बस्तर में बच्ची ने अमित शाह से कहा 'अब हम बच गए', गृह मंत्री बोले — लाखों खुशियों से बड़ा पल
सारांश
मुख्य बातें
गृह मंत्री अमित शाह ने 21 मई को छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे के दौरान एक भावुक पल साझा किया — जब जगदलपुर के नेतानार गाँव में एक आदिवासी बच्ची ने उनसे कहा, 'अब हम बच गए।' शाह ने इस संवाद को अपने राजनीतिक जीवन का सबसे आनंददायक पल बताया।
नेतानार में भावुक मुलाकात
अमित शाह ने बताया कि नेतानार गाँव में गुंडा धुर सेवा डेरा के उद्घाटन के अवसर पर वे 400 आदिवासी भाई-बहनों के बीच उपस्थित थे। उन्होंने कहा, 'राजनीति में मैं संवेदनशीलता के साथ काम करने वाला इंसान हूँ। लाखों की भीड़ को भाषण देने से जितना आत्मसंतोष नहीं मिलता, उससे ज़्यादा आत्मसंतोष 400 आदिवासी भाई-बहनों के बीच मिला है।'
उन्होंने आगे कहा कि चलते-चलते एक बच्ची के मुँह से 'अब हम बच गए' सुनकर इतना आनंद हुआ कि उसे शब्दों में वर्णन करना बेहद कठिन है।
एक्स पर साझा किया वीडियो
गृह मंत्री के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट से इस पल का वीडियो साझा किया गया। पोस्ट में लिखा गया: 'बस्तर के नक्सलमुक्त होने के बाद जब वहाँ की एक छोटी बच्ची मुझे बोलती है कि हम बच गए, तो वह खुशी लाखों खुशियों से ऊपर होती है।'
मध्य क्षेत्रीय परिषद की ऐतिहासिक बैठक
शाह मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता करने जगदलपुर पहुँचे थे। उन्होंने इस बैठक के आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, 'जिस बस्तर में कभी लाल आतंक का साया था, आज वहीं यह बैठक होना सभी के लिए गौरव का विषय है।' उन्होंने यह भी कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद के सदस्य राज्यों के बीच आज किसी भी प्रकार का विवाद शेष नहीं रह गया है।
बैठक के प्रमुख एजेंडे
बैठक में कुपोषण उन्मूलन, स्कूल ड्रॉपआउट में कमी लाने, यौन अपराधों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि सुनिश्चित करने और राज्य-स्तरीय साइबर हेल्पलाइन जैसे अहम विषयों पर चर्चा हुई। शाह ने कहा कि यह पूरा क्षेत्र अब न केवल नक्सलमुक्त हुआ है, बल्कि आपसी विवादों से भी मुक्त है।
यह दौरा ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार बस्तर को विकास और शांति के नए प्रतीक के रूप में प्रस्तुत कर रही है। आने वाले महीनों में इस क्षेत्र में और अधिक विकास परियोजनाओं की घोषणा संभव है।