अहमदाबाद अंगड़िया चोरी: ₹80 लाख के गहने-चांदी सहित दो गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार

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अहमदाबाद अंगड़िया चोरी: ₹80 लाख के गहने-चांदी सहित दो गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार

सारांश

अहमदाबाद की कलुपुर अंगड़िया फर्म से ₹80 लाख की खेप लेकर फरार हुए कर्मचारी की साजिश में दो आरोपी गिरफ्तार — 59 सिल्वर बार और गहने बरामद। मास्टरमाइंड विपुल ठाकोर समेत मुख्य आरोपी अभी फरार, पुलिस की तलाश जारी।

मुख्य बातें

अहमदाबाद पुलिस ने 21 मई 2026 को खड़िया गोलवाड़ के पास दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी: अजयजी ठाकोर (24 वर्ष, मेहसाणा) और दीपक रावल (34 वर्ष, अहमदाबाद)।
बरामद सामान में 28.993 किग्रा चांदी की 59 सिल्वर बार , सोने-हीरे के गहने — कुल कीमत ₹80,00,696 ।
कर्मचारी जिगरसिंह विहोल ने 6 मई की रात भुज डिलीवरी के बहाने खेप लेकर फरार हुआ।
कथित मास्टरमाइंड विपुल ठाकोर और मुख्य आरोपी विहोल अभी भी फरार, पुलिस तलाश जारी।
मामला भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(4) के तहत दर्ज; जांच जोन-3 लोकल क्राइम ब्रांच के पास।

अहमदाबाद पुलिस ने 21 मई 2026 को कलुपुर स्थित अंगड़िया फर्म से चुराई गई ₹80 लाख से अधिक की कीमती खेप के मामले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में गहने और चांदी बरामद की है। मुख्य आरोपी कर्मचारी तथा इस चोरी का कथित मास्टरमाइंड अभी भी फरार हैं।

मामले का पूरा घटनाक्रम

यह मामला कलुपुर के रतनपोल इलाके के नगर सेठ मार्केट में स्थित एच. प्रवीण कुमार एंड कंपनी से जुड़ा है, जो एक अंगड़िया फर्म — यानी कीमती सामान भेजने की पारंपरिक सेवा — चलाती है। कंपनी के कर्मचारी जिगरसिंह विहोल को 6 मई की रात सोना, चांदी और हीरे के गहनों की ₹80.56 लाख मूल्य की खेप भुज पहुँचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

पुलिस के अनुसार, विहोल रात करीब 9:30 बजे पालड़ी से एक निजी ट्रैवल सेवा में बैठकर अहमदाबाद से रवाना हुआ, लेकिन वह भुज कभी नहीं पहुँचा और सामान लेकर गायब हो गया। इस पर 11 मई को कालुपुर पुलिस स्टेशन में उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(4) के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच और गिरफ्तारी

मामले की जांच जोन-3 लोकल क्राइम ब्रांच को सौंपी गई, जिसने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में निगरानी अभियान शुरू किया। पुलिस को सूचना मिली कि चोरी का सामान मानेक चौक इलाके में बेचा जाने वाला है। इस सूचना के आधार पर 21 मई को खड़िया गोलवाड़ के पास जाल बिछाकर दो संदिग्धों को पकड़ लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय अजयजी ठाकोर (मेहसाणा जिले के छपावाड़ा गांव निवासी) और 34 वर्षीय दीपक रावल (अहमदाबाद के कटोसन रोड के सुनवाला निवासी) के रूप में हुई है।

बरामद सामान का ब्यौरा

पुलिस ने बताया कि बरामद सामान की कुल कीमत ₹80,00,696 है। इसमें 28.993 किलोग्राम चांदी की 59 सिल्वर बार, दो सोने के कंगन, दो हीरे की अंगूठियाँ, एक सोने की अंगूठी, तांबे के सिक्के, रंगीन पत्थर और दो मोबाइल फोन शामिल हैं।

