अहमदाबाद अंगड़िया चोरी: ₹80 लाख के गहने-चांदी सहित दो गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद पुलिस ने 21 मई 2026 को कलुपुर स्थित अंगड़िया फर्म से चुराई गई ₹80 लाख से अधिक की कीमती खेप के मामले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में गहने और चांदी बरामद की है। मुख्य आरोपी कर्मचारी तथा इस चोरी का कथित मास्टरमाइंड अभी भी फरार हैं।
मामले का पूरा घटनाक्रम
यह मामला कलुपुर के रतनपोल इलाके के नगर सेठ मार्केट में स्थित एच. प्रवीण कुमार एंड कंपनी से जुड़ा है, जो एक अंगड़िया फर्म — यानी कीमती सामान भेजने की पारंपरिक सेवा — चलाती है। कंपनी के कर्मचारी जिगरसिंह विहोल को 6 मई की रात सोना, चांदी और हीरे के गहनों की ₹80.56 लाख मूल्य की खेप भुज पहुँचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
पुलिस के अनुसार, विहोल रात करीब 9:30 बजे पालड़ी से एक निजी ट्रैवल सेवा में बैठकर अहमदाबाद से रवाना हुआ, लेकिन वह भुज कभी नहीं पहुँचा और सामान लेकर गायब हो गया। इस पर 11 मई को कालुपुर पुलिस स्टेशन में उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(4) के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच और गिरफ्तारी
मामले की जांच जोन-3 लोकल क्राइम ब्रांच को सौंपी गई, जिसने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में निगरानी अभियान शुरू किया। पुलिस को सूचना मिली कि चोरी का सामान मानेक चौक इलाके में बेचा जाने वाला है। इस सूचना के आधार पर 21 मई को खड़िया गोलवाड़ के पास जाल बिछाकर दो संदिग्धों को पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय अजयजी ठाकोर (मेहसाणा जिले के छपावाड़ा गांव निवासी) और 34 वर्षीय दीपक रावल (अहमदाबाद के कटोसन रोड के सुनवाला निवासी) के रूप में हुई है।
बरामद सामान का ब्यौरा
पुलिस ने बताया कि बरामद सामान की कुल कीमत ₹80,00,696 है। इसमें 28.993 किलोग्राम चांदी की 59 सिल्वर बार, दो सोने के कंगन, दो हीरे की अंगूठियाँ, एक सोने की अंगूठी, तांबे के सिक्के, रंगीन पत्थर और दो मोबाइल फोन शामिल हैं।
चोरी की साजिश का खुलासा
एसीपी जितेंद्र चौधरी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि विहोल ने अहमदाबाद से माल लेकर निकलने के बाद सुरेंद्रनगर में अजयजी ठाकोर से मुलाकात की। इसके बाद दोनों दीपक रावल के घर गए और चोरी का पूरा सामान उसे सौंप दिया, जिसके बाद विहोल वहाँ से फरार हो गया। दीपक और अजयजी पर सामान बेचने की जिम्मेदारी थी।
पुलिस के अनुसार, इस पूरी चोरी का कथित मास्टरमाइंड विपुल ठाकोर है। उसी के इशारे पर जिगरसिंह विहोल को कुछ समय पहले फर्म में नौकरी दिलाई गई थी और उसी पूर्व-नियोजित योजना के तहत वह सारा सामान लेकर फरार हुआ। गौरतलब है कि यह मामला अंगड़िया सेवाओं में अंदरूनी सुरक्षा चूक को उजागर करता है, जो पारंपरिक रूप से विश्वास पर आधारित होती हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब फरार आरोपी जिगरसिंह विहोल और मास्टरमाइंड विपुल ठाकोर की सक्रिय तलाश कर रही है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच में नए सुराग मिलने की संभावना बताई जा रही है।