अभिषेक बनर्जी के घर CID छापेमारी पर कीर्ति आजाद का पलटवार: 'यह BJP का पुराना हथकंडा है'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कीर्ति आजाद ने 13 जून 2026 को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभिषेक बनर्जी के आवास पर CID की छापेमारी को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का 'पुराना तरीका' करार दिया और कहा कि यह कार्रवाई विपक्षी नेताओं को तोड़ने की सुनियोजित कोशिश है। उन्होंने इस मौके पर 'इंडिया' गठबंधन की एकजुटता, महंगाई, NEET पेपर लीक और आरजी कर मामले सहित कई अहम मुद्दों पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी।
अभिषेक बनर्जी के घर छापेमारी पर तीखी प्रतिक्रिया
कीर्ति आजाद ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के घर पर की गई CID छापेमारी BJP की उसी पुरानी रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत विपक्षी नेताओं को दबाव में लाकर तोड़ने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा, 'अभिषेक बनर्जी को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। मदन मित्रा की इनको आवश्यकता पड़ गई होगी। इनको सरकार चलाने से मतलब नहीं है।' आजाद के अनुसार, इस तरह की कार्रवाइयाँ असल मुद्दों — जैसे महंगाई और पेपर लीक — से ध्यान भटकाने का काम करती हैं।
वोट अंतर और 'इंडिया' गठबंधन की स्थिति
चुनावी आँकड़ों का हवाला देते हुए कीर्ति आजाद ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में BJP और 'इंडिया' ब्लॉक के बीच मात्र 30 लाख वोटों का अंतर था — BJP को 2 करोड़ 90 लाख और गठबंधन को 2 करोड़ 60 लाख वोट मिले। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि उस चुनाव में 3 लाख केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी, जबकि बंगाल विधानसभा चुनाव में 2.4 लाख केंद्रीय बलों को उतारा गया था। उनका दावा है कि जनता का मूड बदल चुका है और NDA में 'हाहाकार' मचा है, जिससे जल्द बड़ी टूट होगी।
महंगाई और NEET पेपर लीक पर निशाना
कीर्ति आजाद ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल और एलपीजी के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन सत्तारूढ़ पक्ष इस पर बात करने से बचता है। उन्होंने NEET पेपर लीक मामले को भी उठाया और कहा कि इस पर कोई जवाबदेही नहीं है। आजाद ने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा, 'BJP नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं।'
सुवेंदु अधिकारी और भ्रष्टाचार के आरोपों पर पलटवार
बंगाल के विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी के भ्रष्टाचार संबंधी बयान पर कीर्ति आजाद ने कहा कि भ्रष्टाचार की जाँच होनी चाहिए और दोषियों को पकड़ा जाना चाहिए, लेकिन उन्होंने पलटवार करते हुए सवाल उठाया कि अधिकारी के खिलाफ CBI द्वारा दर्ज मामले का क्या हुआ। यह बयान BJP की 'चुनिंदा जाँच' की नीति पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
आरजी कर मामले में फिर से जाँच की माँग
आरजी कर केस की फाइल दोबारा खोले जाने के सवाल पर कीर्ति आजाद ने स्पष्ट किया कि TMC ने कभी नहीं कहा कि जाँच नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'इस केस की जाँच फिर से होनी चाहिए। जो लोग दोषी हैं उन्हें सजा दी जानी चाहिए।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस मामले को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि CID की कार्रवाई और विपक्ष के तेवर बंगाल की राजनीति को किस दिशा में ले जाते हैं।