5 जुलाई 2026
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बीसीसीआई को कीर्ति आजाद की चेतावनी: ओल्ड ट्रैफर्ड टी20 में डूरेक्स विज्ञापन पर संसद में उठाएंगे सवाल

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बीसीसीआई को कीर्ति आजाद की चेतावनी: ओल्ड ट्रैफर्ड टी20 में डूरेक्स विज्ञापन पर संसद में उठाएंगे सवाल

सारांश

ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत-इंग्लैंड टी20 के दौरान प्रसारित डूरेक्स विज्ञापन ने राजनीतिक विवाद छेड़ दिया है। TMC सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने 44 करोड़ दर्शकों — जिनमें लाखों बच्चे — के सामने ऐसे कंटेंट पर बीसीसीआई से जवाब माँगा है और संसद तक मामला ले जाने की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

TMC सांसद कीर्ति आजाद ने 5 जुलाई 2026 को ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत-इंग्लैंड दूसरे टी20 के दौरान डूरेक्स का विज्ञापन प्रसारित होने पर कड़ा एतराज जताया।
आजाद के अनुसार उस समय अनुमानित 44 करोड़ दर्शक मैच देख रहे थे, जिनमें 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चे भी शामिल थे।
उन्होंने बीसीसीआई से तत्काल जाँच की माँग की और ज़रूरत पड़ने पर इसे संसद में उठाने की चेतावनी दी।
आजाद ने शराब-तंबाकू विज्ञापन प्रतिबंध का हवाला देते हुए एडल्ट विज्ञापन की वैधता पर सवाल उठाया।
अब तक बीसीसीआई की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी कीर्ति आजाद ने 5 जुलाई 2026 को ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए भारत-इंग्लैंड दूसरे टी20 मैच के दौरान प्रसारित एक कथित एडल्ट विज्ञापन पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से इस मामले की तत्काल जाँच की माँग की है और चेतावनी दी है कि ज़रूरत पड़ी तो वे इसे संसद में उठाएंगे।

मुख्य घटनाक्रम

आजाद के अनुसार, मैच के दौरान ओवरों के बीच डूरेक्स ब्रांड का एक विज्ञापन प्रसारित हुआ, जिसे वे 'एडल्ट कंटेंट' की श्रेणी में रखते हैं। उन्होंने कहा कि उस समय अनुमानित 44 करोड़ दर्शक मैच देख रहे थे, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल थे। आजाद ने सीधे शब्दों में कहा, "यह एक एडल्ट विज्ञापन है। बच्चे अपने माता-पिता के साथ मैच देखते हैं। वे 16 साल से कम उम्र के बच्चे हैं। इस देश में क्रिकेट को धर्म माना जाता है।"

बच्चों पर असर की चिंता

पूर्व ऑलराउंडर ने तर्क दिया कि ऐसे विज्ञापन माता-पिता को असहज स्थिति में डाल देते हैं, जबकि बच्चे अनजाने में उनसे प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया, "माता-पिता को नहीं पता कि कहाँ देखना है, और बच्चे इसे नहीं समझते। वे पूछते हैं कि यह क्या है। इसका उनके दिमाग पर क्या असर होगा? यह एक बहुत बड़ा सवाल है, और बीसीसीआई को इसका जवाब देना चाहिए।"

शराब-तंबाकू बैन से तुलना

आजाद ने विज्ञापन की वैधता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, "शराब और सिगरेट के विज्ञापन प्रतिबंधित हैं, और होने भी चाहिए। तो एडल्ट विज्ञापन क्यों? और वह भी ओवरों के बीच। मैं इसकी वैधता पर बड़ा सवाल उठाता हूँ।" यह ऐसे समय में आया है जब भारत में खेल प्रसारण के दौरान विज्ञापन नियमन पहले से ही बहस का विषय रहा है।

सोशल मीडिया और संसद तक पहुँचाने की चेतावनी

आजाद ने मैच के दौरान ही सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने लिखा, "बच्चे ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच को लाइव देख रहे हैं। क्या यह शर्म की बात नहीं है कि स्क्रीन पर डूरेक्स का एक विज्ञापन आता है। बीसीसीआई इस पर ध्यान दे।"

बीसीसीआई से जवाब की माँग

पूर्व क्रिकेटर ने स्पष्ट किया कि उनकी पहली अपील बीसीसीआई से है कि वह इस मामले को गंभीरता से ले। उन्होंने कहा, "क्रिकेट बोर्ड को पहले इस मामले को देखना चाहिए। अगर ज़रूरत पड़ी, तो मैं इसे संसद में उठाऊंगा।" अब तक बीसीसीआई की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भारत में खेल प्रसारण के विज्ञापन नियमन की उस बड़ी खाई को उजागर करता है जिसे नीति-निर्माताओं ने अब तक नज़रअंदाज़ किया है। जब शराब और तंबाकू पर सख्त प्रतिबंध है, तो 'एडल्ट प्रोडक्ट' विज्ञापनों के लिए कोई स्पष्ट ढाँचा क्यों नहीं? बीसीसीआई का मौन इस सवाल को और गहरा करता है। यह मामला केवल एक सांसद की आपत्ति नहीं — यह प्रसारकों, बोर्ड और नियामकों के बीच जवाबदेही की अनुपस्थिति का लक्षण है।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओल्ड ट्रैफर्ड टी20 में किस विज्ञापन पर विवाद हुआ?
भारत-इंग्लैंड दूसरे टी20 मैच के दौरान ओवरों के बीच डूरेक्स ब्रांड का एक विज्ञापन प्रसारित हुआ, जिसे TMC सांसद कीर्ति आजाद ने 'एडल्ट कंटेंट' बताते हुए बच्चों के लिए अनुचित करार दिया।
कीर्ति आजाद ने बीसीसीआई से क्या माँग की है?
आजाद ने बीसीसीआई से इस मामले की तत्काल जाँच की माँग की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बोर्ड कार्रवाई नहीं करता, तो वे इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे।
आजाद ने इस विज्ञापन को क्यों आपत्तिजनक माना?
आजाद का तर्क है कि क्रिकेट मैच में अनुमानित 44 करोड़ दर्शक होते हैं, जिनमें 16 वर्ष से कम उम्र के बड़ी संख्या में बच्चे शामिल होते हैं। उनके अनुसार, ऐसे एडल्ट विज्ञापन माता-पिता को असहज करते हैं और बच्चों के मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।
क्या भारत में क्रिकेट प्रसारण के दौरान एडल्ट विज्ञापनों पर कोई नियम है?
भारत में शराब और तंबाकू के विज्ञापन खेल प्रसारण के दौरान प्रतिबंधित हैं। हालाँकि, एडल्ट उत्पादों के विज्ञापनों के लिए कोई स्पष्ट नियामक ढाँचा अभी तक सार्वजनिक रूप से परिभाषित नहीं है, जो इस विवाद की जड़ है।
बीसीसीआई ने इस विवाद पर क्या कहा?
5 जुलाई 2026 तक बीसीसीआई की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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