में अदाणी का व्यापक संदेश
शेयरधारकों को संबोधित करते हुए अदाणी ने कहा, "भविष्य में पहले से कहीं अधिक महत्वाकांक्षा, अनुशासन और काम को अंजाम देने की क्षमता की जरूरत होगी, लेकिन हम सब मिलकर तैयार हैं — निर्माण करने के लिए, सेवा करने के लिए और ऐसे भारत को आकार देने में मदद करने के लिए, जिसके सबसे अच्छे दिन अभी आने बाकी हैं।" यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब अदाणी ग्रुप बड़े पैमाने पर बुनियादी ढाँचा, ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं में विस्तार कर रहा है।
आगे की राह
इन तीन सिद्धांतों के क्रियान्वन से समूह की परियोजना-वितरण क्षमता और आंतरिक दक्षता में उल्लेखनीय सुधार अपेक्षित है। विश्लेषकों की नज़र इस बात पर होगी कि ये घोषित ढाँचागत बदलाव अगले कुछ तिमाहियों में व्यावहारिक रूप में किस तरह सामने आते हैं।