शीर्ष 10 में से 6 कंपनियों का मार्केटकैप ₹1 लाख करोड़ से अधिक बढ़ा, भारती एयरटेल सबसे आगे
सारांश
मुख्य बातें
भारत की शीर्ष 10 सूचीबद्ध कंपनियों में से 6 का संयुक्त बाज़ार पूंजीकरण 29 जून से 3 जुलाई 2025 के कारोबारी सप्ताह में ₹1 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया। शेयर बाज़ार में नए सिरे से लौटी खरीदारी की लहर ने इस तेज़ी को हवा दी, जिसके चलते BSE सेंसेक्स सप्ताहांत पर 663.44 अंक (0.86%) की बढ़त के साथ 77,763.91 और NSE निफ्टी 214.85 अंक (0.89%) चढ़कर 24,270.85 पर बंद हुआ।
मार्केटकैप में सर्वाधिक बढ़त: भारती एयरटेल अव्वल
साप्ताहिक बढ़त की दौड़ में भारती एयरटेल सबसे आगे रहा। दिग्गज दूरसंचार कंपनी का बाज़ार पूंजीकरण ₹36,529.21 करोड़ उछलकर ₹11,63,877.30 करोड़ पर पहुँच गया। दूसरे स्थान पर रही बजाज फाइनेंस, जिसका मार्केटकैप ₹33,059.83 करोड़ बढ़कर ₹6,43,141.36 करोड़ हो गया।
आईसीआईसीआई बैंक का बाज़ार पूंजीकरण ₹16,084.29 करोड़ की बढ़त के साथ ₹10,11,695.03 करोड़ पर पहुँचा। एचडीएफसी बैंक का मार्केटकैप ₹7,664.89 करोड़ बढ़कर ₹12,33,646.33 करोड़ रहा। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का पूंजीकरण ₹8,601.99 करोड़ की वृद्धि के साथ ₹5,44,139.55 करोड़ और हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) का मार्केटकैप ₹6,461.38 करोड़ बढ़कर ₹5,17,086.30 करोड़ दर्ज हुआ।
गिरावट में रहीं ये प्रमुख कंपनियाँ
सप्ताह के दौरान चार बड़ी कंपनियों के मार्केटकैप में कमी आई। लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का बाज़ार पूंजीकरण ₹26,572.20 करोड़ घटकर ₹5,53,978.63 करोड़ रह गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केटकैप ₹18,945.56 करोड़ की गिरावट के साथ ₹17,64,981.36 करोड़ पर आ गया।
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का पूंजीकरण ₹4,846.08 करोड़ घटकर ₹9,59,891.92 करोड़ और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का मार्केटकैप ₹1,031.15 करोड़ कम होकर ₹7,57,175.27 करोड़ रह गया।
शीर्ष 10 कंपनियों की वर्तमान रैंकिंग
साप्ताहिक उतार-चढ़ाव के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सर्वाधिक बाज़ार पूंजीकरण वाली सूचीबद्ध कंपनी बनी हुई है। इसके बाद क्रमशः एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, SBI, TCS, बजाज फाइनेंस, L&T, LIC और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान है।
बाज़ार की तेज़ी का संदर्भ
गौरतलब है कि यह तेज़ी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक बाज़ारों में अनिश्चितता बनी हुई है और घरेलू निवेशकों की धारणा में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। आँकड़ों के अनुसार, दूरसंचार और वित्तीय क्षेत्र की कंपनियों ने इस सप्ताह सबसे मज़बूत प्रदर्शन किया, जबकि आईटी और बुनियादी ढाँचे से जुड़ी कंपनियों पर दबाव रहा। आगामी सप्ताह में वैश्विक संकेत और घरेलू आर्थिक आँकड़े बाज़ार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।