चोरी की साजिश का खुलासा

एसीपी जितेंद्र चौधरी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि विहोल ने अहमदाबाद से माल लेकर निकलने के बाद सुरेंद्रनगर में अजयजी ठाकोर से मुलाकात की। इसके बाद दोनों दीपक रावल के घर गए और चोरी का पूरा सामान उसे सौंप दिया, जिसके बाद विहोल वहाँ से फरार हो गया। दीपक और अजयजी पर सामान बेचने की जिम्मेदारी थी।

पुलिस के अनुसार, इस पूरी चोरी का कथित मास्टरमाइंड विपुल ठाकोर है। उसी के इशारे पर जिगरसिंह विहोल को कुछ समय पहले फर्म में नौकरी दिलाई गई थी और उसी पूर्व-नियोजित योजना के तहत वह सारा सामान लेकर फरार हुआ। गौरतलब है कि यह मामला अंगड़िया सेवाओं में अंदरूनी सुरक्षा चूक को उजागर करता है, जो पारंपरिक रूप से विश्वास पर आधारित होती हैं।

आगे की कार्रवाई

पुलिस अब फरार आरोपी जिगरसिंह विहोल और मास्टरमाइंड विपुल ठाकोर की सक्रिय तलाश कर रही है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच में नए सुराग मिलने की संभावना बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अंगड़िया प्रणाली की संरचनागत कमज़ोरी को उजागर करता है — जहाँ करोड़ों रुपए का सामान कागज़ी दस्तावेज़ और व्यक्तिगत भरोसे के आधार पर ट्रांसपोर्ट होता है। विपुल ठाकोर जैसे कथित मास्टरमाइंड का फर्म में जानबूझकर कर्मचारी घुसाना यह दर्शाता है कि यह सुनियोजित आंतरिक षड्यंत्र था, न कि आवेग में की गई चोरी। सवाल यह है कि इतनी बड़ी खेप के लिए न कोई जीपीएस ट्रैकिंग थी, न स्वतंत्र निगरानी — और यह पहली बार नहीं है। जब तक अंगड़िया सेवाएँ डिजिटल सत्यापन और रियल-टाइम ट्रैकिंग नहीं अपनातीं, ऐसी घटनाएँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
22 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद अंगड़िया चोरी मामला क्या है?
कलुपुर की एच. प्रवीण कुमार एंड कंपनी के कर्मचारी जिगरसिंह विहोल ने 6 मई 2026 की रात ₹80.56 लाख मूल्य की सोना, चांदी और हीरे की खेप भुज डिलीवरी के बहाने लेकर फरार हो गया। पुलिस ने 21 मई को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर ₹80,00,696 का सामान बरामद किया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उन पर क्या आरोप है?
गिरफ्तार आरोपी अजयजी ठाकोर (24 वर्ष, मेहसाणा) और दीपक रावल (34 वर्ष, अहमदाबाद) हैं। इन पर चोरी का सामान अपने पास रखने और उसे बेचने की कोशिश का आरोप है। मामला भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(4) के तहत दर्ज है।
इस चोरी का मास्टरमाइंड कौन है और वह अभी कहाँ है?
पुलिस के अनुसार इस पूरी चोरी का कथित मास्टरमाइंड विपुल ठाकोर है, जिसने जिगरसिंह विहोल को फर्म में नौकरी दिलाई और चोरी की योजना बनाई। विपुल ठाकोर और मुख्य आरोपी जिगरसिंह विहोल दोनों अभी भी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
बरामद सामान में क्या-क्या शामिल है?
बरामद सामान में 28.993 किलोग्राम चांदी की 59 सिल्वर बार, दो सोने के कंगन, दो हीरे की अंगूठियाँ, एक सोने की अंगूठी, तांबे के सिक्के, रंगीन पत्थर और दो मोबाइल फोन शामिल हैं। कुल बरामद सामान की कीमत ₹80,00,696 बताई गई है।
जांच किस पुलिस इकाई के पास है और आगे क्या होगा?
मामले की जांच जोन-3 लोकल क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है, जो वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में काम कर रही है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस फरार आरोपी जिगरसिंह विहोल तथा विपुल ठाकोर को पकड़ने के लिए सक्रिय अभियान चला रही है।
राष्ट्र प्रेस
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