सबरकांठा डेयरी छापे में ₹5.10 लाख का 2,548 किलो मिलावटी मावा जब्त, लाइसेंस निलंबित
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के फूड और ड्रग्स विभाग ने 21 मई 2026 को सबरकांठा जिले के तालोद तालुका स्थित भोलेनाथ डेयरी पर छापेमारी कर 2,548 किलोग्राम मिलावटी मावा जब्त किया, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹5.10 लाख बताई गई है। अत्यंत अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार पाए गए 550 किलोग्राम मावे को स्वास्थ्य के लिए खतरनाक मानते हुए मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
छापेमारी की पृष्ठभूमि
यह कार्रवाई गांधीनगर फ्लाइंग स्क्वॉड द्वारा राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया के निर्देश पर मिलावटखोरी और अवैध खाद्य उत्पादन के विरुद्ध चल रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत की गई। मंत्री पानशेरिया ने बताया कि फ्लाइंग स्क्वॉड को मिली विशेष सूचना के आधार पर रोजड़ गांव स्थित इस डेयरी को निशाना बनाया गया।
मुख्य घटनाक्रम
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भोलेनाथ डेयरी में बड़े पैमाने पर मिलावटी मावा तैयार किया जा रहा था। इसके अलावा, अधिकारियों ने पाया कि यहाँ बिना लाइसेंस और अनुमति के मिठाई 'बर्फी' का भी अवैध उत्पादन किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान डेयरी परिसर में बेहद गंदी और अस्वास्थ्यकर स्थितियाँ दर्ज की गईं।
फूड सेफ्टी अधिकारियों ने मौके से मावा और बर्फी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं। लैब रिपोर्ट आने के पश्चात आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय कार्रवाई
फूड एंड ड्रग्स विभाग ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के तहत डेयरी को सुधार नोटिस जारी किया है। साथ ही डेयरी का फूड लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कदम उस स्थिति में उठाया गया जब परिसर में उत्पादन की स्थितियाँ न्यूनतम स्वास्थ्य मानकों पर भी खरी नहीं उतरीं।
सरकार की चेतावनी
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मिलावटखोरी और अवैध खाद्य उत्पादन के विरुद्ध यह अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि मावा और मिठाइयों में मिलावट की घटनाएँ त्योहारी सीज़न के आसपास बढ़ जाती हैं, और इस तरह का उत्पाद बाज़ार में पहुँचने पर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। लैब रिपोर्ट के नतीजे यह तय करेंगे कि डेयरी संचालकों के विरुद्ध आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा या नहीं।