अहमदाबाद: अंगड़िया फर्म में डकैती नाकाम, 3 देसी पिस्तौल व 19 कारतूस सहित 2 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद के इसनपुर इलाके में पटेल महेंद्रभाई सोमभाई अंगड़िया फर्म में कथित तौर पर डकैती की कोशिश कर रहे दो आरोपियों को गुरुवार, 25 सितंबर 2026 की शाम लगभग 6 बजे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके पास से तीन देसी पिस्तौल, 19 जिंदा कारतूस और 10 से अधिक चाकू बरामद किए। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों ने वारदात से करीब 15 दिन पहले इलाके की रेकी की थी।
घटनाक्रम: कैसे नाकाम हुई डकैती
यह घटना नारोल सर्कल के पास बीआरटीएस बस स्टॉप के सामने स्थित अंगड़िया फर्म में हुई। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी हथियारों से लैस होकर परिसर में घुसे, लेकिन फर्म मालिक ने उन्हें पहचान लिया और शोर मचाया। इसके बाद आसपास के लोग तुरंत एकत्रित हो गए और दोनों को काबू कर लिया।
पुलिस उपायुक्त (जोन-6) भागीरथ गढ़वी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मात्र पाँच मिनट के भीतर मौके पर पहुँच गई और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से दोनों को हिरासत में ले लिया गया।
आरोपियों की पहचान और पृष्ठभूमि
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजन शाह (35 वर्ष) और अली मोहम्मद रुस्तम अली शेख (70 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से बिहार के सिवान जिले के निवासी हैं और वर्तमान में इसनपुर में एक किराए के मकान में रह रहे थे। उनका तीसरा कथित सहयोगी प्रीतम सिंह वारदात के समय बाहर खड़ा था और वह अब तक फरार है।
पुलिस के अनुसार राजन शाह इस पूरी योजना का मुख्य सूत्रधार था। उसने पहले दुबई में एक साल से अधिक समय बिताया था, किंतु पर्याप्त आमदनी न होने के कारण वापस लौट आया और अहमदाबाद में आर्थिक तंगी का सामना कर रहा था। गढ़वी के अनुसार, राजन ने ही अलीमहमद और प्रीतम को इस योजना में शामिल किया था।
15 दिनों की सुनियोजित रेकी
डीसीपी गढ़वी ने बताया कि तीनों आरोपियों ने लगभग 15 दिन पहले इलाके की पहली रेकी की थी। इसके बाद पिछले दो-तीन दिनों में वे फिर उस इलाके में गए और अंगड़िया की विभिन्न फर्मों में मौजूद लोगों की संख्या व आवाजाही का जायजा लिया। जिस फर्म में सबसे कम लोग दिखे, उसे निशाना बनाने का फैसला किया गया।
कथित तौर पर आरोपियों का इरादा डकैती के बाद बिहार भाग जाने का था। अलीमहमद कथित तौर पर राजन के निर्देश पर बिहार से हथियार लेकर आया था।
बरामदगी और जाँच की स्थिति
पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन देसी पिस्तौल, 19 जिंदा कारतूस और 10 से अधिक चाकू बरामद किए। उनके किराए के आवास की तलाशी में लगभग 200 ग्राम बारूद भी मिला, जो मामले की गंभीरता को और बढ़ाता है।
गढ़वी ने कहा कि प्रारंभिक पूछताछ से संकेत मिलता है कि प्रीतम सिंह सहयोगी की भूमिका में था और उसने हथियार जुटाने में भी मदद की होगी, हालाँकि उसकी सटीक भूमिका की जाँच अभी जारी है। फरार आरोपी की तलाश में अभियान चलाया जा रहा है।
आगे की कार्रवाई
गौरतलब है कि अंगड़िया फर्में सोने-चाँदी व नकदी की ढुलाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिससे वे अपराधियों के लिए आकर्षक निशाना बनती हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब गुजरात पुलिस संगठित अपराध और हथियारों की तस्करी के खिलाफ अभियान चला रही है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों पर शस्त्र अधिनियम और डकैती की कोशिश समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, जबकि फरार प्रीतम सिंह की गिरफ्तारी के बाद जाँच का दायरा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।